श्रावणी मेला 2026: बरहनी-देवघर स्पेशल ट्रेन 28 जुलाई से, 33 फेरे और AI सुरक्षा कवच
सारांश
मुख्य बातें
श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने बरहनी और देवघर के बीच अनारक्षित श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष ट्रेन 28 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक संचालित होगी और इससे नियमित ट्रेनों पर यात्री भार भी कम होगा।
ट्रेन का समय-सारणी और रूट
ट्रेन संख्या 05028 बरहनी-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल 28 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन (कुल 33 फेरे) बरहनी से दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1:00 बजे देवघर पहुँचेगी। पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में यह ट्रेन मुंगेर (06:55/07:00 बजे), सुल्तानगंज (08:20/08:25 बजे), भागलपुर (08:55/09:05 बजे), बाराहाट (10:00/10:05 बजे) और बांका (10:40/10:45 बजे) स्टेशनों पर रुकेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 05027 देवघर-बरहनी श्रावणी मेला स्पेशल 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन (कुल 33 फेरे) शाम 6:45 बजे देवघर से चलेगी और अगले दिन दोपहर 3:15 बजे बरहनी पहुँचेगी। इस दिशा में ट्रेन बांका (19:38/19:40 बजे), बाराहाट (20:01/20:03 बजे), भागलपुर (20:53/21:03 बजे), सुल्तानगंज (21:25/21:30 बजे) और मुंगेर (23:15/23:20 बजे) पर ठहरेगी।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था: पहली बार AI निगरानी
झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में इस बार पहली बार AI आधारित कंट्रोल रूम, ड्रोन और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। मेले में 14,000 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा बलों में जिला पुलिस, झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडियन रिज़र्व बटालियन (IRB), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की पाँच कंपनियाँ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की दो कंपनियाँ शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम बाबा मंदिर परिसर, संस्कार मंडप और कतार मार्ग का सुरक्षा ऑडिट पूरा कर चुकी है। मेला क्षेत्र में 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 ट्रैफिक ओपी स्थापित किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएँ
आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रविवार और सोमवार को VIP, VVIP और 'आउट ऑफ टर्न' दर्शन की व्यवस्था स्थगित रहेगी — जो मेले के इतिहास में एक उल्लेखनीय कदम है। गौरतलब है कि श्रावणी मेला प्रतिवर्ष लाखों काँवड़ियों और शिव भक्तों को देवघर खींचता है, और भीड़ प्रबंधन हर वर्ष प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही है।
प्रशासनिक तैयारी और लक्ष्य
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने 25 जुलाई 2026 तक सभी आधारभूत तैयारियाँ पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यह एक माह का धार्मिक आयोजन 30 जुलाई से शुरू होकर 30 अगस्त 2026 तक चलेगा। रेलवे और प्रशासन की समन्वित कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं का अनुभव सुरक्षित और सुगम रहे।