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'बच्चन' सरनेम की अनकही कहानी: अमिताभ ने बताया कैसे पिता हरिवंश राय ने जाति के खाने में लिखा 'बच्चन'

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'बच्चन' सरनेम की अनकही कहानी: अमिताभ ने बताया कैसे पिता हरिवंश राय ने जाति के खाने में लिखा 'बच्चन'

सारांश

एक स्कूल के प्रवेश फॉर्म में जाति के कॉलम में भरे गए एक शब्द ने बदल दी पूरी पहचान। KBC सीजन 18 में अमिताभ बच्चन ने बताया कि पिता हरिवंश राय ने जातिवाद को नकारते हुए 'बच्चन' को ही अपनी जाति घोषित किया — और इस तरह अमिताभ श्रीवास्तव बन गए अमिताभ बच्चन।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने KBC सीजन 18 में खुलासा किया कि 'बच्चन' सरनेम की शुरुआत सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल, प्रयागराज के प्रवेश फॉर्म से हुई।
पिता हरिवंश राय ने जाति के कॉलम में 'बच्चन' लिखा — जाति व्यवस्था के विरोध में एक प्रतीकात्मक कदम।
अमिताभ का जन्म के समय असली नाम अमिताभ श्रीवास्तव था; जन्म 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुआ।
हरिवंश राय बच्चन को 1976 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था; 'मधुशाला' उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है।
माँ तेजी बच्चन पंजाबी सिख परिवार से थीं और उन्होंने पति के नाटक में लेडी मैकबेथ की भूमिका निभाई थी।

बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने हाल ही में खुलासा किया कि उनके प्रसिद्ध सरनेम 'बच्चन' की जड़ें एक स्कूल के प्रवेश फॉर्म में भरे गए एक साहसी जवाब में छिपी हैं। यह दिलचस्प किस्सा कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 के एक एपिसोड के दौरान सामने आया, जब प्रयागराज से आई कंटेस्टेंट डॉ. जागृति से बातचीत के दौरान अमिताभ को अपने बचपन के दिन याद आ गए।

स्कूल के फॉर्म से बदली पहचान

अमिताभ ने बताया कि जब उनके माता-पिता उन्हें सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल, प्रयागराज में दाखिले के लिए ले गए, तो प्रवेश फॉर्म में एक कॉलम था — 'आपकी जाति क्या है?'। उनके पिता, प्रख्यात हिंदी कवि हरिवंश राय बच्चन, बचपन से ही जाति व्यवस्था के कट्टर विरोधी थे। उस क्षण उन्होंने जो निर्णय लिया, वह इतिहास बन गया।

अमिताभ के शब्दों में, हरिवंश राय ने फॉर्म में जाति के कॉलम में लिखा — 'बच्चन'। उन्होंने कहा, 'हमारी जाति बच्चन है।' इसी के साथ फॉर्म में पूरा नाम दर्ज हुआ — अमिताभ बच्चन। यह वह पल था जब एक काव्य-उपनाम, एक पारिवारिक पहचान और अंततः एक वैश्विक ब्रांड का जन्म हुआ।

जन्म के समय था अलग नाम

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में जन्मे अमिताभ का मूल नाम अमिताभ श्रीवास्तव था। हरिवंश राय स्वयं एक श्रीवास्तव परिवार से थे, लेकिन उन्होंने साहित्य में 'बच्चन' उपनाम अपनाया था। यह उपनाम उनकी काव्य-पहचान बन चुका था, और उस स्कूल फॉर्म के ज़रिए यह पूरे परिवार की स्थायी पहचान बन गया।

हरिवंश राय बच्चन: साहित्य के महानायक

हरिवंश राय बच्चन आधुनिक हिंदी साहित्य के स्तंभों में से एक थे। उनकी कालजयी रचना 'मधुशाला' आज भी हिंदी साहित्य की सबसे चर्चित कृतियों में गिनी जाती है। इसके अलावा 'मधुकलश', 'निशा निमंत्रण', 'सतरंगिनी', 'अग्निपथ' और 'जो बीत गई सो बात गई' जैसी रचनाओं ने उन्हें करोड़ों पाठकों के दिलों में स्थायी जगह दिलाई। 1976 में उन्हें हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने वीरता और देशभक्ति पर प्रभावशाली पंक्तियाँ भी लिखीं।

