12 अगस्त 2026
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अमिताभ बच्चन ने मां तेजी बच्चन को जन्मदिन पर किया याद — 'दिल में बसी एक पूरी विशाल दुनिया'

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अमिताभ बच्चन ने मां तेजी बच्चन को जन्मदिन पर किया याद — 'दिल में बसी एक पूरी विशाल दुनिया'

सारांश

अमिताभ बच्चन ने माँ तेजी बच्चन की जयंती पर ब्लॉग और एक्स पर लिखा — 'जिनकी छवि हृदय में सदा रही हो, उसे यहाँ कैसे अंकित किया जा सकता है।' 12 अगस्त 1914 को जन्मी तेजी थिएटर कलाकार और साहित्यिक हस्ती थीं, जिनका प्रभाव बच्चन परिवार पर आज भी गहरा है।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने 12 अगस्त 2026 को माँ तेजी बच्चन की जयंती पर ब्लॉग और एक्स पर भावुक पोस्ट साझा की।
अमिताभ ने तेजी को 'प्रेरणा, हौसले और सब्र की मिसाल' बताया; तस्वीर न लगाने के पीछे लिखा — 'जिनकी छवि हृदय में सदा रही हो, उसे यहाँ कैसे अंकित किया जा सकता है।' तेजी बच्चन का जन्म 12 अगस्त 1914 को हुआ था; उन्होंने 1941 में कवि हरिवंश राय बच्चन से विवाह किया।
वे थिएटर कलाकार थीं और शेक्सपियर के 'मैकबेथ' के हिंदी रूपांतरण में भी भूमिका निभाई थी।
तेजी बच्चन का निधन 21 दिसंबर 2007 को मुंबई में 93 वर्ष की आयु में हुआ।

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने 12 अगस्त 2026 को अपनी माँ तेजी बच्चन की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने ब्लॉग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विशेष पोस्ट साझा करते हुए माँ को 'प्रेरणा, हौसले और सब्र की मिसाल' बताया। यह भावनात्मक श्रद्धांजलि लाखों प्रशंसकों के दिलों को छू गई।

क्या लिखा अमिताभ ने

अमिताभ ने बुधवार सुबह अपने ब्लॉग पर लिखा, '12 अगस्त, मां का जन्म दिवस! हमारी प्रेरणा, हमारा मनोबल!' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस अवसर पर माँ की कोई तस्वीर साझा क्यों नहीं की। उनके शब्द थे, 'तस्वीर नहीं लगाएंगे। क्यूंकि जिनकी छवि हृदय में सदा रही हो, उसे यहां कैसे अंकित किया जा सकता है।'

एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'टी 5823 — 12 अगस्त, मां का जन्मदिन! प्रेरणा, हौसले और सब्र की मिसाल। दिल में हमेशा बसी एक पूरी विशाल दुनिया।' यह संक्षिप्त किंतु गहरा संदेश उनके माँ के प्रति असीम प्रेम को दर्शाता है।

तेजी बच्चन: एक परिचय

तेजी बच्चन का जन्म 12 अगस्त 1914 को हुआ था। उन्होंने 1941 में प्रख्यात हिंदी कवि हरिवंश राय बच्चन से विवाह किया। वे साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में एक जानी-मानी हस्ती थीं और थिएटर कलाकार के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने कई मंच नाटकों में भाग लिया, जिनमें शेक्सपियर के नाटक 'मैकबेथ' का हिंदी रूपांतरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

तेजी बच्चन अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन की माँ थीं। जहाँ अमिताभ ने हिंदी सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी, वहीं अजिताभ ने फिल्म उद्योग से दूर रहकर व्यापार जगत में अपना करियर बनाया।

निधन और विरासत

तेजी बच्चन का निधन 21 दिसंबर 2007 को मुंबई में 93 वर्ष की आयु में हुआ। गौरतलब है कि उनका निधन उनके पोते अभिषेक बच्चन और बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के विवाह के कुछ ही महीनों बाद हुआ था। बच्चन परिवार में उनकी उपस्थिति और मूल्यों की झलक आज भी अमिताभ की जीवनशैली और विचारों में स्पष्ट दिखती है।

प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

अमिताभ की इस भावुक पोस्ट पर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की ओर से व्यापक प्रतिक्रिया आई। लोगों ने तेजी बच्चन को श्रद्धांजलि देते हुए अमिताभ के संदेश की भावनात्मक गहराई की सराहना की। यह वार्षिक स्मरण इस बात का प्रमाण है कि अमिताभ अपनी माँ की विरासत को किस गहराई से संजोए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अमिताभ का तस्वीर न लगाने का चुनाव खुद एक बयान है। तेजी बच्चन का थिएटर और साहित्य से जुड़ाव अमिताभ की कलात्मक संवेदनशीलता की जड़ों को समझने की कुंजी है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने माँ की जयंती पर क्या लिखा?
अमिताभ ने एक्स पर लिखा — 'टी 5823 — 12 अगस्त, मां का जन्मदिन! प्रेरणा, हौसले और सब्र की मिसाल। दिल में हमेशा बसी एक पूरी विशाल दुनिया।' ब्लॉग पर उन्होंने यह भी बताया कि तस्वीर इसलिए नहीं लगाई क्योंकि माँ की छवि उनके हृदय में सदा बसी है।
तेजी बच्चन का निधन कब हुआ?
तेजी बच्चन का निधन 21 दिसंबर 2007 को मुंबई में 93 वर्ष की आयु में हुआ। यह उनके पोते अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन के विवाह के कुछ ही महीनों बाद हुआ था।
तेजी बच्चन का थिएटर से क्या संबंध था?
तेजी बच्चन एक सक्रिय थिएटर कलाकार थीं जिन्होंने कई मंच नाटकों में भाग लिया। उनकी उल्लेखनीय प्रस्तुतियों में शेक्सपियर के नाटक 'मैकबेथ' का हिंदी रूपांतरण भी शामिल था।
अमिताभ बच्चन ने माँ की जयंती पर तस्वीर क्यों नहीं लगाई?
अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर इसका कारण बताया — 'जिनकी छवि हृदय में सदा रही हो, उसे यहाँ कैसे अंकित किया जा सकता है।' यह उनकी माँ के प्रति गहरी आंतरिक भावना का प्रतीक है।
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