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क्या दिल्ली में ड्रग तस्करी में युवक की गिरफ्तारी ने बड़ा झटका दिया है?

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क्या दिल्ली में ड्रग तस्करी में युवक की गिरफ्तारी ने बड़ा झटका दिया है?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के सदस्य निखिल को गिरफ्तार किया है, जिससे 1.60 करोड़ रुपए की हेरोइन और नगद बरामद हुए हैं। यह गिरफ्तारी दिल्ली में ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें, क्या है इस गिरफ्तारी का प्रभाव?

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 1.60 करोड़ रुपए की हेरोइन के साथ एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया।
निखिल ने स्वीकार किया है कि वह एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा है।
गिरफ्तारी से ड्रग तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस की सक्रियता ने नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोकथाम में मदद की है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-II यूनिट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता पाई है। टीम ने एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य निखिल (28) को गिरफ्तार किया है। आरोपी का मूल निवास संजय बस्ती, तिमारपुर है और वह वर्तमान में साध नगर, पालम कॉलोनी में रह रहा था।

निखिल को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) धीरेंद्र राणा की अदालत ने 1 मई 2025 को दर्ज एफआईआर के तहत घोषित अपराधी घोषित किया था। इस मामले में भलस्वा डेयरी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत धारा 21, 25 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी, जहां नारकोटिक्स सेल ने 400 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच में निखिल की पहचान उस हेरोइन तस्करी के मुख्य स्रोत के रूप में हुई थी। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था।

16 जनवरी को क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल अजय दहिया को गुप्त सूचना मिली कि निखिल दिल्ली/एनसीआर में ड्रग सप्लाई कर रहा है और वह साध नगर आने वाला है। इंस्पेक्टर सतीश मलिक और एएसआई ओम के नेतृत्व में टीम ने एसीपी राजपाल डाबास की निगरानी में और डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा के निर्देशन में ऑपरेशन चलाया। एसआई अनुज छिकारा ने तकनीकी निगरानी से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। छापे के दौरान साध नगर, पालम कॉलोनी से निखिल को पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के समय उसके पास से 1.60 करोड़ रुपए कीमत की हेरोइन, 4,34,300 रुपए कैश और एक मोबाइल बरामद किया गया। पूछताछ में निखिल ने कबूल किया कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो दिल्ली/एनसीआर में अवैध हेरोइन खरीदने और बेचने का काम करता है। उसका जन्म 1998 में करोल बाग में हुआ था। उसने सागरपुर के एक सरकारी स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की। परिवार के सदस्य भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और धीरे-धीरे वह एक सुसंगठित ड्रग सिंडिकेट का महत्वपूर्ण सदस्य बन गया।

निखिल के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी से राजधानी में ड्रग तस्करी को बड़ा झटका लगा है। क्राइम ब्रांच ने कहा कि सप्लायर को पकड़कर नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है और आगे की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निखिल को कब गिरफ्तार किया गया?
निखिल को 16 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के समय निखिल के पास क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तारी के समय उसके पास से 1.60 करोड़ रुपए की हेरोइन, 4,34,300 रुपए कैश और एक मोबाइल बरामद किया गया।
निखिल का मूल निवास कहाँ है?
निखिल का मूल निवास संजय बस्ती, तिमारपुर है।
निखिल के खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं?
निखिल के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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