10 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: भाजपा विधायक-नेता 10 घंटे हिरासत में, बाउरी बोले — रिहा करो या जेल भेजो

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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: भाजपा विधायक-नेता 10 घंटे हिरासत में, बाउरी बोले — रिहा करो या जेल भेजो

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद ने नया मोड़ लिया — विधानसभा सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी समेत दर्जनों भाजपा विधायक 10 घंटे से कैंप जेल में बंद हैं। भाजपा ने इसे 'लोकतंत्र का काला दिवस' बताया और सीधा अल्टीमेटम दिया: जेल भेजो या रिहा करो।

मुख्य बातें

10 अगस्त 2026 को रांची में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी , प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू , पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और दीपक प्रकाश समेत कई नेता खेलगांव कैंप जेल में बंद रहे।
शाम 7:30 बजे तक करीब 10 घंटे बाद भी किसी को रिहा नहीं किया गया था।
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने इसे 'तानाशाही' और 'लोकतंत्र का काला दिवस' बताया।
हिरासत झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हुई, जिससे संवैधानिक सवाल उठे।
विरोध प्रदर्शन जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में था।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में 10 अगस्त 2026 को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शाम 7:30 बजे IST तक वे खेलगांव स्थित कैंप जेल में करीब 10 घंटे से बंद थे, जबकि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र भी उसी समय चल रहा था।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा विधायक और नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर खेलगांव कैंप जेल भेज दिया। हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और वरिष्ठ नेता दीपक प्रकाश शामिल हैं।

बाउरी की सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस कार्रवाई को 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि अगर भाजपा नेताओं ने कोई अपराध किया है तो सरकार उन्हें जेल भेजे, अन्यथा तत्काल रिहा करे। बाउरी ने यह भी दावा किया कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के सभी विधायकों को एक साथ हिरासत में रखा गया हो।

विधानसभा सत्र और संवैधानिक सवाल

बाउरी ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब सदन की कार्यवाही चल रही हो तो विपक्षी विधायकों की हिरासत पर अध्यक्ष को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केवल सत्ता पक्ष के विधायकों से विधानसभा की कार्यवाही संचालित हो सकती है। इसके अलावा, बाउरी ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक राज्यसभा सांसद को भी सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोका गया।

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद की पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन उस व्यापक छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा है। गौरतलब है कि परीक्षा भर्ती विवाद झारखंड में पिछले कई महीनों से राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है, और भाजपा इसे सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के खिलाफ प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाती रही है।

आगे क्या होगा

बाउरी ने राज्य सरकार से हिरासत में लिए गए सभी भाजपा नेताओं को तत्काल रिहा करने की माँग की है। यह घटना झारखंड की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकती है, विशेषकर तब जब विधानसभा का मानसून सत्र जारी है और विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरकार का यह कदम आंदोलन को दबाने की बजाय उसे और हवा दे सकता है। बाउरी का 'पहली बार देश में' वाला दावा सत्यापन की माँग करता है, पर अगर आंशिक रूप से भी सही है तो विधानसभा अध्यक्ष की चुप्पी और भी असहज करने वाली है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायकों को झारखंड में क्यों हिरासत में लिया गया?
भाजपा विधायकों और नेताओं ने 10 अगस्त 2026 को रांची में मुख्यमंत्री आवास के बाहर जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर खेलगांव कैंप जेल भेज दिया।
कौन-कौन से नेता हिरासत में हैं?
हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू , पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और वरिष्ठ नेता दीपक प्रकाश शामिल हैं।
अमर कुमार बाउरी ने क्या माँग की है?
भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर भाजपा नेताओं ने कोई अपराध किया है तो उन्हें जेल भेजा जाए, अन्यथा तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने इस कार्रवाई को 'तानाशाही' और 'लोकतंत्र का काला दिवस' बताया।
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में छात्र आंदोलन चल रहा है। भाजपा इस मुद्दे को सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ प्रमुखता से उठाती रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की हिरासत क्यों विवादास्पद है?
भाजपा का कहना है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र उसी समय चल रहा था जब विपक्षी विधायक हिरासत में थे। बाउरी ने दावा किया कि देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब सदन के चलते विपक्ष के सभी विधायकों को एक साथ हिरासत में रखा गया, और विधानसभा अध्यक्ष को इस पर संज्ञान लेना चाहिए था।
राष्ट्र प्रेस
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