सावन की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़े 2-3 लाख श्रद्धालु, 10 किमी लंबी कतार
सारांश
मुख्य बातें
देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में 3 अगस्त 2026 को सावन की पहली सोमवारी पर तड़के से ही लाखों शिवभक्तों का रेला उमड़ पड़ा। मंदिर के कपाट खुलते ही झारखंड का यह पवित्र नगर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। सुबह 8 बजे तक कांवड़ियों की कतार लगभग 10 किलोमीटर लंबी हो चुकी थी।
मुख्य घटनाक्रम
परंपरा के अनुसार तड़के 3 बजे कांचा जल पूजा और सरकारी पूजा संपन्न हुई, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण का द्वार खोला गया। बिहार के सुल्तानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लाखों कांवड़िए लगभग 108 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबा के दरबार में पहुँचे। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, पहली सोमवारी होने के कारण इस दिन 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना जताई गई — जबकि सावन के सामान्य दिनों में यह संख्या 1 से डेढ़ लाख के बीच रहती है।
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक 'कामना महादेव' विराजमान हैं। श्रद्धालुओं की आस्था है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलीभूत होती है। इसी विश्वास के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त बाबा पर जल चढ़ाकर सुख, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद माँग रहे हैं।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के ज़रिये हो रही है। वृद्ध, दिव्यांग और लंबी कतार में खड़े होने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाह्य अर्घा व्यवस्था का विस्तार किया गया है।
राजकीय श्रावणी मेले की तैयारी
झारखंड राज्य सरकार के अनुसार, इस वर्ष राजकीय श्रावणी मेले में देश-विदेश से 50 से 60 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए देवघर-सुल्तानगंज मार्ग पर कोठिया और बाघमारा में अत्याधुनिक टेंट सिटी स्थापित की गई है, जहाँ एक साथ हज़ारों श्रद्धालु ठहर सकते हैं। यह आयोजन हर वर्ष झारखंड की सबसे बड़ी धार्मिक सभाओं में गिना जाता है।
क्या होगा आगे
सावन माह में आने वाली हर सोमवारी पर भीड़ का यह सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे व्यवस्था बनाए रखें और निर्धारित मार्गों का ही अनुसरण करें। इस वर्ष का श्रावणी मेला अपने व्यापक प्रबंधन और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या के कारण विशेष रूप से चर्चा में है।