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किशोरावस्था में संतुलित आहार है जरूरी, जानें टीनएजर्स का सही डाइट प्लान

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किशोरावस्था में संतुलित आहार है जरूरी, जानें टीनएजर्स का सही डाइट प्लान

सारांश

किशोरावस्था में शरीर की तीव्र वृद्धि के लिए संतुलित आहार अनिवार्य है। प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम युक्त भोजन से हड्डियां मजबूत होती हैं और एकाग्रता बढ़ती है। जंक फूड से दूरी और घर के ताजे खाने को प्राथमिकता देना टीनएजर्स के स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी कदम है।

मुख्य बातें

किशोरावस्था (13-19 वर्ष) में शरीर को सर्वाधिक पोषण की आवश्यकता होती है क्योंकि इस दौरान हाइट, वजन और हार्मोनल बदलाव एक साथ होते हैं।
प्रोटीन के लिए दाल, दूध, दही, अंडा और पनीर रोज खाना चाहिए जो शरीर की ग्रोथ में सीधी भूमिका निभाते हैं।
किशोरियों में माहवारी के बाद आयरन की जरूरत बढ़ जाती है — पालक, गुड़ और नींबू का संयोजन सबसे प्रभावी है।
कैल्शियम के लिए रागी, तिल, दूध और दही डाइट में शामिल करें ताकि हड्डियां मजबूत बनें और भविष्य में ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव हो।
जंक फूड और पैकेटबंद स्नैक्स से दूरी बनाएं और घर का ताजा खाना प्राथमिकता दें।
सही डाइट के साथ रोजाना शारीरिक गतिविधि और 8-10 गिलास पानी भी टीनएजर्स के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं।

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। किशोरावस्था यानी टीनएज वह अहम दौर होता है जब शरीर और मस्तिष्क दोनों अत्यंत तीव्र गति से विकसित होते हैं। इस उम्र में संतुलित आहार न मिले तो थकान, एकाग्रता की कमी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 13 से 19 वर्ष की आयु में सही पोषण भविष्य की सेहत की नींव रखता है।

किशोरावस्था में क्यों बदलती हैं पोषण की जरूरतें

इस उम्र में हाइट, वजन और हार्मोनल बदलाव एक साथ होते हैं। साथ ही पढ़ाई का मानसिक दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में शरीर को सामान्य से कहीं अधिक ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

महज पेट भरने से काम नहीं चलता — शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट का सटीक संतुलन चाहिए। यदि इस दौर में पोषण की अनदेखी की जाए, तो इसका असर वयस्क जीवन तक बना रहता है।

प्रोटीन और आयरन — ग्रोथ के दो मजबूत स्तंभ

प्रोटीन टीनएजर्स की शारीरिक वृद्धि का मूल आधार है। रोजाना की डाइट में दाल, दूध, दही, अंडा, पनीर और चना जरूर शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में सहायक होते हैं।

आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा रहता है। खासकर किशोरियों में माहवारी शुरू होने के बाद आयरन की मांग और बढ़ जाती है। पालक, सरसों, गुड़, चना और दालें आयरन के प्रमुख स्रोत हैं। इनके साथ नींबू, संतरा या आंवला लेने से शरीर आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है।

कैल्शियम — हड्डियों की मजबूती के लिए अनिवार्य

किशोरावस्था में हड्डियों का घनत्व सबसे तेजी से बढ़ता है। इसलिए कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा लेना अत्यंत आवश्यक है। दूध, दही, रागी, तिल और मेथी कैल्शियम के उत्कृष्ट स्रोत हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि इस उम्र में यदि हड्डियों को पर्याप्त कैल्शियम न मिले, तो आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए डाइट में इन चीजों को नियमित रूप से शामिल करना जरूरी है।

जंक फूड की लत और उसके खतरे

आजकल टीनएजर्स में पैकेटबंद स्नैक्स, जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय और तला-भुना खाना खाने का चलन तेजी से बढ़ा है। ये खाद्य पदार्थ स्वाद तो देते हैं, लेकिन शरीर को आवश्यक पोषण से वंचित रखते हैं।

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक जंक फूड से मोटापा, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याएं भविष्य में उभर सकती हैं। इसलिए घर का ताजा और पौष्टिक भोजन ही सर्वोत्तम विकल्प है।

टीनएजर्स के लिए आदर्श दैनिक डाइट प्लान

सुबह के नाश्ते में दूध के साथ पराठा, पोहा या उपमा लें। दोपहर के भोजन में दाल, रोटी, हरी सब्जी और सलाद शामिल करें। शाम के नाश्ते में मौसमी फल या अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) खाएं। रात का खाना हल्का लेकिन पोषण से भरपूर रखें।

दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। कम से कम 8-10 गिलास पानी रोज पीना चाहिए।

केवल आहार ही नहीं, बल्कि रोजाना शारीरिक गतिविधि — जैसे खेलना, दौड़ना या व्यायाम — भी टीनएजर्स के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अपरिहार्य है। सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली मिलकर एक स्वस्थ और ऊर्जावान भविष्य की आधारशिला रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर स्कूल कैंटीनों में जंक फूड की भरमार है — यह विरोधाभास सीधे बच्चों की सेहत पर असर डालता है। जिस उम्र में सही पोषण भविष्य की नींव रखता है, उसी उम्र में बच्चे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की गिरफ्त में आ रहे हैं। यदि परिवार और नीति-निर्माता दोनों सजग न हों, तो आने वाले दशक में एक अस्वस्थ युवा पीढ़ी देश की उत्पादकता और विकास पर भारी बोझ बन सकती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीनएजर्स के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व कौन से हैं?
टीनएजर्स के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन और हेल्दी फैट सबसे जरूरी पोषक तत्व हैं। ये तत्व शारीरिक विकास, हड्डियों की मजबूती और मानसिक एकाग्रता में सहायक होते हैं।
किशोरावस्था में संतुलित आहार न लेने से क्या नुकसान होता है?
सही पोषण न मिलने पर थकान, कमजोरी, ध्यान की कमी और बार-बार बीमार पड़ने की समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक पोषण की कमी से एनीमिया, ऑस्टियोपोरोसिस और मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है।
टीनएज लड़कियों को आयरन क्यों ज्यादा चाहिए?
माहवारी शुरू होने के बाद किशोरियों में आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है क्योंकि हर महीने खून की कुछ मात्रा शरीर से बाहर जाती है। पालक, गुड़, चना और दालें खाने से यह कमी पूरी की जा सकती है।
टीनएजर्स के लिए एक दिन का आदर्श डाइट प्लान क्या है?
सुबह दूध के साथ पराठा या पोहा , दोपहर में दाल, रोटी, सब्जी और सलाद , शाम को फल या स्प्राउट्स और रात में हल्का पौष्टिक भोजन आदर्श डाइट प्लान है। साथ ही दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।
क्या जंक फूड टीनएजर्स की सेहत के लिए हानिकारक है?
हां, जंक फूड और पैकेटबंद स्नैक्स में पोषण की मात्रा बहुत कम होती है और इनमें अत्यधिक नमक, चीनी व अनहेल्दी फैट होता है। इनके नियमित सेवन से मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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