किशोरावस्था में संतुलित आहार है जरूरी, जानें टीनएजर्स का सही डाइट प्लान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। किशोरावस्था यानी टीनएज वह अहम दौर होता है जब शरीर और मस्तिष्क दोनों अत्यंत तीव्र गति से विकसित होते हैं। इस उम्र में संतुलित आहार न मिले तो थकान, एकाग्रता की कमी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 13 से 19 वर्ष की आयु में सही पोषण भविष्य की सेहत की नींव रखता है।
किशोरावस्था में क्यों बदलती हैं पोषण की जरूरतें
इस उम्र में हाइट, वजन और हार्मोनल बदलाव एक साथ होते हैं। साथ ही पढ़ाई का मानसिक दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में शरीर को सामान्य से कहीं अधिक ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
महज पेट भरने से काम नहीं चलता — शरीर को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट का सटीक संतुलन चाहिए। यदि इस दौर में पोषण की अनदेखी की जाए, तो इसका असर वयस्क जीवन तक बना रहता है।
प्रोटीन और आयरन — ग्रोथ के दो मजबूत स्तंभ
प्रोटीन टीनएजर्स की शारीरिक वृद्धि का मूल आधार है। रोजाना की डाइट में दाल, दूध, दही, अंडा, पनीर और चना जरूर शामिल करें। ये खाद्य पदार्थ मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में सहायक होते हैं।
आयरन की कमी से एनीमिया का खतरा रहता है। खासकर किशोरियों में माहवारी शुरू होने के बाद आयरन की मांग और बढ़ जाती है। पालक, सरसों, गुड़, चना और दालें आयरन के प्रमुख स्रोत हैं। इनके साथ नींबू, संतरा या आंवला लेने से शरीर आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है।
कैल्शियम — हड्डियों की मजबूती के लिए अनिवार्य
किशोरावस्था में हड्डियों का घनत्व सबसे तेजी से बढ़ता है। इसलिए कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा लेना अत्यंत आवश्यक है। दूध, दही, रागी, तिल और मेथी कैल्शियम के उत्कृष्ट स्रोत हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इस उम्र में यदि हड्डियों को पर्याप्त कैल्शियम न मिले, तो आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए डाइट में इन चीजों को नियमित रूप से शामिल करना जरूरी है।
जंक फूड की लत और उसके खतरे
आजकल टीनएजर्स में पैकेटबंद स्नैक्स, जंक फूड, अत्यधिक मीठे पेय और तला-भुना खाना खाने का चलन तेजी से बढ़ा है। ये खाद्य पदार्थ स्वाद तो देते हैं, लेकिन शरीर को आवश्यक पोषण से वंचित रखते हैं।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक जंक फूड से मोटापा, मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याएं भविष्य में उभर सकती हैं। इसलिए घर का ताजा और पौष्टिक भोजन ही सर्वोत्तम विकल्प है।
टीनएजर्स के लिए आदर्श दैनिक डाइट प्लान
सुबह के नाश्ते में दूध के साथ पराठा, पोहा या उपमा लें। दोपहर के भोजन में दाल, रोटी, हरी सब्जी और सलाद शामिल करें। शाम के नाश्ते में मौसमी फल या अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) खाएं। रात का खाना हल्का लेकिन पोषण से भरपूर रखें।
दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। कम से कम 8-10 गिलास पानी रोज पीना चाहिए।
केवल आहार ही नहीं, बल्कि रोजाना शारीरिक गतिविधि — जैसे खेलना, दौड़ना या व्यायाम — भी टीनएजर्स के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अपरिहार्य है। सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली मिलकर एक स्वस्थ और ऊर्जावान भविष्य की आधारशिला रखते हैं।