2 अक्टूबर 2026
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KBC-18 में अमिताभ बच्चन ने की कोलकाता पार्क स्ट्रीट की तारीफ, बोले- 'विश्व में कहीं नहीं देखी ऐसी जगह'

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KBC-18 में अमिताभ बच्चन ने की कोलकाता पार्क स्ट्रीट की तारीफ, बोले- 'विश्व में कहीं नहीं देखी ऐसी जगह'

सारांश

KBC-18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने कोलकाता की पार्क स्ट्रीट को श्रद्धांजलि दी — जहाँ एक सड़क पर 5-6 अव्वल रेस्टोरेंट और उषा उत्थुप व लुईस बैंक्स जैसे दिग्गजों की आवाज़ ने एक पूरी पीढ़ी को संगीत से जोड़ा था।

मुख्य बातें

अमिताभ बच्चन ने KBC-18 में कोलकाता की पार्क स्ट्रीट को दुनिया में अनूठी जगह बताया।
उन्होंने कहा कि एक ही सड़क पर 5-6 बेहतरीन रेस्टोरेंट एक साथ — ऐसा कहीं नहीं देखा।
उषा उत्थुप ने 1969 में पार्क स्ट्रीट के एक रेस्टोरेंट से अपना पेशेवर गायन करियर शुरू किया था।
उषा ने साड़ी-बिंदी पहनकर पश्चिमी और जैज़ संगीत गाया — उस दौर में यह एक अनूठा प्रयोग था।
देव आनंद ने उन्हें फिल्म 'हरे राम हरे कृष्णा' (1971) में गाने का मौका दिया, जिसके बाद उनका बॉलीवुड करियर परवान चढ़ा।

कौन बनेगा करोड़पति-18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने 2 अक्टूबर 2026 को कोलकाता की ऐतिहासिक पार्क स्ट्रीट से अपने गहरे जुड़ाव को साझा किया और कहा कि दुनिया में कहीं भी उन्होंने ऐसी जगह नहीं देखी जहाँ एक ही सड़क पर इतने बेहतरीन रेस्टोरेंट एक साथ मिलते हों। यह भावुक किस्सा उन्होंने कंटेस्टेंट शौर्ज्य दास के साथ बातचीत के दौरान सुनाया।

पार्क स्ट्रीट से अमिताभ का पुराना नाता

मेगास्टार ने बताया कि किस तरह पार्क स्ट्रीट उनकी पीढ़ी के लिए रात के मनोरंजन का केंद्र हुआ करती थी। उन्होंने कहा, 'उस समय हम सभी के रात का एंटरटेनमेंट यही हुआ करता था। कोलकाता पार्क स्ट्रीट में सभी रेस्टोरेंट लाइन में लगे हुए होते थे। वह बहुत अद्भुत जगह है, विश्व भर में मैंने ऐसी जगह कहीं नहीं देखी थी कि एक ही सड़क पर, 5-6 रेस्टोरेंट एक साथ मिलेंगे और सब एक से एक अव्वल नंबर पर।'

यह ऐसे समय में आया जब KBC-18 के प्रत्येक एपिसोड में बच्चन का व्यक्तिगत अनुभव एक अलग ही आयाम जोड़ रहा है, जो दर्शकों को शो से भावनात्मक रूप से जोड़ता है।

उषा उत्थुप और लुईस बैंक्स को मिली श्रद्धांजलि

अमिताभ ने पार्क स्ट्रीट के रेस्टोरेंटों में प्रस्तुति देने वाले दिग्गज संगीतकारों को याद करते हुए विशेष रूप से उषा उत्थुप और लुईस बैंक्स का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'उन रेस्टोरेंट में कई अव्वल गायक गाना गाया करते थे। हम तो उनके सामने कुछ हैं ही नहीं और उनमें से कई ने तो हिंदी सिनेमा में आकर गायिकी में अपना योगदान भी दिया है, जिनमें उषा उत्थुप जी और लुईस बैंक्स रहे हैं।'

