दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: 475 ग्राम हेरोइन संग अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त, तीन गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: 475 ग्राम हेरोइन संग अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त, तीन गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने पूर्वी जिले में 80 लाख रुपए की 475 ग्राम हेरोइन बरामद कर शाहजहांपुर (UP) से संचालित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने 2 अप्रैल 2025 को गाजीपुर में छापेमारी कर अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया।
  • कुल 475 ग्राम हेरोइन/स्मैक बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपए
  • तीन आरोपी गिरफ्तार — मोहम्मद आरिफ (40), अमित (22) और विकास (28), सभी शाहजहांपुर, UP से जुड़े।
  • मुख्य आरोपी पिछले 5-6 महीनों से दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर स्मैक बेच रहा था।
  • एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में मामला दर्ज।
  • मामले की जांच जारी, नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल। दिल्ली पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (पूर्वी जिला) ने एक बड़ी कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से संचालित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 475 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है।

कैसे हुई गिरफ्तारी — ऑपरेशन की पूरी कहानी

2 अप्रैल को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली कि मोहम्मद आरिफ (40 वर्ष) नामक व्यक्ति गाजीपुर क्षेत्र में स्मैक की आपूर्ति करने वाला है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन में टीम ने एनएच-24, गाजीपुर सब्जी मंडी रोड के पास जाल बिछाया।

आरोपी मोहम्मद आरिफ को मौके पर ही दबोच लिया गया और तलाशी में उसके पास से 270 ग्राम स्मैक बरामद हुई। 3 अप्रैल को थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पूछताछ से खुला शाहजहांपुर कनेक्शन

पूछताछ के दौरान मोहम्मद आरिफ ने स्वीकार किया कि वह शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश के दो सप्लायरों — अमित (22 वर्ष) और विकास (28 वर्ष) — से स्मैक खरीदता था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के जरिए दोनों सप्लायरों को भी गिरफ्तार कर लिया।

अमित और विकास के पास से 205 ग्राम स्मैक अतिरिक्त बरामद की गई, जिसे जब्ती मेमो के माध्यम से कब्जे में लिया गया। इस प्रकार कुल 475 ग्राम हेरोइन बरामद कर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।

आरोपियों की पृष्ठभूमि और नेटवर्क का संचालन

मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ मूलतः शाहजहांपुर का निवासी है और वर्तमान में ब्रह्मपुरी, दिल्ली में किराए के मकान में रह रहा था। वह स्वयं नशे का आदी था और इसी कारण सप्लायरों के संपर्क में आया। शुरुआत में वह छोटी मात्रा में स्मैक खरीदकर दिल्ली-एनसीआर में बेचता था, लेकिन पिछले 5-6 महीनों में उसने इसे बड़े पैमाने पर व्यवसाय का रूप दे दिया।

आरोपी नशे के आदी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर स्मैक बेचता था। दूसरा आरोपी अमित, निवासी तलहन सैयांपुर, शाहजहांपुर, 12वीं पास और विवाहित है। तीसरा आरोपी विकास, निवासी कलन, शाहजहांपुर, भी 12वीं पास और विवाहित है। तीनों आर्थिक लाभ के लिए संगठित रूप से ड्रग तस्करी में संलिप्त थे।

व्यापक संदर्भ — दिल्ली में बढ़ती ड्रग तस्करी की चुनौती

यह गिरफ्तारी उस बड़ी प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है जिसमें उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले दिल्ली-एनसीआर में नशे की आपूर्ति के केंद्र बनते जा रहे हैं। शाहजहांपुर जैसे जिले, जो पहले से ही कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, अब ड्रग सप्लाई चेन में भी उभर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक पिछड़ापन और रोजगार की कमी युवाओं को इस अवैध धंधे की ओर धकेलती है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने इस वर्ष पहले भी कई बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ पाए जाने पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

आगे की जांच और अपेक्षित कार्रवाई

पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या शाहजहांपुर में इस सिंडिकेट के और भी तार जुड़े हैं और क्या स्थानीय पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई की जाएगी। मामले में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला इस नेटवर्क के भविष्य की दिशा तय करेगा।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि शाहजहांपुर जैसे जिले बार-बार ड्रग सप्लाई चेन में क्यों उभर रहे हैं — क्या वहां की स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में विफल है? यह भी विचारणीय है कि मुख्य आरोपी स्वयं नशे का शिकार था और बाद में तस्कर बन गया — यह सामाजिक-आर्थिक विफलता की कहानी है, जिसे केवल गिरफ्तारियों से नहीं सुलझाया जा सकता। पुनर्वास और रोकथाम नीतियों के बिना यह चक्र टूटना मुश्किल है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने कितनी हेरोइन बरामद की और इसकी कीमत क्या है?
दिल्ली पुलिस ने कुल 475 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है।
इस ड्रग सिंडिकेट में कितने लोग गिरफ्तार हुए और वे कौन हैं?
इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — मोहम्मद आरिफ (40 वर्ष), अमित (22 वर्ष) और विकास (28 वर्ष)। अमित और विकास उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के निवासी हैं और मुख्य सप्लायर थे।
यह ड्रग नेटवर्क कैसे काम करता था?
शाहजहांपुर के सप्लायर दिल्ली में मोहम्मद आरिफ को स्मैक की आपूर्ति करते थे, जो ब्रह्मपुरी, दिल्ली में रहकर इसे दिल्ली-एनसीआर में बेचता था। पिछले 5-6 महीनों से यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर सक्रिय था।
इस मामले में कौन सी धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ?
एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में मुकदमा दर्ज किया गया है। व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ पाए जाने पर 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया?
यह ऑपरेशन इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन में एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (पूर्वी जिला) ने अंजाम दिया।
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