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अमिताभ बच्चन ने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को किया याद — 'उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया'

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अमिताभ बच्चन ने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को किया याद — 'उन्होंने अभिनय नहीं, परफॉर्म किया'

सारांश

महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में एक दुर्लभ बात कही — असली अभिनय वह होता है जो दिखता नहीं। मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद करते हुए उन्होंने सहजता को कला की सबसे बड़ी नींव बताया। यह चिंतन डिजिटल युग की बनावटी प्रस्तुतियों पर एक शांत लेकिन तीखी टिप्पणी है।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने 16 सितंबर 2026 को ब्लॉग पोस्ट में सहज अभिनय की कला पर विचार साझा किए।
उन्होंने मोतीलाल , गीता बाली और सावित्री को याद करते हुए कहा कि इन कलाकारों ने 'अभिनय नहीं किया, परफॉर्म किया।' अमिताभ का मानना है कि सहजता ही अभिनय और जीवन — दोनों की सबसे बड़ी नींव है।
बड़ी-बड़ी घोषणाओं की बजाय सहज अभिव्यक्ति को उन्होंने आज के दौर में अधिक प्रभावशाली बताया।
इन दिनों वे 'कौन बनेगा करोड़पति-20' की मेज़बानी कर रहे हैं, जो अपने 20वें सीज़न में है।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के ज़रिए सहज अभिनय की दुर्लभ कला पर गहरे विचार साझा किए और दिग्गज कलाकारों मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को श्रद्धापूर्वक याद किया। 16 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर प्रकाशित इस ब्लॉग पोस्ट में उन्होंने कहा कि ये कलाकार 'अभिनय करते नहीं दिखते थे, बल्कि परफॉर्म करते थे' — और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।

सहजता पर अमिताभ का चिंतन

अमिताभ ने अपनी पोस्ट की शुरुआत एक दार्शनिक टिप्पणी से की। उन्होंने लिखा, 'थोड़ा चिंतन कभी भी बुरा नहीं होता। कई विचार मन में आते हैं, काम से जुड़े और कई दूसरे भी — लेकिन तब वे ज़्यादा असरदार होते हैं जब आप अपने स्वभाव में सहजता लाते हैं।' उनका यह कथन उनके करियर के पाँच दशकों से अर्जित उस अनुभव की झलक देता है, जिसमें उन्होंने खुद को लगातार बदलते और परिष्कृत करते देखा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बड़ी-बड़ी घोषणाओं से किसी पल को बेहतर नहीं बनाया जा सकता। उनके शब्दों में, 'अक्सर किसी पल को बेहतर बनाने के लिए की गई बड़ी-बड़ी घोषणाएँ, मेरे हिसाब से कभी काम नहीं करतीं। आज के समय में सहजता से अपनी बात कहना ही सही तरीका है।'

मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को श्रद्धांजलि

ब्लॉग के मुख्य भाग में अमिताभ बच्चन ने हिंदी और तेलुगु सिनेमा के उन दिग्गजों को याद किया, जो पर्दे पर कभी 'एक्टिंग करते' नहीं दिखे। उन्होंने लिखा, 'जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज़्यादा पसंद किए जाते हैं और उनके चाहने वाले भी बहुत होते हैं।'

उन्होंने मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री का नाम लेते हुए कहा, 'उन्होंने अभिनय नहीं किया, बल्कि परफॉर्म किया — और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।' यह टिप्पणी इन तीनों कलाकारों की उस विरासत को रेखांकित करती है जो आज भी सिनेमाई चर्चाओं में ज़िंदा है। गौरतलब है कि मोतीलाल को हिंदी सिनेमा का पहला 'नैचुरल एक्टर' माना जाता था, जबकि सावित्री तेलुगु सिनेमा की महानायिका रही हैं।

