होर्मुज स्ट्रेट पार किया चीनी सुपरटैंकर 'युआन हुआ हू' ने, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ी खबर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के कच्चे तेल के सुपरटैंकर 'युआन हुआ हू' ने 13 मई 2025 को अमेरिका-ईरान तनाव के बीच संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज ईरान के लार्क द्वीप के पास से होकर दक्षिण दिशा में बढ़ते हुए जलडमरूमध्य से बाहर निकला।
कैसे हुई यह आवाजाही
शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, चीनी सुपरटैंकर 'युआन हुआ हू' खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलते हुए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा। जहाज बुधवार सुबह इस अस्थिर और संवेदनशील जलमार्ग से गुजरता हुआ देखा गया। यह पोत जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में स्थित ईरान के लार्क द्वीप के पास से गुजरा और दक्षिण दिशा में आगे बढ़ा।
पहले भी तीन टैंकरों ने पार किया था स्ट्रेट
केप्लर और एलएसईजी के शिपिंग डेटा के हवाले से 11 मई को यह बताया गया था कि तीन तेल टैंकरों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। इनमें से दो बहुत बड़े क्रूड कैरियर (वीएलसीसी) — एगियोस फैनोरियोस I और कियारा एम — 10 मई (रविवार) को स्ट्रेट से बाहर निकले, जिनमें से प्रत्येक में 20 लाख बैरल इराकी क्रूड ऑयल था।
वियतनाम जा रहा एगियोस फैनोरियोस I 17 अप्रैल को बसरा मीडियम क्रूड लोड करने के बाद दो पिछली कोशिशों में होर्मुज पार करने में नाकाम रहा था। हालाँकि ईरानी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के हवाले से दावा किया गया था कि माल्टा के झंडे वाले इस जहाज ने ईरान की मदद से होर्मुज स्ट्रेट पार किया।
होर्मुज पर अमेरिका-ईरान का तनाव
ईरान ने अपनी शर्तों का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद रखा है, जबकि अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर दी है। दोनों देशों के बीच शांति प्रस्ताव के अस्थिर रहने का एक बड़ा कारण यही जलमार्ग भी है। इस बीच इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए गए हैं।
चीनी जहाज पर हमला और बीजिंग की प्रतिक्रिया
4 मई को होर्मुज स्ट्रेट के पास 'जेवी इनोवेशन' नामक टैंकर को निशाना बनाया गया। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहा था, लेकिन इसका सीधा संबंध चीन से था। ड्रोन या मिसाइल हमले के बाद जहाज के डेक पर भीषण आग लग गई, जिसकी बीजिंग ने आधिकारिक पुष्टि भी की। यह हमला यूएई के 'मीना सकर' बंदरगाह के नज़दीक हुआ था और जहाज पर चीनी चालक दल मौजूद था।
इस हमले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि नागरिक जहाजों पर हमले किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह बयान बीजिंग की उस व्यापक चिंता को दर्शाता है जो होर्मुज के रास्ते उसकी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को लेकर बढ़ती जा रही है।
आगे क्या होगा
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है, जिसका भारत समेत दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव होगा। फिलहाल यह देखना होगा कि अमेरिका-ईरान वार्ता किस दिशा में जाती है।