10 अगस्त 2026
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श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम में 2.8 लाख से अधिक तीर्थयात्री, ईस्टर्न रेलवे ने की विशेष व्यवस्था

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श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम में 2.8 लाख से अधिक तीर्थयात्री, ईस्टर्न रेलवे ने की विशेष व्यवस्था

सारांश

श्रावणी मेले के 11वें दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में 2.8 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचे। ईस्टर्न रेलवे ने 32 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं और होल्डिंग एरिया से लेकर 24 घंटे मेडिकल टीम तक की व्यवस्था की — देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक इस धाम पर श्रावण में हर साल लाखों भक्तों की आस्था उमड़ती है।

मुख्य बातें

श्रावणी मेले के 11वें दिन रेलवे सेवाओं के ज़रिये 2.8 लाख से अधिक तीर्थयात्री बाबा बैद्यनाथ धाम और तारकेश्वर पहुँचे।
जसीडीह स्टेशन पर यात्री संख्या में 13.63% की गिरावट, जबकि देवघर में 11.08% और बासुकीनाथ में 9.47% की बढ़ोतरी दर्ज।
ईस्टर्न रेलवे ने जसीडीह में 32 स्पेशल ट्रेनें (478 कोच), देवघर में 18 (234 कोच) और बासुकीनाथ में 10 (120 कोच) चलाईं।
छह प्रमुख स्थानों पर कुल 1,439 से अधिक तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता दी गई; बुज़ुर्गों के लिए व्हीलचेयर सेवा उपलब्ध।
भगदड़ से बचाव के लिए होल्डिंग एरिया और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था लागू।

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व हुजूम उमड़ रहा है। 10 अगस्त 2026 को प्राप्त रेलवे आँकड़ों के अनुसार, मेले के 11वें दिन अकेले रेलवे सेवाओं के माध्यम से 2.8 लाख से अधिक तीर्थयात्री इन तीर्थस्थलों तक पहुँचे। बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, और श्रावण मास में यहाँ लाखों कांवड़िये और श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

स्टेशनवार यात्री आँकड़े

ईस्टर्न रेलवे के अधिकारियों द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जसीडीह स्टेशन पर इस वर्ष 72,890 यात्रियों ने यात्रा की, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 84,392 थी — अर्थात् 13.63 प्रतिशत की गिरावट। इसके विपरीत, सुल्तानगंज में 1,06,640 यात्री पहुँचे। बासुकीनाथ में 9.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहाँ 17,850 यात्रियों ने यात्रा की। देवघर में भी 11.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 21,582 यात्री आए।

विशेष ट्रेनें और यातायात प्रबंधन

भारी तीर्थयात्री प्रवाह को सँभालने के लिए ईस्टर्न रेलवे ने बड़े पैमाने पर विशेष ट्रेनें चलाई हैं। जसीडीह में 478 कोच वाली 32 स्पेशल ट्रेनें, देवघर में 234 कोच वाली 18 ट्रेनें, बासुकीनाथ में 120 कोच वाली 10 ट्रेनें और बैद्यनाथ धाम में 6 ट्रेनें संचालित की गई हैं। सुल्तानगंज में स्पेशल ट्रेनों की 6 जोड़ियाँ चलाई गईं, और नियमित ट्रेनों में भी अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाएँ और भीड़ नियंत्रण

अधिकारियों के अनुसार, बासुकीनाथ में 632, जसीडीह में 301, देवघर में 189, तारकेश्वर में 145, बैद्यनाथ धाम में 90 और सुल्तानगंज में 82 तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। बुज़ुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई — तारकेश्वर में 8, जसीडीह में 7, तथा देवघर, बासुकीनाथ और सुल्तानगंज में 1-1 व्हीलचेयर।

भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। निगरानी के लिए अतिरिक्त उपकरण लगाए गए हैं और स्थिति पर 24 घंटे नज़र रखी जा रही है। इसके अलावा ऑपरेटरों के साथ अधिक ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।

रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया

ईस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ शिबराम माझी ने बताया कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर समर्पित स्टाफ और मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे तैनात हैं, ताकि हर श्रद्धालु को त्वरित सहायता मिल सके और उनकी तीर्थयात्रा निर्विघ्न पूरी हो। यह ऐसे समय में आया है जब श्रावण मेलों में भीड़ प्रबंधन को लेकर देशभर में बहस तेज़ हुई है।

आगे क्या

श्रावण मास के शेष दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि माँग के अनुसार और विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। प्रशासन का ध्यान अब भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो योजना की कमज़ोरी भी हो सकती है। चिकित्सा सहायता के आँकड़े — अकेले बासुकीनाथ में 632 मामले — संकेत देते हैं कि बुनियादी ढाँचे पर दबाव गहरा है। बड़े मेलों में भगदड़ की पिछली घटनाओं के मद्देनज़र होल्डिंग एरिया और 24 घंटे निगरानी जैसे कदम सराहनीय हैं, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब श्रावण माह के अंत में पूरे मेले का डेटा सामने आएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम में कितने तीर्थयात्री आए?
रेलवे आँकड़ों के अनुसार मेले के 11वें दिन 2.8 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने रेलवे सेवाओं का उपयोग किया। इनमें सुल्तानगंज में सर्वाधिक 1,06,640 यात्री शामिल थे।
बाबा बैद्यनाथ धाम कहाँ स्थित है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
बाबा बैद्यनाथ धाम झारखंड के देवघर में स्थित है और यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। श्रावण मास में यहाँ लाखों कांवड़िये और श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिससे यह देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल हो जाता है।
ईस्टर्न रेलवे ने श्रावणी मेले के लिए क्या विशेष व्यवस्थाएँ कीं?
ईस्टर्न रेलवे ने जसीडीह में 32, देवघर में 18, बासुकीनाथ में 10 और बैद्यनाथ धाम में 6 स्पेशल ट्रेनें चलाईं। इसके अलावा होल्डिंग एरिया, 24 घंटे मेडिकल टीमें, व्हीलचेयर सेवा और अतिरिक्त टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई गईं।
2025 की तुलना में इस वर्ष यात्री संख्या में क्या बदलाव आया?
जसीडीह स्टेशन पर 2025 के 84,392 की तुलना में इस वर्ष 72,890 यात्री आए — यानी 13.63% की गिरावट। हालाँकि देवघर में 11.08% और बासुकीनाथ में 9.47% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता कहाँ-कहाँ मिली?
बासुकीनाथ में 632, जसीडीह में 301, देवघर में 189, तारकेश्वर में 145, बैद्यनाथ धाम में 90 और सुल्तानगंज में 82 तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता दी गई। बुज़ुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
राष्ट्र प्रेस
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