बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रवाना, PM मोदी बोले- 'कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर 2026 को बेंगलुरु से बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर एक्स पर लिखा कि यह सेवा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी की दृष्टि से 'गेम चेंजर' साबित होगी। इस ट्रेन का विशेष लाभ युवाओं, आईटी पेशेवरों और छात्रों को मिलने की उम्मीद है।
ट्रेन की विशेषताएँ और मार्ग
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रेल यात्रा में आधुनिक सुविधाएँ और बेहतर यात्रा-अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। रेलवे के अनुसार, यह सेवा बेंगलुरु से शुरू होकर मुंबई तक जाती है और रास्ते में आंध्र प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु को 'तकनीक और नवाचार का शहर' बताते हुए कहा कि वहाँ से शुरू होने वाली यह नई रेल सेवा देश के आधुनिक परिवहन नेटवर्क को और सुदृढ़ करेगी।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय रेलवे की एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'बेहतर रेल कनेक्टिविटी की दिशा में एक और कदम, और वह भी तकनीक और नवाचार के शहर बेंगलुरु से! वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बेंगलुरु और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी के लिए एक गेम चेंजर साबित होगी। इस ट्रेन से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र को फायदा होगा, जिसका विशेष लाभ युवाओं, आईटी पेशेवरों और छात्रों को मिलेगा।' उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार देश भर में रेल कनेक्टिविटी विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।
बुलेट ट्रेन नॉर्दर्न कॉरिडोर को भी मंजूरी
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले शनिवार को रेल मंत्री वैष्णव ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। इस घोषणा के समय वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का शुभारंभ भी किया गया।
यात्रा समय में कितनी होगी कमी
रेल मंत्री वैष्णव के अनुसार, नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पूरा होने पर यात्रा समय में भारी कमी आएगी। प्रस्तावित समय-सारिणी के मुताबिक दिल्ली से आगरा मात्र 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, दिल्ली से वाराणसी 3 घंटे 33 मिनट और लखनऊ से वाराणसी मात्र 1 घंटा 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
विपक्ष के आरोपों पर रेल मंत्री का जवाब
रेल मंत्री वैष्णव ने विपक्ष की उस आलोचना को खारिज किया जिसमें कहा गया कि बुलेट ट्रेन केवल संपन्न वर्ग के लिए होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम रखा जाएगा और यह आम नागरिकों की पहुँच के भीतर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य तेज, आधुनिक और सुलभ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। वंदे भारत स्लीपर श्रृंखला और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मिलकर भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक निर्णायक मोड़ बन सकते हैं।