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अमिताभ बच्चन ने मोतीलाल, गीता बाली, सावित्री को किया नमन — 'उन्होंने परफॉर्म किया, अभिनय नहीं'

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अमिताभ बच्चन ने मोतीलाल, गीता बाली, सावित्री को किया नमन — 'उन्होंने परफॉर्म किया, अभिनय नहीं'

सारांश

महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में सहज अभिनय की कला पर गहरा चिंतन साझा किया और मोतीलाल, गीता बाली व सावित्री को नमन किया। उनका कहना था — ये कलाकार अभिनय नहीं करते थे, जीते थे। पाँच दशकों के अनुभव से उपजा यह संदेश आज के सिनेमा के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने 16 सितंबर को अपने ब्लॉग पर सहज अभिनय की कला पर विचार साझा किए।
उन्होंने मोतीलाल , गीता बाली और सावित्री को स्वाभाविक प्रतिभा के प्रतीक के रूप में याद किया।
बच्चन ने लिखा — 'उन्होंने अभिनय नहीं किया, बल्कि परफॉर्म किया' और इसीलिए उन्हें अपार प्यार मिला।
उन्होंने 'सहजता' को जीवन और कला दोनों की नींव बताया, बड़ी-बड़ी घोषणाओं को अप्रभावी करार दिया।
महानायक इन दिनों 'कौन बनेगा करोड़पति-20' (KBC-20) की मेज़बानी कर रहे हैं।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर सहज अभिनय की दुर्लभ कला को लेकर गहरे विचार साझा किए और दिवंगत कलाकारों मोतीलाल, गीता बाली तथा सावित्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 16 सितंबर को प्रकाशित इस ब्लॉग पोस्ट में बच्चन ने लिखा कि ये कलाकार कभी 'अभिनय' नहीं करते थे, बल्कि 'परफॉर्म' करते थे — और यही उनकी असली पहचान थी।

सहजता पर चिंतन

अमिताभ ने अपने ब्लॉग की शुरुआत एक दार्शनिक टिप्पणी से की। उन्होंने लिखा, 'थोड़ा चिंतन कभी भी बुरा नहीं होता। कई विचार मन में आते हैं, काम से जुड़े और कई दूसरे भी, लेकिन तब वे ज्यादा असरदार होते हैं जब आप अपने स्वभाव में सहजता लाते हैं।' उनके इस विचार में एक सूक्ष्म संदेश था — कि बड़े-बड़े दावे और घोषणाएँ असर नहीं करतीं, सहजता करती है।

उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'अक्सर किसी पल को बेहतर बनाने के लिए की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएं, मेरे हिसाब से कभी काम नहीं करतीं। आज के समय में सहजता से अपनी बात कहना ही सही तरीका है। आखिर क्या हम रोज अपनी दिनचर्या में कोई घोषणा करते हैं या सहज रहते हैं — मैं कहूंगा कि सहजता ही सभी चीजों की नींव है।'

मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को श्रद्धांजलि

ब्लॉग के केंद्रीय हिस्से में अमिताभ बच्चन ने उन कलाकारों को याद किया जिन्होंने बिना किसी दिखावे के अपनी कला को जीया। उन्होंने लिखा, 'जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं और उनके चाहने वाले भी बहुत होते हैं।' उन्होंने मोतीलाल जी, गीता बाली और सावित्री को तुरंत ध्यान में आने वाले नामों के रूप में उद्धृत किया।

महानायक ने कहा, 'उन्होंने अभिनय नहीं किया, बल्कि परफॉर्म किया और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।' गौरतलब है कि मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग के वे स्तंभ हैं जिनकी स्वाभाविक अदाकारी आज भी फिल्म-अध्येताओं के बीच चर्चा का विषय बनती है।

सहज अभिनय की दुर्लभ कला

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में ओवर-एक्टिंग और कृत्रिम प्रस्तुति को लेकर दर्शकों और आलोचकों के बीच बहस छिड़ी हुई है। अमिताभ बच्चन का यह चिंतन परोक्ष रूप से उस बहस में एक वरिष्ठ और अनुभवी आवाज़ जोड़ता है। पाँच दशकों से अधिक के करियर में खुद बच्चन ने भी 'दीवार', 'शोले', 'पा' और 'पिंक' जैसी फिल्मों में इसी सहजता का परिचय दिया है।

अमिताभ सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सक्रिय रहते हैं और अपने ब्लॉग के ज़रिए कला, जीवन-दर्शन और सिनेमा पर अपने विचार साझा करते रहते हैं। उनके ये ब्लॉग पोस्ट अक्सर उनके लाखों प्रशंसकों के बीच व्यापक चर्चा का विषय बनते हैं।

KBC-20 में व्यस्त हैं महानायक

पेशेवर मोर्चे पर अमिताभ बच्चन इन दिनों क्विज़ रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति-20' (KBC-20) की मेज़बानी कर रहे हैं। यह शो ब्रिटिश फ्रेंचाइज़ी 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और उन्हें चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनना होता है। कठिन सवालों पर प्रतियोगियों को लाइफलाइन की सुविधा भी मिलती है।

दशकों से KBC की मेज़बानी करते हुए बच्चन ने खुद इस शो को एक सांस्कृतिक पहचान दी है — और शायद यही उनके ब्लॉग में वर्णित 'सहजता' का सबसे बड़ा प्रमाण भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गीता बाली और सावित्री का ज़िक्र करना दरअसल उस 'ऑर्गेनिक अभिनय' की माँग है जो आज के ओटीटी और मल्टीप्लेक्स युग में तेज़ी से दुर्लभ होती जा रही है। विडंबना यह है कि जो महानायक सहजता की वकालत कर रहे हैं, उन्होंने खुद अपने करियर में 'एंग्री यंग मैन' से लेकर 'पिंक' तक इसी कला को जिया है — इसलिए यह संदेश और भी विश्वसनीय बन जाता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे सेलिब्रिटी पोस्ट की तरह देखती है, लेकिन असल में यह भारतीय सिनेमा के बदलते सौंदर्यशास्त्र पर एक वरिष्ठ कलाकार की बेबाक राय है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में किन कलाकारों को याद किया?
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद किया। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा थी, जिसने उन्हें दर्शकों का अपार प्यार और सम्मान दिलाया।
अमिताभ बच्चन ने सहज अभिनय के बारे में क्या कहा?
अमिताभ बच्चन ने कहा कि जो कलाकार सहजता से अभिनय करते हैं, वही सबसे ज़्यादा पसंद किए जाते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि बड़ी-बड़ी घोषणाएँ कभी काम नहीं करतीं और सहजता ही सभी चीज़ों की नींव है।
अमिताभ बच्चन इन दिनों किस शो में नज़र आ रहे हैं?
अमिताभ बच्चन इन दिनों 'कौन बनेगा करोड़पति-20' (KBC-20) की मेज़बानी कर रहे हैं। यह ब्रिटिश शो 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है, जिसमें प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को भारतीय सिनेमा में क्यों याद किया जाता है?
मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग के प्रतिष्ठित कलाकार हैं, जिन्हें उनके स्वाभाविक और बनावटरहित अभिनय के लिए जाना जाता है। अमिताभ बच्चन के अनुसार, इन्होंने 'अभिनय नहीं किया, बल्कि परफॉर्म किया' — और यही उनकी विरासत की असली पहचान है।
अमिताभ बच्चन का ब्लॉग कब प्रकाशित हुआ?
यह ब्लॉग पोस्ट 16 सितंबर को प्रकाशित हुई, जिसमें महानायक ने सहज अभिनय, जीवन में सहजता के महत्व और दिवंगत कलाकारों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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