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पुणे एयरपोर्ट पर लड़ाकू विमान की तकनीकी खराबी से उड़ान संचालन प्रभावित

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पुणे एयरपोर्ट पर लड़ाकू विमान की तकनीकी खराबी से उड़ान संचालन प्रभावित

सारांश

पुणे एयरपोर्ट पर एक लड़ाकू विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी ने उड़ान संचालन को बाधित कर दिया। इस घटना के कारण कई उड़ानें रद्द और डायवर्ट हुईं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

लड़ाकू विमान की तकनीकी खराबी ने उड़ान संचालन को प्रभावित किया।
रनवे को सुरक्षित रूप से खोलने के लिए प्रशासन ने तत्परता दिखाई।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने नाश्ते और पेय की व्यवस्था की।

पुणे, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शुक्रवार रात लगभग साढ़े दस बजे, पुणे एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण विमान रनवे पर रुक गया, जिससे पूरा रनवे अवरुद्ध हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन इसके चलते अन्य विमानों का संचालन प्रभावित हुआ।

एयरपोर्ट प्राधिकरण ने पहले सुबह पौने छह बजे तक रनवे बंद रखने का निर्देश जारी किया। बाद में, विमान को सुरक्षित तरीके से हटाने, उसकी जांच करने और मरम्मत के लिए इसे सुबह नौ बजे तक बढ़ा दिया गया। विमान को सुबह करीब पांच बजकर पैंतालीस मिनट पर रनवे से हटा लिया गया और उसके बाद सुरक्षा जांच पूरी होने पर रनवे को उड़ानों के लिए फिर से खोल दिया गया।

रनवे के बंद रहने के कारण सुबह साढ़े सात बजे से प्रस्थान उड़ानें और आठ बजे से आगमन उड़ानें प्रारंभ हुईं। इस घटना के कारण कई उड़ानों पर असर पड़ा, जिसमें कुल आठ उड़ानों को दूसरी जगह डायवर्ट किया गया, जिनमें इंडिगो की आठ, एयर इंडिया की एक, आकासा एयर की एक, और एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें शामिल थीं।

इसके साथ ही, कई उड़ानें रद्द भी हुईं। इंडिगो की 35 आगमन और 38 प्रस्थान उड़ानें रद्द की गईं। एयर इंडिया की तीन आगमन और तीन प्रस्थान, स्पाइसजेट की दो आगमन और तीन प्रस्थान, आकासा एयर की दो आगमन और तीन प्रस्थान, तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस की पांच आगमन और पांच प्रस्थान उड़ानें रद्द की गईं।

यात्रियों की सुविधा के लिए, एयरपोर्ट प्रशासन ने पीने का पानी, चाय, कॉफी और हल्के नाश्ते की व्यवस्था की। सीआईएसएफ और एएआई की टीमों ने यात्रियों का प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण का कार्य सुचारू रूप से किया।

सुबह आठ बजकर अट्ठावन मिनट पर मोपा से फ्लाई91 की उड़ान पहली आगमन उड़ान के रूप में लैंड हुई। सुबह नौ बजकर सत्रह मिनट पर दिल्ली जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान पहली प्रस्थान उड़ान के रूप में रवाना हुई। अब एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह से सामान्य हो गया है।

एयरलाइंस ने अपनी रद्द, विलंबित और डायवर्ट हुई उड़ानों के बारे में यात्रियों को सूचित किया और समन्वय स्थापित किया। इस घटना के कारण रातभर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य तेजी से पूरे किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसके पीछे सुरक्षा प्रबंधन की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी। प्रशासन ने तत्परता से कार्य किया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या लड़ाकू विमान के रुकने से सभी उड़ानें प्रभावित हुईं?
हां, लड़ाकू विमान के रुकने से कई उड़ानें रद्द और डायवर्ट की गईं।
क्या पायलट सुरक्षित हैं?
जी हां, दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए क्या व्यवस्था की?
एयरपोर्ट प्रशासन ने पीने का पानी, चाय, कॉफी और हल्के नाश्ते की व्यवस्था की।
उड़ानों के संचालन में कब सुधार हुआ?
सुबह साढ़े सात बजे से प्रस्थान उड़ानें और आठ बजे से आगमन उड़ानें प्रारंभ हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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