11 अक्टूबर 2026
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अखिलेश यादव का BJP पर हमला: अयोध्या में एक 'पीडीए प्रहरी' ही काफी, वोट चोरी के गंभीर आरोप

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अखिलेश यादव का BJP पर हमला: अयोध्या में एक 'पीडीए प्रहरी' ही काफी, वोट चोरी के गंभीर आरोप

सारांश

सैफई में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि का मंच अखिलेश यादव ने BJP पर सीधे हमले के लिए इस्तेमाल किया — अयोध्या से लेकर वोट चोरी तक। 2027 UP चुनाव से पहले पीडीए नैरेटिव को धार देने की यह स्पष्ट कोशिश है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 10 अक्टूबर 2026 को सैफई, इटावा में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर BJP पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में सपा का एक युवा पीडीए प्रहरी ही 'चढ़ावा-चंदा-दान चोरों' को हराने के लिए काफी है।
सरोजनीनगर में 100 से अधिक फर्जी फॉर्म-7 और बिधूना में कथित फर्जी हस्ताक्षरों से वोट काटने के आरोप लगाए — संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं।
अखिलेश ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए BJP पर 'वोट चोरी की साजिश' का आरोप लगाया।
UP विधानसभा चुनाव 2027 को लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई बताया।
पीडीए — पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक — को मुलायम सिंह यादव की विरासत का विस्तार बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को इटावा के सैफई में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में 'चढ़ावा-चंदा-दान' चोरों को परास्त करने के लिए सपा का एक युवा 'पीडीए प्रहरी' ही पर्याप्त है। यह कार्यक्रम सपा के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा था।

अयोध्या और BJP पर सीधा वार

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जो लोग चोरों को 'क्लीन चिट' देते हैं, वे भी उनके हिस्सेदार होते हैं। उन्होंने कहा कि BJP के आंतरिक सर्वे में भी यह सामने आया होगा कि अयोध्या से पार्टी की ओर से कोई चुनाव लड़ना नहीं चाहता। उन्होंने कहा, 'पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं है।' लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार जनता BJP के 'घमंड का पानी उतार देगी।'

मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि और पीडीए का संकल्प

सैफई में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का जीवन समाजवादी सिद्धांतों के प्रति समर्पण की बहुमूल्य धरोहर है। उन्होंने नेताजी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि मानवता की पहली सीढ़ी मदद है — सबसे कमजोर व्यक्ति की ओर हाथ बढ़ाना ही असली समाजवाद है। उन्होंने घोषणा की कि पीडीए — यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लाने का विचार — प्रेम, दया और अपनेपन की बुनियाद पर टिका है, और मुलायम सिंह यादव इसके 'प्रकाशस्तंभ' थे।

वोट चोरी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पीडीए प्रहरियों ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में दशरथ नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से 100 से अधिक फर्जी फॉर्म-7 भरवाए जाने के मामले पकड़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिधूना में सपा के नगर अध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से वोट कटवाने की कोशिश हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार एक व्यक्ति पाँच से अधिक फॉर्म-7 नहीं भर सकता। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

अखिलेश ने BJP पर चुनाव आयोग की आड़ में 'वोट चोरी' की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग पर सवाल उठते हैं तो BJP बचाव में क्यों खड़ी हो जाती है — यह संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने चुनाव संबंधी शिकायतें रखीं, जिस पर राष्ट्रपति ने सबूत माँगे।

2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश का 2027 विधानसभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण बचाने की निर्णायक लड़ाई होगा। यह ऐसे समय में आया है जब सपा अयोध्या सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव में BJP को हरा चुकी है, और पार्टी उस नैरेटिव को 2027 तक बनाए रखना चाहती है। उन्होंने किसान, नौजवान, छात्र और व्यापारी सहित सभी वर्गों को इस संघर्ष का हिस्सा बताया। गौरतलब है कि यह तीखा भाषण ऐसे समय में आया है जब UP में उपचुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 का चुनावी घोषणापत्र है — जो मुलायम सिंह की पुण्यतिथि के भावनात्मक मंच पर परोसा गया। अयोध्या का ज़िक्र रणनीतिक है: सपा ने 2024 लोकसभा में वह सीट BJP से छीनी थी और अब उसे 2027 की बुनियाद बनाना चाहती है। वोट चोरी और फर्जी फॉर्म-7 के आरोप गंभीर हैं, लेकिन इन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया न आने तक इन्हें एकतरफा राजनीतिक आख्यान ही माना जाएगा। असली सवाल यह है कि पीडीए गठबंधन, जो 2024 में प्रभावी रहा, 2027 के विधानसभा समीकरणों में उतना ही एकजुट रह पाएगा या नहीं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने 'पीडीए प्रहरी' से क्या मतलब निकाला?
'पीडीए प्रहरी' समाजवादी पार्टी के उन युवा कार्यकर्ताओं को कहा जाता है जो पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों के हितों की निगरानी करते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसा एक युवा प्रहरी ही अयोध्या में BJP को हराने के लिए पर्याप्त है।
अखिलेश यादव ने वोट चोरी को लेकर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि UP में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सरोजनीनगर में एक व्यक्ति से 100 से अधिक फर्जी फॉर्म-7 भरवाए गए और बिधूना में सपा के नगर अध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से वोट काटे गए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
यह कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित हुआ था?
यह कार्यक्रम सपा संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर इटावा के सैफई में 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित श्रद्धांजलि सभा थी।
अखिलेश यादव ने 2027 UP चुनाव को किस रूप में परिभाषित किया?
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई होगा। उन्होंने किसान, नौजवान, छात्र और व्यापारी समेत सभी वर्गों की इसमें भूमिका बताई।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या सवाल उठाए?
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष रहकर विश्वसनीयता बनाए रखना है। उन्होंने सवाल किया कि जब आयोग पर आरोप लगते हैं तो BJP बचाव में क्यों आ जाती है, जिससे संदेह पैदा होता है।
राष्ट्र प्रेस
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