आईपीएल इतिहास में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' से आउट हुए 4 बल्लेबाज, अंगकृष रघुवंशी बने चौथे
सारांश
Key Takeaways
- अंगकृष रघुवंशी आईपीएल इतिहास में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' से आउट होने वाले चौथे बल्लेबाज बने।
- यूसुफ पठान (2013) इस नियम के तहत आईपीएल में आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे, जिन्होंने उस पारी में 44 गेंदों पर 72 रन बनाए थे।
- अमित मिश्रा (2019) दूसरे और रवींद्र जडेजा (2024) तीसरे बल्लेबाज रहे जो इस दुर्लभ नियम का शिकार हुए।
- KKR के दो बल्लेबाज — यूसुफ पठान और अंगकृष रघुवंशी — इस सूची में शामिल हैं, जो एक उल्लेखनीय संयोग है।
- LSG कप्तान ऋषभ पंत की अपील के बाद अंपायर ने 26 अप्रैल 2025 को इकाना स्टेडियम, लखनऊ में यह फैसला सुनाया।
- 2008 से शुरू हुए आईपीएल के 18 सीजन में यह नियम अब तक केवल 4 बार लागू हुआ है।
लखनऊ, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आईपीएल 2025 में रविवार को एक दुर्लभ और चौंकाने वाला पल देखने को मिला, जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के विरुद्ध भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के नियम के तहत आउट घोषित किया गया। इसके साथ ही अंगकृष आईपीएल के पूरे इतिहास में इस दुर्लभ तरीके से पवेलियन लौटने वाले चौथे बल्लेबाज बन गए।
क्या होता है 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' नियम?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज जानबूझकर या अनजाने में फील्डिंग टीम के किसी खिलाड़ी के थ्रो या रन आउट के प्रयास में बाधा डालता है, तो उसे 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' आउट दिया जाता है। यह क्रिकेट के सबसे कम देखे जाने वाले आउट के तरीकों में से एक है।
आईपीएल जैसे हाई-वोल्टेज टी20 टूर्नामेंट में इस तरह का आउट होना अत्यंत विरल घटना है। 2008 में आईपीएल की शुरुआत से लेकर अब तक केवल चार बार ऐसा हुआ है।
आईपीएल में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' से आउट होने वाले बल्लेबाजों की सूची
पहला मामला — यूसुफ पठान (2013): आईपीएल इतिहास में इस दुर्लभ नियम के तहत सबसे पहले आउट होने का रिकॉर्ड यूसुफ पठान के नाम है। वर्ष 2013 में केकेआर की ओर से खेलते हुए उन्हें पुणे वॉरियर्स इंडिया के विरुद्ध इस तरह आउट करार दिया गया था। उस पारी में यूसुफ ने 44 गेंदों पर 72 रन की शानदार पारी खेली थी, जो उनके और टीम के लिए एक बड़ा झटका था।
दूसरा मामला — अमित मिश्रा (2019): इस सूची में दूसरा नाम स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा का है। वर्ष 2019 में विशाखापट्टनम के मैदान पर दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से खेलते हुए वे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस तरह आउट हुए। उस पारी में उन्होंने 2 गेंदों पर महज 1 रन बनाया था।
तीसरा मामला — रवींद्र जडेजा (2024): भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा वर्ष 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की ओर से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ खेलते हुए इस नियम का शिकार हुए। उस पारी में जडेजा 6 गेंदों पर केवल 5 रन ही बना सके थे।
चौथा मामला — अंगकृष रघुवंशी (2025): 26 अप्रैल 2025 को केकेआर की पारी के पांचवें ओवर की अंतिम गेंद पर अंगकृष रघुवंशी ने प्रिंस यादव की गेंद पर मिड-ऑन की दिशा में शॉट खेला और रन लेने के लिए दौड़ लगाई।
कैसे हुआ अंगकृष रघुवंशी आउट?
दूसरे छोर पर खड़े कैमरून ग्रीन ने अंगकृष को वापस लौटने का संकेत दिया। क्रीज पर वापस आने के प्रयास में अंगकृष ने डाइव लगाई, लेकिन इसी दौरान फील्डर का थ्रो सीधे उनके पैर से टकरा गया।
एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत ने तत्काल अपील की और पूरी टीम ने अंपायर के सामने जोरदार अपील दर्ज कराई। अंपायर ने मामले की समीक्षा के बाद अंगकृष को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट घोषित किया।
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि 2008 से शुरू हुए आईपीएल के 18 सीजन में अब तक यह नियम केवल चार बार लागू हुआ है, जो इसकी दुर्लभता को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी यह आउट बेहद कम देखा जाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, टी20 के तेज-रफ्तार प्रारूप में बल्लेबाज अक्सर रन बचाने के लिए ऐसी स्थितियों में फंस जाते हैं।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि क्रिकेट के नियम केवल गेंद और बल्ले तक सीमित नहीं हैं — मैदान पर हर गतिविधि नियमों के दायरे में आती है। आईपीएल 2025 का यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार पल बन गया है।
आने वाले मैचों में देखना होगा कि क्या अंगकृष रघुवंशी इस मनोवैज्ञानिक झटके से उबरकर केकेआर के लिए बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं और टीम प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर पाती है।