दिल्ली लक्ष्मी योजना विधानसभा में पेश: CM रेखा गुप्ता ने ₹5,100 करोड़ की योजना से 17 लाख महिलाओं को जोड़ने का वादा किया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन दिल्ली लक्ष्मी योजना (DLY) को औपचारिक रूप से सदन के पटल पर रखा और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। ₹5,100 करोड़ के बजट वाली इस योजना के तहत दिल्ली की 17 लाख पात्र महिलाओं को हर माह ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
मुख्य घटनाक्रम
सदन में जैसे ही मुख्यमंत्री ने योजना पर बोलना शुरू किया, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सदन से बाहर चले गए। रेखा गुप्ता ने इस वॉकआउट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "जो लोग दिल्ली की महिलाओं के हितैषी होने का दावा करते थे, उनमें सदन में रुककर सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी।"
मुख्यमंत्री ने योजना की पात्रता शर्तों पर उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया। तीन बच्चों से जुड़ी शर्त के विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि "हर परिवार अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है — किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं।"
योजना की संरचना और बजट
DLY को शुरुआती तौर पर तीन वर्षों के लिए तैयार किया गया है। इस अवधि में पहले चरण की 17 लाख महिलाओं को लाभ पहुँचाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भविष्य में योजना के विस्तार की आवश्यकता पड़ी, तो सरकार उसके लिए भी तैयार है।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना को अपने प्रमुख वादों में शामिल किया था। रेखा गुप्ता ने इसे सरकार की प्रतिबद्धता के निर्वाह के रूप में प्रस्तुत किया।
पूर्व सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "किसी भी सरकार ने — चाहे वह 15 साल तक सत्ता में रही हो या 11 साल तक — महिलाओं के लिए इतने बड़े पैमाने की योजना कभी नहीं बनाई।" उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई वादे किए गए, लेकिन दिल्ली की महिलाओं को "एक रुपए भी नहीं दिया गया।"
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार अपनी कल्याणकारी पहचान स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि योजना की पात्रता शर्तें अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और लाभार्थियों तक पहुँच की व्यावहारिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
आम जनता पर असर
यदि योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 यानी सालाना ₹30,000 की सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी। यह राशि उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है जो घरेलू जिम्मेदारियाँ निभाती हैं और जिनके काम को औपचारिक आर्थिक मान्यता नहीं मिलती।
क्या होगा आगे
सरकार ने अभी तक योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की है। पंजीकरण प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही योजना की वास्तविक पहुँच का आकलन हो सकेगा। विपक्ष के सवाल जारी रहने की संभावना है।