17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के शिव मंदिरों में उमड़े लाखों श्रद्धालु, 'बोल बम' से गूंजे मंदिर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के शिव मंदिरों में उमड़े लाखों श्रद्धालु, 'बोल बम' से गूंजे मंदिर

सारांश

सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार भक्तिमय हो उठा — बांका में रात 2 बजे से कांवड़ियों का तांता, मुजफ्फरपुर में ड्रोन निगरानी, बक्सर में एनडीआरएफ तैनात। 'बोल बम' के जयघोष के बीच सुल्तानगंज से 50 किलोमीटर पैदल चलकर श्रद्धालु पहुंचे।

मुख्य बातें

सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को बिहार के बांका, मुजफ्फरपुर और बक्सर के शिव मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी।
बांका में रात 2 बजे से श्रद्धालुओं का आगमन; कांवड़िए सुल्तानगंज से 50 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे।
मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी; डीएम कुमार गौरव ने 'डाक बम' कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था की पुष्टि की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने बताया कि पटना राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित की गई।
बक्सर के रामरेखा घाट पर हजारों श्रद्धालु; एनडीआरएफ की टीमें तैनात।

पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को बिहार के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बांका, मुजफ्फरपुर और बक्सर सहित राज्यभर के शिवालयों में कांवड़ियों ने 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच जलाभिषेक किया। जिला प्रशासन और पुलिस ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

बांका में रात 2 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का तांता

बांका में सोमवार की रात करीब 2 बजे से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। बड़ी संख्या में कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल और वाहनों से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर बांका पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के नारों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया गया।

मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में विशेष प्रबंध

मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीब नाथ मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक रहती है। उन्होंने कहा कि 'डाक बम' के रूप में यात्रा करने वाले कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और बैरिकेडिंग के साथ सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

डीएम कुमार गौरव ने आगे बताया कि सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'जहाँ भी भीड़ का दबाव बढ़ता है, हम तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था करते हैं।'

पुलिस की तैयारी और यातायात प्रबंधन

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने बताया कि तीसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए पूरे रास्ते पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पटना जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित की गई है और पूरे शहर में सीसीटीवी से निगरानी जारी है। यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं।

बक्सर के रामरेखा घाट पर हजारों की भीड़

बक्सर के रामरेखा घाट पर भी हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेने और विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए एकत्रित हुए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात कीं। यह ऐसे समय में आया है जब गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प

एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने सावन के दूसरे सोमवार को देवघर में जलाभिषेक किया था। तीसरे सोमवार को काशी जाने की इच्छा थी, लेकिन संभव न हो पाने पर वे अपने गाँव के महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक करेंगे। यह भावना बिहार में सावन की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाती है, जहाँ श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करके भी भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं। सावन का चौथा और अंतिम सोमवार भी इसी तरह की भव्यता के साथ मनाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक क्षमता की वार्षिक परीक्षा भी है। सुल्तानगंज से बांका तक 50 किलोमीटर की पैदल यात्रा और रामरेखा घाट पर हजारों की भीड़ यह बताती है कि राज्य में धार्मिक पर्यटन का बुनियादी ढाँचा अभी भी माँग के अनुरूप नहीं है। ड्रोन और सीसीटीवी जैसे तकनीकी उपाय स्वागतयोग्य हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये इंतजाम स्थायी हैं या हर सोमवार को नए सिरे से जुटाए जाते हैं। दीर्घकालिक समाधान के लिए घाटों पर स्थायी भीड़-प्रबंधन संरचना और 'डाक बम' कांवड़ियों के लिए समर्पित मार्गों की योजना ज़रूरी है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन का तीसरा सोमवार 2025 में कब है और बिहार में इसका क्या महत्व है?
सावन का तीसरा सोमवार 17 अगस्त को पड़ा। बिहार में इस दिन लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज जैसे पवित्र घाटों से गंगाजल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं, जो कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी परंपराओं में से एक है।
बांका में कांवड़िए कहाँ से और कितनी दूरी तय करके पहुंचते हैं?
कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल और वाहनों से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर बांका के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इस बार रात 2 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन के क्या इंतजाम किए गए?
जिलाधिकारी कुमार गौरव के अनुसार, बाबा गरीब नाथ मंदिर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है। 'डाक बम' कांवड़ियों के लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं और भीड़ बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था की जाती है।
'डाक बम' कांवड़िए कौन होते हैं?
'डाक बम' वे कांवड़िए होते हैं जो बिना रुके और बेहद तेज गति से गंगाजल लेकर शिव मंदिर तक की यात्रा पूरी करते हैं। इनके लिए भीड़ में अलग मार्ग और प्राथमिकता-आधारित व्यवस्था की जाती है।
बक्सर के रामरेखा घाट पर क्या विशेष इंतजाम किए गए?
बक्सर के रामरेखा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीमें तैनात कीं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। श्रद्धालु यहाँ से गंगाजल लेकर आसपास के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले