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रामलीला मैदान में अखिलेश का BJP पर हमला: 'अंगद का पैर कहने वालों के पैरों तले जमीन नहीं बची'

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रामलीला मैदान में अखिलेश का BJP पर हमला: 'अंगद का पैर कहने वालों के पैरों तले जमीन नहीं बची'

सारांश

रामलीला मैदान की रैली में अखिलेश यादव ने BJP को घेरा — यूपी में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने के आरोप, चुनाव आयोग पर निशाना, और 2027 में 'डबल जीरो' देने का संकल्प। 'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' बोलकर विपक्ष ने एकजुटता का संदेश दिया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में BJP ने 1 करोड़ 27 लाख वोट कटवाए — 403 विधानसभाओं में औसतन 31,000 वोट प्रति सीट।
अखिलेश ने BJP की 'अंगद के पैर' वाली अडिगता पर व्यंग्य करते हुए कहा — 'पैरों तले जमीन नहीं बची।' काशी के परिणामों का हवाला देते हुए 'डबल इंजन' सरकार को 'डबल जीरो' बताया।
रामलीला मैदान को 'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' करार दिया और 2027 में भाजपा की 'विदाई' का संकल्प लिया।
बंगाल और रामपुर चुनावों में भी वोट चोरी के आरोप लगाए; चुनाव आयोग पर निष्क्रियता का आरोप।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर कड़े प्रहार किए। वोट चोरी के आरोपों को केंद्र में रखते हुए अखिलेश ने कहा कि BJP के लोग स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि उनके वोट काटे गए हैं, जो उनकी 'चुनावी साजिश' को उजागर करता है।

मुख्य घटनाक्रम

अखिलेश यादव ने रैली में कहा कि जब से यह तय हुआ कि इंडिया गठबंधन रामलीला मैदान में एकजुट होगा, तब से BJP के लोगों को भी याद आ गया कि वे उनके साथ जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BJP की ओर से यह स्वीकार किया गया कि 1 करोड़ 27 लाख हिंदू भाइयों के वोट हटा दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, 'मैं रामलीला मैदान से उठती हुई आवाज सुन सकता हूं। जब से यह तय हुआ कि गठबंधन और उसके सहयोगी दल, देश के लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ यहां रामलीला मैदान में एकजुट होंगे, तब से मुझे पता चला है कि उन लोगों को भी याद आया कि वे हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं।'

वोट चोरी के आरोप और गणित

सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे गए और उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं, तो औसतन प्रत्येक विधानसभा में BJP के 31,000 वोट कम हुए हैं। उनके अनुसार BJP इसका ठीकरा दूसरों पर फोड़ना चाहती है।

अखिलेश ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि तब सपा सरकार न बना पाई, जिसका कारण उनके अनुसार वोट चोरी था। उन्होंने बताया कि पार्टी ने चुनाव आयोग को हलफनामा सौंपकर हजारों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायत की थी, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

BJP पर तीखे प्रहार

अखिलेश यादव ने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग यह कहते हुए आए थे कि उनका रुख अंगद के पैर की तरह अडिग है, उन्हें अब पता चल गया है कि उनके पैरों के नीचे कोई जमीन ही नहीं बची है। उन्होंने काशी के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'डबल इंजन सरकार' का दावा करने वालों को काशी की जनता ने 'डबल जीरो' दे दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल चुनाव में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी, जहाँ फौज लगाकर और चुनाव से पहले विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) कराकर वोट काटे गए थे। उन्होंने रामपुर लोकसभा चुनाव का भी उदाहरण दिया।

रैली का संदेश और 2027 का संकल्प

अखिलेश ने रामलीला मैदान की रैली को 'लोकतंत्र की हल्दीघाटी' करार देते हुए कहा कि जनसमर्थन देखकर बदलाव आएगा। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, 'जो लोग कभी यूपी से आए थे, वो यूपी से ही बाहर जाएंगे।' उनके अनुसार 2027 में ऐसी विदाई होगी कि भाजपा और उसके सहयोगी दल लौटकर नहीं आ पाएंगे।

रैली में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव का भी उल्लेख करते हुए अखिलेश ने महाभारत के शकुनि के पासे का रूपक इस्तेमाल कर BJP की रणनीति को 'धोखे का खेल' बताया। गठबंधन के इस एकजुट प्रदर्शन के बाद अब 2027 की रणनीति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार रामलीला मैदान की रैली का समय और BJP के अपने नेताओं द्वारा वोट कटने की बात उठाना, विपक्ष को एक नया राजनीतिक हथियार देता है। असली सवाल यह है कि क्या इंडिया गठबंधन की यह एकजुटता 2027 तक टिकेगी, जब राज्य में सत्ता के लिए असली परीक्षा होगी। चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साधना लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बहस को तेज करता है, लेकिन बिना न्यायिक या स्वतंत्र जाँच के ये आरोप राजनीतिक भाषण से आगे नहीं जा पाते।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान की रैली में क्या कहा?
अखिलेश यादव ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में BJP पर वोट चोरी के आरोप लगाए और कहा कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का संकल्प भी लिया।
उत्तर प्रदेश में वोट चोरी के अखिलेश के आरोप क्या हैं?
अखिलेश यादव का आरोप है कि यूपी की 403 विधानसभाओं में औसतन 31,000 वोट प्रति सीट काटे गए, जो कुल मिलाकर 1 करोड़ 27 लाख बनते हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में भी सपा के हजारों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायत चुनाव आयोग को हलफनामे के ज़रिए की थी, जिस पर कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
'अंगद का पैर' वाली टिप्पणी का क्या मतलब है?
रामायण में अंगद का पैर उस दृश्य का प्रतीक है जिसे कोई हिला नहीं सका — अखिलेश ने इसे BJP की कथित अडिगता पर व्यंग्य के रूप में इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि जो लोग खुद को इतना मजबूत बताते थे, उनके पैरों तले अब राजनीतिक जमीन नहीं बची है।
इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली का उद्देश्य क्या था?
यह रैली लोकतंत्र की रक्षा और कथित वोट चोरी के विरोध में आयोजित की गई थी। गठबंधन के नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा के खिलाफ संयुक्त मोर्चे का संदेश दिया।
अखिलेश ने 'डबल जीरो' किसे कहा?
अखिलेश यादव ने काशी के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए 'डबल इंजन सरकार' का दावा करने वाली BJP को 'डबल जीरो' बताया। उनके अनुसार काशी की जनता ने भाजपा को दोहरी हार देकर यह संदेश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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