क्या इस साल भारत में तकनीकी नौकरियों में 12-15 प्रतिशत की वृद्धि होगी?

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क्या इस साल भारत में तकनीकी नौकरियों में 12-15 प्रतिशत की वृद्धि होगी?

Key Takeaways

  • 2026 में तकनीकी नौकरियों में 12-15% वृद्धि की उम्मीद है।
  • लगभग 1.25 लाख नई तकनीकी नौकरियों का सृजन होगा।
  • एआई और डेटा से संबंधित नौकरियों की मांग बढ़ रही है।
  • बड़ी कंपनियों ने जनरेटिव एआई से जुड़े प्रोजेक्ट लागू किए हैं।
  • गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी भर्ती में मजबूती आई है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में तकनीकी क्षेत्र की नौकरियों (टेक जॉब्स) में वर्ष 2026 में 12 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है, जिसमें स्थायी, अस्थायी और अनुबंध आधारित नौकरियां शामिल होंगी। इस अवधि में लगभग 1.25 लाख नई तकनीकी नौकरियों का सृजन होने की संभावना है।

वर्क सॉल्यूशन प्रोवाइडर एडेको इंडिया की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में तकनीकी प्रतिभा की कमी 44 प्रतिशत तक पहुँच गई, जिसके कारण कंपनियों को गुणवत्ता वाले कर्मचारियों के लिए अधिक वेतन देने की आवश्यकता पड़ी और औसत वेतन 2024 की तुलना में 18 प्रतिशत बढ़ गया। इससे कंपनियों के बीच कुशल कर्मचारियों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

रिपोर्ट में बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा और साइबर सुरक्षा से संबंधित नौकरियों की मांग 51 प्रतिशत बढ़ गई है। पहले इन क्षेत्रों को प्रयोगात्मक रूप से देखा जाता था, लेकिन अब ये कंपनियों की आवश्यकताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 40 प्रतिशत बड़ी कंपनियों ने जनरेटिव एआई से जुड़े प्रोजेक्ट को अपने संचालन में शामिल कर लिया है।

रिक्वायरमेंट फर्म ने बताया कि मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा इंजीनियर्स और पूर्ण प्रणाली डेवलपर जैसे पदों की मांग लगभग 45 प्रतिशत बढ़ी है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनके पास एआई से संबंधित अनुभव है।

जहां विशेषज्ञ कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में भर्ती 20 प्रतिशत बढ़ी है, जो 2024 की तुलना में अधिक है।

कैंपस से नई भर्तियां भी 12 प्रतिशत बढ़ी हैं। डीप-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और सॉफ्टवेयर सेवाओं से संबंधित स्टार्टअप कंपनियों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हालांकि निवेश सीमित रहा, लेकिन जिन कंपनियों के पास एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा से संबंधित स्पष्ट रणनीतियाँ थीं, उन्होंने अपनी तकनीकी और डेटा टीम का विस्तार किया।

एडेको इंडिया के प्रोफेशनल स्टाफिंग के निदेशक और बिजनेस हेड संकेत चेंगप्पा ने कहा कि यह धीरे-धीरे बढ़ती हुई प्रवृत्ति दिखाती है कि तकनीकी क्षेत्र अब एक नई मजबूती की ओर अग्रसर है, जिससे 2026 में एक अच्छी रिकवरी की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और परिवहन जैसे क्षेत्र इस परिवर्तन में सबसे आगे हैं और तकनीक आधारित कुल भर्तियों में इनका हिस्सा लगभग 38 प्रतिशत है।

पूरे वर्ष के दौरान गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी भर्ती मजबूत रही है, क्योंकि उद्योग अब केवल डिजिटल काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने मुख्य कार्यों में एआई और डेटा का इस्तेमाल करने लगे हैं।

जीसीसी में भी सरकार, वित्तीय सेवाएं, विमानन, ऊर्जा और रिटेल क्षेत्र की गैर-तकनीकी कंपनियों ने लगभग 30 प्रतिशत भर्ती बढ़ाई है, जो देश में डिजिटल और साइबर सुरक्षा से संबंधित नियमों के तेजी से लागू होने का संकेत है।

Point of View

भारत का तकनीकी क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, जो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ा रहा है बल्कि उद्योग में प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ा रहा है। यह स्थिति न केवल तकनीकी कंपनियों के लिए, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में तकनीकी नौकरियों की वृद्धि कब होगी?
वर्ष 2026 में भारत में तकनीकी नौकरियों में 12 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।
नई तकनीकी नौकरियों की संख्या कितनी होगी?
इस दौरान लगभग 1.25 लाख नई तकनीकी नौकरियों का सृजन होने की संभावना है।
कौन से क्षेत्र इस वृद्धि में शामिल हैं?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र इस वृद्धि में शामिल हैं।
कंपनियों को कर्मचारियों के लिए अधिक वेतन क्यों देना पड़ा?
तकनीकी प्रतिभा की कमी के कारण कंपनियों को कुशल कर्मचारियों के लिए अधिक वेतन देना पड़ा।
कौन से क्षेत्र सबसे आगे हैं?
बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और परिवहन जैसे क्षेत्र इस बदलाव में सबसे आगे हैं।
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