2 अक्टूबर 2026
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योगी आदित्यनाथ का गांधी जयंती पर वार: ग्राम स्वराज में परिवारवाद की कोई जगह नहीं

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योगी आदित्यनाथ का गांधी जयंती पर वार: ग्राम स्वराज में परिवारवाद की कोई जगह नहीं

सारांश

गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम स्वराज को हथियार बना कर कांग्रेस और सपा के परिवारवाद पर सीधा प्रहार किया। 57,600 ग्राम सचिवालय और 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी का हवाला देते हुए उन्होंने विकास बनाम वंशवाद का तीखा नैरेटिव खड़ा किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती पर एक्स के ज़रिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद पर बिना नाम लिए हमला बोला।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले गांवों को केवल वादे मिले, पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव था।
वर्तमान में 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
प्रत्येक ग्राम सचिवालय से 5 से 7 रोज़गार के अवसर सृजित होने का दावा; 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
ई-ग्राम स्वराज , डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर बिना नाम लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के परिवारवाद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक मानकर अराजकता और जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने ग्रामीण विकास को दशकों तक पीछे रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।'

एक्स पर मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, केवल वादे मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। उस समय आय और जाति प्रमाण-पत्र जैसी साधारण सुविधाओं के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।

57,600 ग्राम सचिवालयों से बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था में आमूल परिवर्तन आया है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी पहलों से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।

रोज़गार सृजन और डिजिटल लाइब्रेरी

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं। इसके साथ ही 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं को शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट महसूस की जा रही है।

गांधी के सपनों का ग्राम स्वराज

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश — यही हमारा ग्राम स्वराज है।' गौरतलब है कि गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज की भाषा का उपयोग कर विपक्ष पर हमला, भाजपा की उस व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा है जो गांधी की विरासत को अपने विकास-एजेंडे से जोड़ने की कोशिश करती है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के ज़मीनी असर पर विपक्ष की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

600 ग्राम सचिवालयों और 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी के दावे प्रभावशाली हैं, स्वतंत्र रिपोर्टों में ग्रामीण बेरोज़गारी और पलायन की समस्या अभी भी बनी हुई है। सचिवालयों से '5 से 7 रोज़गार' के दावे की सत्यापनीयता और उन नौकरियों की गुणवत्ता वह प्रश्न है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। विपक्ष को इन आँकड़ों को जमीनी सच्चाई से काटने का अवसर मिल सकता है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा पर आरोप लगाया कि इन दलों ने गांवों को वोट बैंक बनाकर विकास से वंचित रखा।
उत्तर प्रदेश में कितने ग्राम सचिवालय काम कर रहे हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अभी 57,600 ग्राम सचिवालय संचालित हो रहे हैं। इनके ज़रिए ग्रामीणों को आय और जाति प्रमाण-पत्र जैसी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
योगी सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को शैक्षणिक और डिजिटल संसाधन गांव में ही सुलभ कराना है।
ई-ग्राम स्वराज पहल से पंचायतों में क्या बदलाव आया है?
ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली के माध्यम से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2017 से पहले की स्थिति के विपरीत अब व्यवस्था में जवाबदेही आई है।
योगी आदित्यनाथ का परिवारवाद पर हमला किसे निशाना बनाता है?
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को परिवारवाद के प्रतीक के रूप में इंगित किया। राजनीतिक संदर्भ में यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में भाजपा की विपक्ष-विरोधी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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