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अमिताभ बच्चन का संघर्ष: 'लोग कहते थे एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता, घर जाओ'

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अमिताभ बच्चन का संघर्ष: 'लोग कहते थे एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता, घर जाओ'

सारांश

महानायक अमिताभ बच्चन ने KBC सीजन-18 में खुलासा किया कि शुरुआती दौर में लोग उन्हें कहते थे — 'एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता, घर जाओ।' एक बार सेट पर देर से पहुँचने पर डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म से ही बाहर कर दिया था। पाँच दशकों के सफर में यही अस्वीकृति उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने KBC सीजन-18 के एक विशेष एपिसोड में अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को साझा किया।
उन्हें शुरुआत में कहा गया था — 'एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता, बहुत लंबे हो, अपने घर जाओ।' एक बार सेट पर देर से पहुँचने पर डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया था।
बच्चन का सिनेमा से पहला जुड़ाव 1969 में मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' में वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के रूप में हुआ था।
इस एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन सहित चार खिलाड़ी मेहमान थे।

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने क्विज़ रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन-18' के एक विशेष एपिसोड में अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को खुलकर साझा किया। इस एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन, जसवंत कुमार, शर्मिला धनकर और अस्मिता डे मेहमान के तौर पर शामिल थीं। बच्चन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में पाँव जमाने से पहले उन्हें कड़ी आलोचनाओं और बार-बार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा था।

जब कहा गया — 'एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता'

शो के दौरान अस्मिता ने बच्चन से पूछा कि क्या एक्टर्स को भी फिल्म सेट पर डायरेक्टर्स से डांट सुननी पड़ती है, जैसे एथलीट्स को ट्रेनिंग में कोच से मिलती है। इस पर अमिताभ बच्चन ने कहा, 'हमको बड़ी डांटे पड़ती थीं, शुरू-शुरू में तो लोग बोलते थे कि तुमको तो एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ आता ही नहीं, बहुत लंबे हो अपने घर जाओ।' उनकी यह स्वीकारोक्ति उपस्थित मेहमानों और दर्शकों दोनों को भावुक कर गई।

देर से सेट पहुँचे तो फिल्म से ही निकाल दिया

बच्चन ने एक और किस्सा साझा किया जब काम मिलने के बावजूद मुश्किलें कम नहीं हुईं। उन्होंने बताया, 'आमतौर हममें से सभी समय पर पहुंचने का प्रयास करते हैं, लेकिन एक बार मुझे पहुंचने में देर हो गई। सेट के बाहर डायरेक्टर खड़े थे और हम किसी और की गाड़ी लेकर पहुंचे, तब हमारे पास नहीं हुआ करती थी। सेट पर हम जैसे ही पहुंचे, तो डायरेक्टर ने हमें फिल्म से ही निकाल दिया था।' यह प्रसंग दर्शाता है कि शुरुआती दौर में उन्हें किस हद तक अपमान और निराशा झेलनी पड़ी।

पाँच दशकों का सफर — वॉइस आर्टिस्ट से महानायक तक

अमिताभ बच्चन पिछले पाँच दशकों से भी अधिक समय से भारतीय मनोरंजन उद्योग का अभिन्न हिस्सा हैं। सिनेमा से उनका पहला नाता अभिनय से नहीं, बल्कि एक वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के रूप में हुआ था। 1969 में उन्होंने निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' में अपनी विशिष्ट बैरिटोन आवाज़ दी, जो भारत के पैरेलल सिनेमा आंदोलन की एक महत्वपूर्ण कृति बन गई।

संघर्ष से प्रेरणा — एथलीट्स और कलाकारों की साझी कहानी

यह ऐसे समय में आया है जब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की विजेता लवलीना बोरगोहेन जैसी खिलाड़ियाँ भी अपने संघर्ष के किस्से साझा कर रही हैं। गौरतलब है कि बच्चन का यह अनुभव एथलीट्स की उस यात्रा से मेल खाता है, जहाँ असफलता और अस्वीकृति ही आगे बढ़ने की नींव बनती है। KBC का यह एपिसोड इस दृष्टि से विशेष रहा कि दो अलग-अलग क्षेत्रों के संघर्षों को एक मंच पर रखा गया।

आगे क्या

'कौन बनेगा करोड़पति सीजन-18' का यह विशेष एपिसोड जल्द ही प्रसारित होने वाला है। अमिताभ बच्चन की यह बेबाकी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है जो अपने सपनों को पूरा करने की राह में रुकावटों से जूझ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी को बाद में अपनी शर्तों पर बदल दिया। KBC जैसे मंच पर एथलीट्स के साथ इन अनुभवों को साझा करना एक सोचा-समझा संदेश है — असफलता की कहानियाँ, सफलता की कहानियों जितनी ही ज़रूरी हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'महानायक की विनम्रता' तक सीमित रहती है, लेकिन असली बात यह है कि पाँच दशक बाद भी बच्चन उस अस्वीकृति को याद रखते हैं — जो बताता है कि रिजेक्शन का ज़ख्म कितना गहरा होता है, चाहे आप कितने भी बड़े हो जाएँ।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने KBC में अपने संघर्ष के बारे में क्या बताया?
अमिताभ बच्चन ने बताया कि शुरुआती दिनों में लोग उन्हें कहते थे कि 'एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता, बहुत लंबे हो, अपने घर जाओ।' उन्होंने यह भी बताया कि एक बार सेट पर देर से पहुँचने पर डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म से ही बाहर कर दिया था।
KBC सीजन-18 के इस विशेष एपिसोड में कौन-कौन शामिल थे?
इस विशेष एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन, जसवंत कुमार, शर्मिला धनकर और अस्मिता डे मेहमान के तौर पर शामिल थीं। अस्मिता डे ने ही बच्चन से डायरेक्टर की डांट वाला सवाल पूछा था।
अमिताभ बच्चन का फिल्मों से पहला जुड़ाव कैसे हुआ था?
अमिताभ बच्चन का सिनेमा से पहला जुड़ाव एक्टिंग से नहीं, बल्कि वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के रूप में हुआ था। 1969 में उन्होंने मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' में अपनी बैरिटोन आवाज़ दी, जो भारतीय पैरेलल सिनेमा की एक महत्वपूर्ण कृति बनी।
अमिताभ बच्चन को शुरुआत में किस बात के लिए अस्वीकार किया गया था?
बच्चन के अनुसार, उन्हें शुरुआत में यह कहकर अस्वीकार किया गया था कि वे अभिनय के लिए बहुत लंबे हैं और उन्हें अभिनय नहीं आता। यह उस दौर की बात है जब बॉलीवुड में 'स्टार-मटेरियल' की परिभाषा बेहद सीमित थी।
क्या अमिताभ बच्चन को किसी फिल्म से निकाला गया था?
हाँ, बच्चन ने खुद बताया कि एक बार सेट पर देर से पहुँचने पर डायरेक्टर ने उन्हें उसी फिल्म से बाहर कर दिया था। उस समय उनके पास अपनी गाड़ी नहीं थी और वे किसी और की गाड़ी से पहुँचे थे।
राष्ट्र प्रेस
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