11 अगस्त 2026
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दिल्ली लक्ष्मी योजना विधानसभा में पेश: CM रेखा गुप्ता ने ₹5,100 करोड़ की योजना से 17 लाख महिलाओं को जोड़ने का वादा किया

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दिल्ली लक्ष्मी योजना विधानसभा में पेश: CM रेखा गुप्ता ने ₹5,100 करोड़ की योजना से 17 लाख महिलाओं को जोड़ने का वादा किया

सारांश

दिल्ली की BJP सरकार ने विधानसभा में ₹5,100 करोड़ की 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' पेश की — 17 लाख महिलाओं को हर माह ₹2,500 का वादा। AAP के वॉकआउट के बीच CM रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना बताया और पिछली सरकारों पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा में दिल्ली लक्ष्मी योजना (DLY) औपचारिक रूप से पेश की।
योजना के तहत 17 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना का कुल बजट ₹5,100 करोड़ निर्धारित किया गया है और इसे शुरुआती तीन वर्षों के लिए बनाया गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया; CM ने इसे महिलाओं के प्रति AAP की 'बेरुखी' बताया।
मुख्यमंत्री ने पात्रता शर्तों पर उठे सवालों को खारिज करते हुए परिवार नियोजन को व्यक्तिगत निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन दिल्ली लक्ष्मी योजना (DLY) को औपचारिक रूप से सदन के पटल पर रखा और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। ₹5,100 करोड़ के बजट वाली इस योजना के तहत दिल्ली की 17 लाख पात्र महिलाओं को हर माह ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।

मुख्य घटनाक्रम

सदन में जैसे ही मुख्यमंत्री ने योजना पर बोलना शुरू किया, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सदन से बाहर चले गए। रेखा गुप्ता ने इस वॉकआउट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "जो लोग दिल्ली की महिलाओं के हितैषी होने का दावा करते थे, उनमें सदन में रुककर सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी।"

मुख्यमंत्री ने योजना की पात्रता शर्तों पर उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया। तीन बच्चों से जुड़ी शर्त के विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि "हर परिवार अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है — किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं।"

योजना की संरचना और बजट

DLY को शुरुआती तौर पर तीन वर्षों के लिए तैयार किया गया है। इस अवधि में पहले चरण की 17 लाख महिलाओं को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भविष्य में योजना के विस्तार की आवश्यकता पड़ी, तो सरकार उसके लिए भी तैयार है।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना को अपने प्रमुख वादों में शामिल किया था। रेखा गुप्ता ने इसे सरकार की प्रतिबद्धता के निर्वाह के रूप में प्रस्तुत किया।

पूर्व सरकारों पर निशाना

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "किसी भी सरकार ने — चाहे वह 15 साल तक सत्ता में रही हो या 11 साल तक — महिलाओं के लिए इतने बड़े पैमाने की योजना कभी नहीं बनाई।" उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई वादे किए गए, लेकिन दिल्ली की महिलाओं को "एक रुपए भी नहीं दिया गया।"

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार अपनी कल्याणकारी पहचान स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि योजना की पात्रता शर्तें अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और लाभार्थियों तक पहुँच की व्यावहारिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

आम जनता पर असर

यदि योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 यानी सालाना ₹30,000 की सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है जो घरेलू जिम्मेदारियाँ निभाती हैं और जिनके काम को औपचारिक आर्थिक मान्यता नहीं मिलती।

क्या होगा आगे

सरकार ने अभी तक योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की है। पंजीकरण प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही योजना की वास्तविक पहुँच का आकलन हो सकेगा। विपक्ष के सवाल जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

100 करोड़ का बजट आकर्षक है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — पात्रता की शर्तें, पंजीकरण की प्रक्रिया और भुगतान की नियमितता अभी भी अस्पष्ट हैं। देश के कई राज्यों में ऐसी महिला सहायता योजनाएँ घोषणा के बाद महीनों तक लटकी रही हैं। AAP का वॉकआउट राजनीतिक नाटक हो सकता है, लेकिन उनके उठाए सवाल — विशेषकर पात्रता की शर्तों पर — वैध जवाब माँगते हैं। BJP के लिए यह योजना दिल्ली में अपनी कल्याणकारी साख स्थापित करने का पहला बड़ा मौका है; यदि लागू करने में देरी हुई तो राजनीतिक नुकसान उतना ही बड़ा होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली लक्ष्मी योजना (DLY) क्या है?
दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली सरकार की एक कल्याणकारी योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर माह ₹2,500 की सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसका कुल बजट ₹5,100 करोड़ है और इसे शुरुआती तीन वर्षों के लिए 17 लाख महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना से कितनी महिलाओं को फायदा होगा?
पहले चरण में दिल्ली की 17 लाख पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर योजना का विस्तार भी किया जा सकता है।
AAP ने दिल्ली विधानसभा में वॉकआउट क्यों किया?
आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली लक्ष्मी योजना पर CM रेखा गुप्ता के जवाब के दौरान सदन से वॉकआउट किया। AAP ने योजना की पात्रता शर्तों और व्यावहारिकता पर सवाल उठाए थे, जिन्हें CM ने 'झूठे दावे' बताते हुए खारिज किया।
दिल्ली लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों वाली शर्त क्या है?
विपक्ष ने योजना में तीन बच्चों से जुड़ी पात्रता शर्त को लेकर सवाल उठाए थे। CM रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि परिवार नियोजन का निर्णय पूरी तरह परिवार का अपना है और किसी भी परिवार को इसके लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना कब से लागू होगी?
सरकार ने अभी तक योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत तारीख की घोषणा नहीं की है। योजना को 10 अगस्त 2026 को विधानसभा में पेश किया गया है और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी आने के बाद लाभार्थी आवेदन कर सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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