11 अक्टूबर 2026
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अखिलेश यादव का योगी पर वार: 'अहंकारी अयोध्या में टिक नहीं पाएंगे', 2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा

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अखिलेश यादव का योगी पर वार: 'अहंकारी अयोध्या में टिक नहीं पाएंगे', 2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा

सारांश

जेपी जयंती पर अखिलेश यादव ने लखनऊ से BJP पर दोहरा हमला बोला — योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चा को 'अहंकार' करार दिया और 2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा किया। साथ ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए सीईसी के इस्तीफे की मांग की।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के जेपीएनआईसी में जेपी जयंती पर BJP सरकार पर हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चा पर कहा — 'पवन पांडे की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे।' 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा; पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को पार्टी का मुख्य आधार बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग की; मतदाताओं को वोट से रोकने का आरोप लगाया।
जेपीएनआईसी के निर्माण पर कथित तौर पर ₹800 करोड़ खर्च और 1,200 वाहनों की पार्किंग पर पारदर्शिता की माँग।
लखनऊ रिवरफ्रंट और पलासियो क्षेत्र में जलभराव पर नगर निगम, LDA और सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की संभावना पर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि पवन पांडे की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे।

योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर अखिलेश का जवाब

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा पर तंज कसते हुए कहा, 'पवन पांडे की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे।' उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री स्वयं पार्टी के टिकट वितरण का निर्णय करते हैं। उनके अनुसार, जिन नेताओं को अपने ही टिकट का भरोसा न हो, उन्हें पहले अपनी सीट सुनिश्चित करने की चिंता करनी चाहिए।

पीडीए की राजनीति और 2027 का दावा

सपा प्रमुख ने दोहराया कि उनकी पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पीडीए की बढ़ती राजनीतिक ताकत से 'घबराई हुई' है। अखिलेश ने कहा, 'ऐसा तो नहीं कि परिवर्तन का आगाज हो गया है — लगता है बदलाव की शुरुआत है।' उन्होंने दावा किया कि जनता के भीतर बढ़ती पीड़ा इस बदलाव की प्रक्रिया को और तेज करेगी।

चुनाव आयोग पर सवाल और सीईसी के इस्तीफे की मांग

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठाए। उनका आरोप था कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को वोट डालने से रोका जाता है। दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि आयोग का दायित्व अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना है, न कि प्रक्रिया में बाधा डालना।

जेपीएनआईसी पर ₹800 करोड़ के खर्च का सवाल

गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी के निर्माण पर कथित तौर पर ₹800 करोड़ खर्च होने के आंकड़े का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने ठेकेदारों, भुगतान और परियोजना की पारदर्शिता पर जवाब माँगा। उन्होंने केंद्र के मुख्य द्वार को टीन की चादरों से ढकने, परिसर में बैरिकेडिंग और पुलिस-पीएसी की तैनाती पर भी आपत्ति जताई। सपा प्रमुख ने परिसर में बने हेलीपैड और 1,200 वाहनों की पार्किंग क्षमता का भी हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने इस केंद्र को विचारधारा से ऊपर पैसों के भार में दबा दिया है।

लखनऊ में जलभराव और प्रशासनिक विफलता

अखिलेश यादव ने लखनऊ के रिवरफ्रंट और पलासियो क्षेत्र में जलभराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और सिंचाई विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण जल निकासी की समस्या गंभीर हुई है। उनके अनुसार, बंधों, नालों और पुलों की डिजाइन में खामियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में मानसून के बाद शहरी बाढ़ की समस्याएँ लगातार चर्चा में हैं।

गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव अभी लगभग डेढ़ वर्ष दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से जमीनी तैयारी तेज कर दी है। अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण के 'संपूर्ण क्रांति' आंदोलन और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन का संदर्भ देते हुए सपा की राजनीतिक दिशा को सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा से जोड़ा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह है जेपीएनआईसी पर ₹800 करोड़ का खर्च और शहरी जलभराव — जो विचारधारात्मक भाषणबाजी से परे ठोस प्रशासनिक मुद्दे हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कहा कि 'पवन पांडे की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन नेताओं को अपने टिकट का भरोसा नहीं है, उन्हें पहले अपनी सीट पक्की करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी का 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए क्या दावा है?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। उनके अनुसार, पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) वर्गों की बढ़ती राजनीतिक ताकत इस बदलाव को गति देगी।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को वोट डालने से रोका जाता है। उन्होंने दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की मांग की।
जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव ने क्या सवाल उठाए?
अखिलेश ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के निर्माण पर कथित तौर पर ₹800 करोड़ खर्च होने का उल्लेख करते हुए ठेकेदारों, भुगतान और पारदर्शिता पर सवाल किए। उन्होंने परिसर में हेलीपैड, 1,200 वाहनों की पार्किंग और केंद्र के मुख्य द्वार को टीन की चादरों से ढकने पर भी आपत्ति जताई।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में जलभराव पर क्या कहा?
सपा प्रमुख ने लखनऊ के रिवरफ्रंट और पलासियो क्षेत्र में जलभराव की समस्या उठाई और नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) तथा सिंचाई विभाग के बीच समन्वय की कमी को इसका कारण बताया। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था की खामियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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