क्या पीएम मोदी आज वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले हैं। इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट कदम माना जा रहा है। पहले वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयरकार में चलती थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के आगमन से लंबी दूरी की रात की यात्रा में पूरी तरह बदलाव आएगा। विशेषकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक बड़ी सुविधा होगी, जो रात में आरामदायक और तेज यात्रा की तलाश में हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। इसके इंटीरियर्स को भारतीय संस्कृति से प्रेरित कर तैयार किया गया है, जिससे ट्रेन का आंतरिक वातावरण न केवल आरामदायक, बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा। बर्थ, लाइटिंग और कोच का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि लंबी यात्रा भी थकान भरी न लगे।
सुरक्षा के लिहाज से भी यह ट्रेन बेहद उन्नत है। इसमें 'कवच' ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम शामिल है, जो ट्रेन की गति और सिग्नल की निगरानी करता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम होती है। साथ ही, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी उपलब्ध है, जिससे किसी भी समस्या के समय यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं। ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक नियंत्रण और सुरक्षा तंत्र लगाए गए हैं।
स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति वंदे भारत स्लीपर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसमें डिसइंफेक्टेंट तकनीक का उपयोग किया गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को समाप्त करती है। यह सिस्टम कोच की हवा को फ़िल्टर करके शुद्ध करती है और ताज़ी हवा को अंदर छोड़ती है। यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम है, तो बाकी यात्रियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।
ट्रेन का बाहरी रूप भी अत्याधुनिक और एयरोडायनामिक बनाया गया है। इसका फायदा यह है कि ट्रेन अधिक स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी। इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे।
अगर गति की बात करें, तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। सफर के दौरान उच्च गुणवत्ता के कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, यात्रियों के लिए कैटरिंग सेवा भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा बनी रहेगी।
आराम का ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांति और सुकून भरी हो। सभी ऑनबोर्ड स्टाफ निर्धारित यूनिफॉर्म में उपस्थित रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतरीन सेवा मिल सके।
इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा। किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक हो सकता है। गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये के आसपास होगा।