अमिताभ बच्चन ने KBC 18 में खोला राज़: IFS अफसर बनना चाहते थे, सिर्फ 2 नंबर से बचे थे फेल होने से
सारांश
मुख्य बातें
अमिताभ बच्चन — बॉलीवुड के 'शहंशाह' — ने कौन बनेगा करोड़पति (KBC) सीजन 18 में एक ऐसा किस्सा साझा किया जो उनके लाखों प्रशंसकों के लिए नया था। उन्होंने बताया कि एक दौर में उनके मन में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में अफसर बनने का सपना था — लेकिन यह सपना कभी हकीकत नहीं बन सका। इससे भी दिलचस्प यह रहा कि कॉलेज में साइंस विषय में वे परीक्षा में फेल हो गए थे और बाद में 'अलाउड टू कीप टर्म' के ज़रिये महज़ 2 नंबर से पास हुए।
किस बात ने छेड़ी पुरानी यादें
शो में कंटेस्टेंट प्रगति कल्पेकर ने बताया कि वे आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं और IFS अधिकारी बनना उनका सपना है। प्रगति ने कहा, 'मैं IFS बनना चाहती हूँ क्योंकि इस नौकरी में मुझे देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि राजनयिकों को मैरून रंग का पासपोर्ट मिलता है, जिस पर 'राजनयिक' लिखा होता है। प्रगति की इस बात ने बिग बी को उनके अपने कॉलेज के दिनों में ले गई।
साइंस में हुई थी मुश्किल, एग्ज़ाम में फेल
अमिताभ ने बताया कि उनके पिता, प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन, चाहते थे कि वे ग्रेजुएशन ज़रूर पूरी करें। उन्होंने साइंस विषय चुना, लेकिन पहले ही लेक्चर में उन्हें अहसास हो गया कि यह राह आसान नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'पहले ही लेक्चर में मुझे ऐसा लगा जैसे स्कूल में दस साल में पढ़ी गई सारी चीज़ें एक साथ पढ़ाई जा रही हैं। मुझे लगा कि शायद मैंने साइंस लेकर गलती कर दी।' नतीजतन वे परीक्षा में फेल हो गए और बाद में 'अलाउड टू कीप टर्म' के ज़रिये केवल 2 नंबर से पास हो सके।
IFS का सपना और क्यों छोड़ा
अमिताभ ने खुलासा किया कि उस दौर में उनके मन में सिविल सर्विस परीक्षा देकर IFS में जाने का विचार आया था। लेकिन उन्होंने स्वयं माना कि उस समय उन्हें IFS के बारे में बहुत कम जानकारी थी। उन्होंने हँसते हुए कहा, 'मुझे इसका 'आई' तक नहीं आता था। इसलिए मैंने इस विचार को छोड़ दिया।' यह बयान दर्शकों के लिए हास्यपूर्ण भी था और विचारोत्तेजक भी — कि अगर हालात थोड़े अलग होते, तो भारत को एक अलग तरह का 'बिग बी' मिलता।
करियर की राह कैसे बनी
IFS और साइंस दोनों रास्ते बंद होने के बाद अमिताभ बच्चन ने अंततः अभिनय की दुनिया में कदम रखा और दशकों की मेहनत से वे बॉलीवुड के सबसे दीर्घजीवी और प्रभावशाली सितारों में शुमार हो गए। KBC जैसे शो ने उन्हें पर्दे पर एक नया आयाम दिया, जहाँ वे सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील मेज़बान के रूप में भी उभरे। यह किस्सा इस बात की याद दिलाता है कि जीवन में असफलताएँ और अधूरे सपने भी अक्सर एक बेहतर रास्ते की नींव रखते हैं।