योगी का तीखा वार: राहुल 'फुस्स रॉकेट', अखिलेश हार का बहाना बनाने वाले — गोरखपुर में BJP पदयात्रा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 नवंबर 2026 को गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। योगी ने राहुल गांधी की तुलना दीपावली के उस 'फुस्स रॉकेट' से की जो बत्ती लगने के बाद भी नहीं उड़ता और अखिलेश यादव को हार के बहाने ढूंढने वाला नेता करार दिया। यह कार्यक्रम महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, गोरखपुर में आयोजित हुआ।
राहुल गांधी पर 'फुस्स रॉकेट' का तंज
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिस तरह दीपावली पर कुछ रॉकेट बत्ती लगाने के बाद भी आसमान की ओर नहीं जाते और धुआं छोड़कर बुझ जाते हैं, राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति भी ऐसी ही हो चुकी है। उन्होंने कांग्रेस की 'लॉन्चिंग' का पूरा इतिहास गिनाया — 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, और 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में। इसके बाद 2019 में अमेठी से चुनाव हार, और भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा तथा अधिकार यात्रा के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
योगी ने कहा, 'राहुल गांधी 56 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए अभी भी 'युवा' हैं। अब यह 'युवा' कभी लॉन्च नहीं होने वाला।' यह टिप्पणी कांग्रेस के उस आख्यान पर सीधा प्रहार थी जो राहुल को भविष्य के नेता के रूप में प्रस्तुत करता है।
अखिलेश के 'बदला' बयान पर पलटवार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा यह कहे जाने पर कि 'अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी', मुख्यमंत्री योगी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 'समाजवादी पार्टी के बबुआ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है।' उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में देश और 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने यही बदलाव करके दिखाया था।
चुनावी आँकड़ों का हवाला देते हुए योगी ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में अकेले BJP ने 255 सीटें जीतीं, जो सपा और कांग्रेस की 2017 और 2022 में मिलाकर जीती गई कुल सीटों से अधिक है। उन्होंने राहुल-अखिलेश की जोड़ी की तुलना उस छात्र से की जो बार-बार परीक्षा में फेल होकर कभी 'कॉपी गायब', कभी 'प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के बाहर' का बहाना बनाता है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण और इंडी गठबंधन पर हमला
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरा। उन्होंने कहा कि 1952, 1962 और 2003 में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ था और तब कांग्रेस इसका समर्थन करती थी। अब जब निर्वाचन आयोग (ECI) बांग्लादेशी घुसपैठियों, पाकिस्तानी नागरिकों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की कार्रवाई कर रहा है, तो विरोध क्यों?
योगी ने तर्क दिया कि जब कोई विदेशी घुसपैठिया मतदाता सूची में नाम दर्ज कराता है तो वह भारत के किसी गरीब, दलित या वंचित नागरिक का अधिकार छीनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन अपनी 'चुनावी पराजय छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है।'
कांग्रेस के इतिहास और चुनावी आँकड़े
मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनावों के आँकड़े पेश किए — कांग्रेस को 2014 में 44, 2019 में 52 और 2024 में 99 सीटें मिलीं, यानी तीनों चुनावों में कुल 195 सीटें। इसके विपरीत BJP ने अकेले 2024 में 240 सीटें जीतीं। उन्होंने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी से पूछा कि क्या कांग्रेस उस दौर में प्रताड़ित लोगों और उनके परिजनों से माफी मांगेगी।
गोरखपुर, यानी 'बाबा गोरक्षनाथ की धरती' पर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला दौरा भी इस अवसर पर हुआ। योगी ने इसे लोकतंत्र मजबूत करने के अभियान का हिस्सा बताया और कहा कि यह पदयात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प से जुड़ी है।
आगे क्या
गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा BJP की व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों और ECI के बीच टकराव बढ़ रहा है। भविष्य में इस मुद्दे पर राजनीतिक संघर्ष और तेज़ होने की संभावना है।