सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के शिव मंदिरों में उमड़े लाखों श्रद्धालु, 'बोल बम' से गूंजे मंदिर
सारांश
मुख्य बातें
पवित्र सावन माह के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को बिहार के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बांका, मुजफ्फरपुर और बक्सर सहित राज्यभर के शिवालयों में कांवड़ियों ने 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच जलाभिषेक किया। जिला प्रशासन और पुलिस ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
बांका में रात 2 बजे से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का तांता
बांका में सोमवार की रात करीब 2 बजे से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। बड़ी संख्या में कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल और वाहनों से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर बांका पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के नारों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया गया।
मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर में विशेष प्रबंध
मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीब नाथ मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक रहती है। उन्होंने कहा कि 'डाक बम' के रूप में यात्रा करने वाले कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और बैरिकेडिंग के साथ सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
डीएम कुमार गौरव ने आगे बताया कि सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'जहाँ भी भीड़ का दबाव बढ़ता है, हम तत्काल अतिरिक्त व्यवस्था करते हैं।'
पुलिस की तैयारी और यातायात प्रबंधन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने बताया कि तीसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते हुए पूरे रास्ते पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पटना जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित की गई है और पूरे शहर में सीसीटीवी से निगरानी जारी है। यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं।
बक्सर के रामरेखा घाट पर हजारों की भीड़
बक्सर के रामरेखा घाट पर भी हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेने और विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए एकत्रित हुए। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात कीं। यह ऐसे समय में आया है जब गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
श्रद्धालुओं की आस्था और संकल्प
एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने सावन के दूसरे सोमवार को देवघर में जलाभिषेक किया था। तीसरे सोमवार को काशी जाने की इच्छा थी, लेकिन संभव न हो पाने पर वे अपने गाँव के महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक करेंगे। यह भावना बिहार में सावन की गहरी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाती है, जहाँ श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करके भी भगवान शिव का आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं। सावन का चौथा और अंतिम सोमवार भी इसी तरह की भव्यता के साथ मनाए जाने की उम्मीद है।