दिल्ली लक्ष्मी योजना विवाद: आप के 22 विधायकों के घर के बाहर भाजपा का प्रदर्शन, माफी की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी संघर्ष 10 अगस्त 2026 को नए मोड़ पर पहुँच गया, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने योजना का विरोध करने वाले आप विधायक संजीव झा सहित 22 विधायकों के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन विधायकों से योजना पर जताई गई आपत्तियों के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शन का घटनाक्रम
सोमवार सुबह भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आप विधायक संजीव झा के आवास के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व सिविल लाइंस जोन के चेयरमैन गुलाब सिंह राठौर ने किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लक्ष्मी योजना के समर्थन में आवाज उठाई और आप विधायकों से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। भाजपा के अनुसार यह प्रदर्शन आप के सभी 22 विधायकों के घर और कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया।
भाजपा का पक्ष
भाजपा पार्षद ममता यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिल्ली में विकास कार्य करना चाहती है, लेकिन आम आदमी पार्टी लगातार उसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह देने का प्रावधान था, परंतु आप विधायकों के विरोध के कारण यह योजना लागू नहीं हो सकी।
ममता यादव ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है — आप विधायक जनता के सामने लक्ष्मी योजना के फॉर्म भरवा रहे हैं, लेकिन जब सदन में योजना पर मतदान की बारी आई तो उन्होंने विरोध किया। उन्होंने कहा, 'महिलाओं के हितों से जुड़े मुद्दे पर विरोध को दिल्ली की महिलाएं स्वीकार नहीं करेंगी।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
पूर्व निगम पार्षद रेखा ने भी प्रदर्शन को उचित ठहराते हुए कहा कि आप विधायकों के विरोध की वजह से दिल्ली की महिलाओं को ₹2,500 की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। उनका कहना था कि इस विरोध का सबसे अधिक नुकसान आम महिलाओं को उठाना पड़ रहा है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में महिला केंद्रित कल्याण योजनाएं राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। गौरतलब है कि इस योजना पर आप और भाजपा के बीच सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह टकराव जारी है, जिससे योजना का क्रियान्वयन अधर में लटका हुआ है।
क्या होगा आगे
भाजपा ने संकेत दिए हैं कि जब तक आप विधायक सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, इस तरह के प्रदर्शन जारी रहेंगे। आम आदमी पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली की राजनीति में यह विवाद आगामी दिनों में और गहरा हो सकता है।