दिल्ली लक्ष्मी योजना बहिष्कार पर BJP का पलटवार: 'आप' के 22 विधायकों के घरों पर एकसाथ विरोध प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी (AAP) के उन 22 विधायकों के आवासों और कार्यालयों के बाहर एकसाथ विरोध प्रदर्शन किया, जिन्होंने दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का बहिष्कार किया था। यह समन्वित प्रदर्शन दिल्ली के एक दर्जन से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में एकसाथ आयोजित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, सबसे बड़ा प्रदर्शन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कालकाजी विधायक आतिशी के आवास पर हुआ। इसका नेतृत्व दिल्ली भाजपा महासचिव योगिता सिंह, सचिव नरेश वशिष्ठ और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आतिशी पिछले एक वर्ष से विधानसभा से अनुपस्थित रही हैं और कथित तौर पर पिछले छह महीनों से गोवा में हैं।
ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान के विरुद्ध प्रदर्शन का नेतृत्व ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष संतोष पाल ने किया, जिसमें पार्षद नीतू चौधरी और सभी मंडल अध्यक्ष भी शामिल रहे। कोंडली विधायक कुलदीप के कार्यालय पर मयूर विहार जिला अध्यक्ष विजेंद्र धामा और राज्य उपाध्यक्ष ऋचा पांडे की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ।
कहाँ-कहाँ हुए प्रदर्शन
सीलमपुर विधायक चौधरी ज़ुबैर अहमद के विरुद्ध सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया; नेतृत्व दिल्ली भाजपा राज्य सचिव गौरव खारी ने किया। सीमापुरी विधायक वीर सिंह ढिंगन के विरुद्ध दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष सारिका जैन की अगुवाई में, और बाबरपुर विधायक गोपाल राय के घर पर राज शर्मा गौतम के नेतृत्व में प्रदर्शन हुए।
करोलबाग विधायक विशेष रवि के विरुद्ध राज्य उपाध्यक्ष सोना कुमारी और पार्षद मनीष चड्ढा ने विरोध का नेतृत्व किया। देवली विधायक प्रेम चौहान के कार्यालय पर भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रजत चौधरी और जिला अध्यक्ष माया सिंह बिष्ट ने प्रदर्शन की अगुवाई की। तुगलकाबाद विधायक साहीराम पहलवान के कार्यालय पर पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा के नेतृत्व में विरोध हुआ।
चांदनी चौक विधायक पुनरदीप सिंह साहनी के आवास-कार्यालय पर वरिष्ठ नेता राजन तिवारी और पूर्व विधानसभा उम्मीदवार सतीश जैन की अगुवाई में, गोकुलपुर विधायक सुरेंद्र कुमार के कार्यालय पर माइनॉरिटी मोर्चा अध्यक्ष अनीस अब्बासी के नेतृत्व में प्रदर्शन किए गए।
पटेल नगर विधायक प्रवेश रत्न के विरुद्ध पूर्व विधायक राजकुमार आनंद और भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने विरोध का नेतृत्व किया। अंबेडकर नगर विधायक अजय दत्त के कार्यालय पर वरिष्ठ नेता सत्येंद्र सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ।
तिलक नगर में दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष विजय सोलंकी, म्युनिसिपल काउंसलर श्वेता सैनी और हरीश ओबेरॉय के नेतृत्व में विधायक जरनैल सिंह के विरुद्ध, तथा सदर विधायक सोम दत्त के विरुद्ध नेता अभिषेक टंडन और काउंसलर मनोज जिंदल की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन हुए।
बल्लीमारान विधायक इमरान हुसैन के विरुद्ध दिल्ली भाजपा के मंत्री रोहित चहल और काउंसलर कमल बागरी ने, हौज काजी चौक पर मटिया महल विधायक आले मोहम्मद के विरुद्ध जिला महासचिव दीप्ति इंदोरा और राज्य कार्यालय सचिव अमित गुप्ता ने नारेबाजी का नेतृत्व किया।
सुल्तानपुरी विधायक मुकेश अहलावत के विरुद्ध भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र सोलंकी के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। दिल्ली कैंट विधायक वीरेंद्र कादियान के विरुद्ध करोल बाग जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बब्बर, भाजपा नेता भुवनेश तंवर, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष लाजपत राय और सदस्य राजेश गुप्ता ने विरोध किया।
बुराड़ी विधायक संजीव झा के विरुद्ध भाजपा नेता सत्यनारायण गौतम की अगुवाई में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। बदरपुर विधायक राम सिंह नेताजी के विरुद्ध कृष्णदेव सिंह ने, और किराड़ी विधायक अनिल झा के विरुद्ध पूर्व राज्य उपाध्यक्ष विनय रावत के नेतृत्व में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ।
BJP का आरोप
दिल्ली भाजपा के बयान के अनुसार, AAP विधायकों ने दिल्ली विधानसभा में दिल्ली लक्ष्मी योजना का बहिष्कार कर महिलाओं के हितों के विरुद्ध कार्य किया। पार्टी का कहना है कि यह योजना सीधे महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से बनाई गई थी। प्रदर्शनकारियों ने आतिशी पर विशेष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि एक महिला होने के बावजूद उन्होंने इस योजना के विरोध को अपनी पार्टी से रोका नहीं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि दिल्ली में भाजपा और AAP के बीच महिला-केंद्रित योजनाओं को लेकर यह टकराव नया नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की राजनीति में महिला मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज़ हो गई है। भाजपा का यह समन्वित प्रदर्शन दर्शाता है कि पार्टी AAP को महिला-विरोधी छवि देने की रणनीतिक कोशिश कर रही है।
आगे क्या
AAP की ओर से इन प्रदर्शनों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली भाजपा ने संकेत दिया है कि यदि AAP विधायकों ने अपना रुख नहीं बदला तो आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा।