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सावन की पहली सोमवारी: बाबा गरीबनाथ मंदिर में उमड़े डेढ़ लाख श्रद्धालु, 87 किमी पैदल चलकर पहुंचे कांवरिए

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सावन की पहली सोमवारी: बाबा गरीबनाथ मंदिर में उमड़े डेढ़ लाख श्रद्धालु, 87 किमी पैदल चलकर पहुंचे कांवरिए

सारांश

सावन की पहली सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने का अनुमान है। 87 किलोमीटर पैदल चलकर पहलेजा घाट से गंगाजल लाने वाले कांवरियों की आस्था और जिला प्रशासन की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था — दोनों एक साथ दिखे।

मुख्य बातें

बाबा गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर में सावन की पहली सोमवारी ( 3 अगस्त 2025 ) पर डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलाभिषेक का अनुमान।
सोमवार सुबह साढ़े छह बजे तक करीब 50,000 श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे।
कांवरिए 87 किलोमीटर दूर पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करके पहुँचे।
मंदिर से 5 किलोमीटर पहले से कतारबद्ध व्यवस्था; सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने साइबर टीम की तैनाती और पटना-मुजफ्फरपुर राजमार्ग पर यातायात प्रतिबंध की जानकारी दी।

सावन की पहली सोमवारी पर मुजफ्फरपुर स्थित उत्तर बिहार के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में 3 अगस्त 2025 को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार रात 10 बजे से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया और सोमवार सुबह साढ़े छह बजे तक करीब 50,000 श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, देर शाम तक यह संख्या डेढ़ लाख से अधिक पहुँचने का अनुमान है।

मुख्य घटनाक्रम

श्रद्धालु करीब 87 किलोमीटर दूर पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा गरीबनाथ के दरबार पहुँचे। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूँजता रहा। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में कांवरिए मंदिर पहुँचे।

व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंध

भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर से लगभग पाँच किलोमीटर पहले से ही कतारबद्ध व्यवस्था की गई। मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। भीड़ अधिक होने के कारण सभी श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से अरघा के माध्यम से जल अर्पित कराया जा रहा है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक की अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के ज़रिए लगातार निगरानी की जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए पटना-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है, जबकि आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। उन्होंने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की और बताया कि सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए साइबर टीम भी सक्रिय है।

मंदिर प्रशासन का कहना

मंदिर के मुख्य पुजारी विनय पाठक ने कहा कि प्रत्येक सोमवारी के लिए मंदिर प्रशासन पूरी तैयारी के साथ रहता है। उन्होंने कहा, 'हमारा प्रयास रहता है कि किसी भी श्रद्धालु या कांवरिए को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी श्रद्धालु आसानी से बाबा गरीबनाथ के मस्तक पर जल अर्पित कर सकें।' उन्होंने बताया कि सुबह तक 50 से 60 हज़ार श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब सावन माह में उत्तर बिहार के शिव मंदिरों में कांवरियों की संख्या हर वर्ष नई ऊँचाई छू रही है। गौरतलब है कि बाबा गरीबनाथ मंदिर उत्तर बिहार के सबसे बड़े शिव तीर्थों में से एक माना जाता है और सावन की प्रत्येक सोमवारी पर यहाँ लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। आने वाली सोमवारियों में भी इसी तरह की भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने दीर्घकालिक व्यवस्था बनाए रखने का संकेत दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ प्रशासनिक दबाव भी बढ़ता है। 87 किलोमीटर की पैदल यात्रा और डेढ़ लाख की भीड़ के बीच भगदड़ या चिकित्सा आपात स्थिति का जोखिम वास्तविक है — ड्रोन और सीसीटीवी सराहनीय हैं, पर क्या मेडिकल पोस्ट और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था है, यह रिपोर्ट में अनुत्तरित रहा। आने वाली सोमवारियों में भीड़ और बढ़ेगी — प्रशासन को प्रतिक्रियात्मक नहीं, निवारक तैयारी पर ध्यान देना होगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा गरीबनाथ मंदिर कहाँ स्थित है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
बाबा गरीबनाथ मंदिर बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित उत्तर बिहार का एक प्रमुख शिव तीर्थ है। सावन माह में यहाँ लाखों कांवरिए पहलेजा घाट से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करते हैं।
सावन की पहली सोमवारी पर कितने श्रद्धालु पहुँचे?
मंदिर प्रशासन के अनुसार 3 अगस्त 2025 को देर शाम तक डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है। सुबह साढ़े छह बजे तक करीब 50,000 श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे।
कांवरिए गंगाजल कहाँ से लाते हैं और यात्रा कितनी लंबी है?
कांवरिए मुजफ्फरपुर से करीब 87 किलोमीटर दूर पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुँचते हैं। यह पैदल तीर्थयात्रा सावन की आस्था का प्रमुख हिस्सा मानी जाती है।
भीड़ प्रबंधन के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
मंदिर से पाँच किलोमीटर पहले से कतारबद्ध व्यवस्था लागू की गई है और श्रद्धालुओं को अरघा के माध्यम से जल अर्पित कराया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और साइबर टीम की तैनाती के साथ पटना-मुजफ्फरपुर राजमार्ग पर सामान्य वाहनों की आवाजाही भी सीमित की गई है।
आगे की सोमवारियों में भी ऐसी भीड़ की उम्मीद है?
हाँ, सावन माह की प्रत्येक सोमवारी पर बाबा गरीबनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाली सोमवारियों के लिए भी इसी तरह की व्यापक व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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