बिलासपुर एयरपोर्ट पर एलायंस एयर फ्लाइट 9I-613 का टायर फटा, 41 यात्री-क्रू सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट पर 28 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब एलायंस एयर की फ्लाइट 9I-613 की लैंडिंग के दौरान विमान का बाईं ओर का टायर अचानक फट गया। दिल्ली से आ रहे इस विमान में सवार सभी 41 लोग — 37 यात्री और 4 चालक दल के सदस्य — सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
घटनाक्रम: रनवे पर क्या हुआ
अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही विमान के पहियों ने बिलासपुर हवाई अड्डे के रनवे को छुआ, उसी क्षण बाईं ओर का एक टायर जोरदार धमाके के साथ फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टायर फटने के बाद उसमें से चिंगारियाँ और हल्की आग दिखाई दी, जिससे विमान कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता हुआ आगे बढ़ा। इस दृश्य ने यात्रियों में दहशत फैला दी और कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
पायलट की सूझबूझ और आपातकालीन प्रतिक्रिया
टायर फटने के बावजूद पायलट ने विमान पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा और उसे सुरक्षित रूप से रनवे पर रोका। घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम तत्काल मौके पर पहुँच गई। इसके बाद सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को विमान से बाहर निकालकर बसों के माध्यम से टर्मिनल भवन तक पहुँचाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई।
उड़ान सेवाओं पर असर
तकनीकी खराबी के चलते बिलासपुर से प्रयागराज जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट को तत्काल रद्द कर दिया गया, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। फिलहाल विमान को तकनीकी जाँच के लिए रोक दिया गया है।
जाँच के आदेश
नागर विमानन के अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए हैं। एयरपोर्ट की तकनीकी और सुरक्षा टीम ने विमान का निरीक्षण शुरू कर दिया है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टायर तकनीकी खराबी, अत्यधिक दबाव या किसी अन्य कारण से फटा। नागर विमानन सुरक्षा एजेंसियाँ घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में आई है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में यात्रियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और रखरखाव मानकों पर निगरानी की माँग भी उठती रही है। जाँच रिपोर्ट के निष्कर्ष एलायंस एयर के परिचालन प्रोटोकॉल और विमान के रखरखाव की स्थिति पर प्रकाश डालेंगे।