बनावटी प्रस्तुति से परहेज़

अमिताभ का यह चिंतन ऐसे समय में आया है जब डिजिटल युग में ओवर-द-टॉप परफॉर्मेंस और आर्टिफिशियल इमोशन को लेकर बहस तेज़ है। उनका मानना है कि दर्शक सहजता को तुरंत पहचान लेते हैं — और बनावटीपन को भी। उन्होंने लिखा, 'आखिर क्या हम रोज़ अपनी दिनचर्या में कोई घोषणा करते हैं या सहज रहते हैं — मैं कहूँगा कि सहजता ही सभी चीजों की नींव है।' यह विचार न केवल अभिनय, बल्कि जीवन के हर पहलू पर लागू होता है।

KBC-20 में व्यस्त हैं बिग बी

इन दिनों अमिताभ बच्चन क्विज़ रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति-20' की मेज़बानी कर रहे हैं, जो ब्रिटिश शो 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है। इस शो में प्रतियोगियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और ज़रूरत पड़ने पर लाइफलाइन की सुविधा भी दी जाती है। शो की लोकप्रियता का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि यह अपने 20वें सीज़न में पहुँच चुका है और अमिताभ इसके प्रत्येक सीज़न का अभिन्न चेहरा बने हुए हैं।

उनका यह ब्लॉग एक बार फिर यह साबित करता है कि सिनेमा के प्रति उनकी सोच कितनी गहरी और परिपक्व है — और वे भविष्य की पीढ़ियों को दिग्गजों की विरासत से जोड़ने का काम बखूबी कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ ओटीटी और सोशल मीडिया ने 'परफॉर्मेंस' को अक्सर 'ओवर-परफॉर्मेंस' में बदल दिया है। मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री का नाम लेना मात्र नॉस्टेल्जिया नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए एक अघोषित पाठ्यक्रम है। यह ऐसे समय में आया है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार कंटेंट और डिजिटल इफेक्ट्स पर निर्भरता बढ़ रही है — और स्वाभाविकता का मूल्य घटता जा रहा है। पाँच दशकों का अनुभव रखने वाले अमिताभ का यह संदेश उन युवा अभिनेताओं के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जो तकनीक पर अभिनय से ज़्यादा भरोसा करते हैं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में किन कलाकारों को याद किया?
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मोतीलाल, गीता बाली और सावित्री को याद किया। उन्होंने कहा कि इन कलाकारों ने अभिनय नहीं किया बल्कि परफॉर्म किया, और उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान मिला।
अमिताभ बच्चन ने सहज अभिनय के बारे में क्या कहा?
अमिताभ ने लिखा कि जिन अभिनेताओं में बिना अभिनय के अभिनय करने की स्वाभाविक प्रतिभा होती है, वही सबसे ज़्यादा पसंद किए जाते हैं। उनका मानना है कि सहजता ही सभी चीज़ों की नींव है और बनावटी प्रस्तुति कभी काम नहीं करती।
अमिताभ बच्चन इन दिनों किस शो में नज़र आ रहे हैं?
अमिताभ बच्चन इन दिनों 'कौन बनेगा करोड़पति-20' की मेज़बानी कर रहे हैं, जो ब्रिटिश शो 'हू वांट्स टू बी अ मिलियनेयर?' का हिंदी संस्करण है। यह शो अपने 20वें सीज़न में है।
मोतीलाल को हिंदी सिनेमा में क्यों याद किया जाता है?
मोतीलाल को हिंदी सिनेमा के पहले 'नैचुरल एक्टर' के रूप में जाना जाता है। उनकी अभिनय शैली इतनी स्वाभाविक थी कि दर्शकों को कभी यह नहीं लगा कि वे अभिनय देख रहे हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी।
अमिताभ बच्चन ब्लॉग पर क्या साझा करते हैं?
अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग पर नियमित रूप से अभिनय, जीवन-दर्शन, फिल्मों और व्यक्तिगत अनुभवों पर विचार साझा करते हैं। 16 सितंबर 2026 की पोस्ट में उन्होंने सहज अभिनय और दिग्गज कलाकारों की विरासत पर चिंतन किया।
राष्ट्र प्रेस
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