यूएई के तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला, विदेश मंत्रालय बोला — 'यह समुद्री डकैती के समान'
सारांश
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 4 मई 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने एक तेल टैंकर पर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को जिम्मेदार ठहराया और इसे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नियमों का सीधा उल्लंघन बताया। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग से व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' मिशन चला रहा था।
हमले का विवरण
यूएई की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के अनुसार, ओमान तट के निकट एमवी बाराकाह नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि हमले के समय जहाज खाली था और किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने पहले से ही तनावपूर्ण खाड़ी क्षेत्र में स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
यूएई विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उपयोग आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के औजार के रूप में करना