फिट इंडिया संदेश: डल झील किनारे 'संडे ऑन साइकिल', मांडविया बोले — स्वस्थ नागरिक से बनेगा विकसित भारत
सारांश
Key Takeaways
- २६ अप्रैल को श्रीनगर की डल झील किनारे 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा खड़से और जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने साइकिलिंग में भाग लिया।
- हर रविवार देशभर के १६ हजार से अधिक स्थानों पर 'संडे ऑन साइकिल' अभियान चलाया जा रहा है।
- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चिंतन शिविर में भारत को खेलों का महाशक्ति केंद्र बनाने की परिकल्पना का समर्थन किया।
- मांडविया ने कहा — स्वस्थ नागरिक ही 'विकसित भारत' की नींव है और फिटनेस राष्ट्र निर्माण का अनिवार्य हिस्सा है।
- यह तीन दिवसीय दौरा भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल मानी जा रही है।
श्रीनगर, २६ अप्रैल। जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत डल झील के किनारे रविवार को 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने साइकिल चलाकर 'फिट इंडिया' का संदेश दिया। उनके साथ केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से और जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा भी शामिल रहे। यह आयोजन तीन दिवसीय चिंतन शिविर के अंतिम दिन किया गया।
डल झील किनारे साइकिलिंग — फिटनेस का अनूठा संदेश
श्रीनगर की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में मनसुख मांडविया ने अन्य प्रतिभागियों के साथ साइकिल चलाई। डल झील का शांत और नयनाभिराम वातावरण इस फिटनेस संदेश को और अधिक प्रभावशाली बना गया।
मीडिया से बात करते हुए मांडविया ने कहा, "युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत श्रीनगर में डल झील के किनारे चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। कश्मीर के लोगों ने विभिन्न राज्यों से आए मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया।"
उन्होंने आगे कहा, "तीसरे दिन डल झील पर 'संडे ऑन साइकिल' के जरिए फिटनेस का संदेश दिया गया। यह आयोजन अत्यंत सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।"
स्वस्थ नागरिक — विकसित भारत की नींव
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण बात कही — "किसी भी देश को समृद्ध और शक्तिशाली बनाना है तो उसके नागरिकों का स्वस्थ रहना अनिवार्य है। जब नागरिक फिट होंगे, तो समाज स्वस्थ होगा और एक स्वस्थ समाज ही 'विकसित भारत' का निर्माण कर सकता है।"
उन्होंने बताया कि इसी लक्ष्य को पाने के लिए हर रविवार देशभर में १६ हजार से अधिक स्थानों पर 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान फिट इंडिया मूवमेंट का एक सक्रिय और जमीनी हिस्सा बन चुका है।
चिंतन शिविर — भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती
इससे पहले शनिवार को श्रीनगर में आयोजित चिंतन शिविर में मांडविया ने भाग लिया। इस शिविर में समन्वित कार्रवाई, व्यवस्थागत सुधार, नीतिगत अभिसरण और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के माध्यम से भारत के खेल ढांचे को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी इस शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने भारत को खेलों का महाशक्ति केंद्र बनाने की परिकल्पना की सराहना की। विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों और अधिकारियों की उपस्थिति ने इस शिविर को एक राष्ट्रीय खेल नीति संवाद का रूप दिया।
गहरा संदर्भ — 'फिट इंडिया' और कश्मीर का संयोग
गौरतलब है कि फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत २९ अगस्त २०१९ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। तब से यह अभियान धीरे-धीरे जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। श्रीनगर जैसे संवेदनशील और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में इस कार्यक्रम का आयोजन दो संदेश एक साथ देता है — एक, कश्मीर में सामान्य स्थिति और शांति का माहौल; दो, स्वास्थ्य एवं खेल के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में तनाव का माहौल है। ऐसे में केंद्रीय मंत्रियों का डल झील किनारे सार्वजनिक साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित करना एक सुनियोजित संदेश भी माना जा सकता है कि जनजीवन सामान्य है और सरकार विकास की राह पर अग्रसर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि १६ हजार स्थानों पर एक साथ साइकिलिंग कार्यक्रम यदि नियमित रूप से जारी रहे, तो यह न केवल जन-स्वास्थ्य बल्कि साइकिल उद्योग और हरित परिवहन को भी बढ़ावा दे सकता है — एक ऐसा पहलू जिस पर अभी तक नीति-निर्माताओं का ध्यान पर्याप्त नहीं गया है।
आगे की राह
मनसुख मांडविया के तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे के बाद उम्मीद की जा रही है कि चिंतन शिविर में हुई चर्चाओं के आधार पर जल्द ही एक राष्ट्रीय खेल नीति रोडमैप सामने आएगा। 'संडे ऑन साइकिल' जैसे अभियानों का विस्तार और २०३६ ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भारत की तैयारियों को गति मिलने की संभावना है।