कोलकाता एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी: एयर इंडिया एक्सप्रेस की चेन्नई फ्लाइट 6 घंटे लेट, 170 यात्रियों ने किया हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, कोलकाता पर बुधवार, 12 अगस्त की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की चेन्नई-गामी उड़ान में तकनीकी खराबी के चलते करीब छह घंटे की देरी हुई और 170 यात्री एयरपोर्ट परिसर में ही विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए। उड़ान अंततः दोपहर 12 बजे रवाना हुई, जबकि उसका निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 6:30 बजे था।
मुख्य घटनाक्रम
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमान के उड़ान भरने से पहले ही उसमें तकनीकी खराबी का पता चल गया था। यात्रियों को बोर्डिंग पास पहले ही जारी किए जा चुके थे, बावजूद इसके उन्हें खराबी की जानकारी समय पर नहीं दी गई। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने तकनीकी खराबी की प्रकृति के बारे में कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया।
उड़ान के पुनः प्रस्थान की घोषणा सुबह 11:30 बजे के बाद की गई। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इतने कम समय में वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करना संभव नहीं था।
यात्रियों की शिकायतें
यात्रियों का आरोप था कि बोर्डिंग पास मिलने के बाद भी उन्हें तकनीकी खराबी की जानकारी देर से दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहने के दौरान न तो अधिकारियों ने उचित सहायता दी और न ही कोई वैकल्पिक प्रबंध किया। कुछ यात्रियों ने बताया कि इस लंबी देरी से उनके पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम बाधित हो गए। इस घटना ने यात्रियों के मन में विमान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए।
पृष्ठभूमि: एयर इंडिया की हालिया घटनाएँ
यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2379 से जुड़ी एक अन्य गंभीर घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। 4 अगस्त को फुकेट से नई दिल्ली आ रहे इस एयरबस A320 की उड़ान-ऊँचाई में अचानक करीब 300 फीट की गिरावट दर्ज की गई थी। उस विमान में 137 यात्री — जिनमें तीन बच्चे शामिल थे — और आठ क्रू सदस्य (दो पायलट व छह केबिन क्रू) सवार थे।
विमान के दिल्ली में सुरक्षित उतरने के बाद दोनों पायलटों की साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए अनिवार्य जाँच कराई गई। उस घटना में 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हुए थे, जिनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
विमानन सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में यात्री-सुरक्षा और परिचालन पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि तकनीकी खराबी की स्थिति में यात्रियों को समय पर सूचित करना और वैकल्पिक व्यवस्था करना एयरलाइनों की नियामकीय जिम्मेदारी है।
आगे क्या
फिलहाल एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से इस देरी पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विमानन नियामक संस्था की ओर से इस मामले में किसी जाँच की घोषणा भी अभी तक नहीं की गई है। यात्री अधिकार संगठनों से इस मुद्दे पर आवाज़ उठाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।