परिवार की पृष्ठभूमि

अमिताभ की माँ तेजी बच्चन का जन्म तेजी सूरी के नाम से लायलपुर, पंजाब (तत्कालीन ब्रिटिश भारत, अब पाकिस्तान) में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उन्होंने लाहौर में पढ़ाई की और मनोविज्ञान भी पढ़ा। लाहौर के एक कॉलेज कार्यक्रम में हरिवंश राय से मुलाकात हुई और 1941 में इलाहाबाद में दोनों ने विवाह किया। थिएटर की दीवानी तेजी ने अपने पति के शेक्सपियर के मैकबेथ के हिंदी रूपांतरण में लेडी मैकबेथ की भूमिका भी निभाई। इस दंपती के दो पुत्र हुए — अमिताभ और उनके छोटे भाई अजिताभ बच्चन

अमिताभ का सिनेमाई सफर

अमिताभ बच्चन ने फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। 70 के दशक के अंत और 80 के दशक की शुरुआत में 'जंजीर', 'दीवार', 'त्रिशूल' और 'काला पत्थर' जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊँचाई दी और उन्हें 'एंग्री यंग मैन' की छवि से भारतीय सिनेमा का मेगास्टार बना दिया। निजी जीवन में उन्होंने बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री जया बहादुरी से विवाह किया, जो विवाह के बाद जया बच्चन के नाम से जानी जाती हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब जाति-आधारित पहचान पर बहस एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है — और अमिताभ का यह किस्सा दशकों पहले एक कवि के साहसिक निर्णय की प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी खाने में भरे शब्द 'बच्चन' ने आज एक ऐसी पहचान बना ली है जो खुद एक 'ब्रांड जाति' बन चुकी है। जब देश में जाति-जनगणना और आरक्षण की बहस तेज़ है, तब यह किस्सा याद दिलाता है कि पहचान को परिभाषित करने की ताकत कभी-कभी एक कलम की नोक में होती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन का असली नाम क्या था?
जन्म के समय अमिताभ बच्चन का नाम अमिताभ श्रीवास्तव था। उनके पिता हरिवंश राय श्रीवास्तव परिवार से थे, लेकिन उन्होंने साहित्यिक उपनाम 'बच्चन' अपनाया और स्कूल प्रवेश फॉर्म में इसे पारिवारिक सरनेम के रूप में दर्ज किया।
'बच्चन' सरनेम कैसे पड़ा?
जब हरिवंश राय अमिताभ को सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल, प्रयागराज में दाखिल कराने गए, तो फॉर्म में जाति का कॉलम देख उन्होंने जाति व्यवस्था के विरोध में वहाँ 'बच्चन' लिख दिया। इसी के साथ पूरा नाम 'अमिताभ बच्चन' दर्ज हुआ और यह सरनेम परिवार की स्थायी पहचान बन गया।
हरिवंश राय बच्चन कौन थे और उनकी प्रमुख रचनाएँ कौन सी हैं?
हरिवंश राय बच्चन आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि थे, जिन्हें 'मधुशाला', 'मधुकलश', 'अग्निपथ' और 'निशा निमंत्रण' जैसी रचनाओं के लिए जाना जाता है। 1976 में उन्हें हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
यह खुलासा कहाँ और कब हुआ?
यह खुलासा कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 के एक एपिसोड के दौरान हुआ, जब प्रयागराज से आई कंटेस्टेंट डॉ. जागृति से बातचीत में अमिताभ को सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल का साझा जुड़ाव याद आया और उन्होंने यह किस्सा साझा किया।
अमिताभ बच्चन की माँ तेजी बच्चन कौन थीं?
तेजी बच्चन का जन्म तेजी सूरी के नाम से लायलपुर, पंजाब (तत्कालीन ब्रिटिश भारत) में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उन्होंने 1941 में हरिवंश राय से विवाह किया और थिएटर में भी सक्रिय रहीं — पति के मैकबेथ के हिंदी रूपांतरण में लेडी मैकबेथ की भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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