उषा उत्थुप का पार्क स्ट्रीट से खास सफर

उषा उत्थुप का पार्क स्ट्रीट से अटूट रिश्ता रहा है। 1969 में कोलकाता आने के बाद उन्होंने वहीं एक रेस्टोरेंट में अपने पेशेवर गायन करियर की नींव रखी और धीरे-धीरे शहर की लाइव-म्यूजिक संस्कृति की सबसे पहचानी जाने वाली आवाज़ बन गईं।

गौरतलब है कि उस दौर में नाइटक्लब के मंच पर पश्चिमी संगीत का दबदबा था, लेकिन उषा ने पारंपरिक साड़ी, बिंदी और गजरा पहनकर पश्चिमी और जैज़ संगीत गाने का अनूठा अंदाज़ अपनाया — जो उस युग में एक साहसिक और क्रांतिकारी कदम था।

देव आनंद ने दिया बॉलीवुड में प्रवेश का मौका

दिल्ली के एक होटल में प्रस्तुति के दौरान देव आनंद और शशि कपूर ने उषा उत्थुप की आवाज़ को सराहा था। देव आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म 'हरे राम हरे कृष्णा' (1971) और मर्चेंट आइवरी की फिल्म 'बॉम्बे टॉकीज' में गाने का अवसर दिया, जिसके बाद वे भारतीय पॉप और पार्श्व गायन की दुनिया में छा गईं।

अमिताभ बच्चन का यह भावुक संस्मरण इस बात का प्रमाण है कि पार्क स्ट्रीट केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक इतिहास का एक जीवंत अध्याय है — और KBC-18 का यह एपिसोड उस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की फिल्म-केंद्रित कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। KBC जैसे मंच पर ऐसे किस्से सुनाए जाना न केवल सांस्कृतिक अभिलेखागार का काम करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि लोकप्रिय मनोरंजन इतिहास-संरक्षण का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिताभ बच्चन ने KBC-18 में कोलकाता पार्क स्ट्रीट के बारे में क्या कहा?
अमिताभ बच्चन ने कहा कि पार्क स्ट्रीट एक अद्भुत जगह है जहाँ एक ही सड़क पर 5-6 बेहतरीन रेस्टोरेंट एक साथ मिलते थे और ऐसा नजारा उन्होंने दुनिया में कहीं नहीं देखा। उन्होंने यह बात कंटेस्टेंट शौर्ज्य दास के साथ बातचीत के दौरान साझा की।
उषा उत्थुप का पार्क स्ट्रीट से क्या संबंध है?
उषा उत्थुप ने 1969 में कोलकाता आने के बाद पार्क स्ट्रीट के एक रेस्टोरेंट से अपना पेशेवर गायन करियर शुरू किया था। वे साड़ी, बिंदी और गजरा पहनकर पश्चिमी और जैज़ संगीत गाती थीं, जो उस दौर में एक अनूठा और साहसिक प्रयोग था।
उषा उत्थुप को बॉलीवुड में पहला मौका किसने दिया?
देव आनंद ने उषा उत्थुप को फिल्म 'हरे राम हरे कृष्णा' (1971) और मर्चेंट आइवरी की फिल्म 'बॉम्बे टॉकीज' में गाने का अवसर दिया। दिल्ली के एक होटल में प्रस्तुति के दौरान देव आनंद और शशि कपूर ने उनकी आवाज़ को सराहा था।
कौन बनेगा करोड़पति-18 में अमिताभ बच्चन के साथ कौन कंटेस्टेंट था जब यह किस्सा सुनाया गया?
यह किस्सा अमिताभ बच्चन ने कंटेस्टेंट शौर्ज्य दास के साथ बातचीत के दौरान सुनाया। शो में व्यक्तिगत संवाद के दौरान पार्क स्ट्रीट और कोलकाता की नाइटलाइफ का ज़िक्र हुआ।
लुईस बैंक्स कौन हैं और उनका पार्क स्ट्रीट से क्या संबंध है?
लुईस बैंक्स भारत के प्रसिद्ध जैज़ और पॉप संगीतकार हैं, जिन्होंने पार्क स्ट्रीट के रेस्टोरेंटों में प्रस्तुति दी और बाद में हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अमिताभ बच्चन ने उषा उत्थुप के साथ उनका भी नाम उस दौर के अव्वल कलाकारों में लिया।
राष्ट्र प्रेस
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