क्या क्रिकेट के साथ धार्मिक ज्ञान भी पाएंगे युवा? जानें देवकीनंदन ठाकुर की जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं के लिए खेल और धर्म का संयोग।
- आयोजन इंदौर में होगा।
- प्रति रन शुल्क ५०० रुपये है।
- सामाजिक कल्याण का उद्देश्य।
- खेल अनुशासन और उचित आचरण पर जोर।
दिल्ली, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। युवाओं को खेल और देश की संस्कृति से परिचित कराने के लिए पहली बार 'सनातन धर्म प्रीमियर लीग' का आयोजन किया जा रहा है।
सनातन धर्म प्रीमियर लीग की शुरुआत १३ मार्च से होने जा रही है और यह कार्यक्रम १५ मार्च तक चलेगा। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में इस लीग का उद्घाटन किया गया, जहां पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह लीग केवल सनातनियों के लिए होगी। हम क्रिकेट के साथ-साथ उन्हें सनातन धर्म का ज्ञान भी प्रदान करेंगे। टीमों के नामों की घोषणा की जा चुकी है और कुल ८ टीमें होंगी। आयोजन का स्थान भी तय हो चुका है, और यह इंदौर में होगा।"
उन्होंने आगे कहा, "मध्य प्रदेश के इंदौर में १३ से १५ मार्च तक सनातन प्रीमियर लीग का आयोजन किया जाएगा। हमने प्रति रन ५०० रुपये का शुल्क निर्धारित किया है। यह राशि समाज कल्याण के लिए उपयोग की जाएगी, जैसे एसिड अटैक से पीड़ित बच्चियों की सहायता, जिनका जीवन कठिनाइयों से भरा है, या जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, उनकी शिक्षा पर खर्च किया जाएगा।"
आध्यात्मिक गुरु चिन्मयानंद बापू ने कहा, "इस लीग में किसी भी प्रकार का अनुचित आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी खेल अनुशासन और उचित आचरण के साथ आयोजित किए जाएंगे।"
पंडित देवकीनंदन ठाकुर इस लीग के मुख्य संरक्षक हैं। खेल के साथ वे युवाओं को भारतीय परंपरा, इतिहास और नैतिक मूल्यों के बारे में भी बताएंगे। इस खेल का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है; यह सनातन धर्म की आधुनिक नींव रखने का संकल्प है।