दिल्ली मंत्री सिरसा का आप विधायकों को संदेश: नौटंकी छोड़ें, जनहित पर करें चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन, 7 अगस्त को, पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सदस्यों से राजनीतिक नौटंकी, निराधार आरोपों और विघटनकारी व्यवहार से बाज आने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विधानसभा का मंच जनता की समस्याओं और विकास की चर्चा के लिए है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन के लिए।
सिरसा का विपक्ष पर सीधा हमला
सिरसा ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहाँ जनता की आकांक्षाओं, विकास एवं जवाबदेही से जुड़े मामलों पर गंभीर व रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, AAP ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह झूठे आरोपों, भ्रामक प्रचार और अनावश्यक व्यवधानों का सहारा लिया है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि AAP तथाकथित 'साइकिल घोटाला' और 'स्वास्थ्य घोटाला' का हवाला दे रही है, लेकिन इन दावों को पुष्ट करने के लिए एक भी विश्वसनीय दस्तावेज़ या साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रही है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना और विपक्ष की बेचैनी
सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के लागू होने के बाद से विपक्ष पूरी तरह असहज हो गया है। उनके अनुसार, महिलाओं की गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई इस योजना को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है, जिससे AAP के पास कोई सकारात्मक राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा।
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹2,500 की मासिक वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। सिरसा ने इसे महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई दी।
बुनियादी ढाँचे में सुधार का दावा
मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले व्यापक तैयारियाँ की थीं, जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष मिंटो ब्रिज जैसे स्थानों पर उल्लेखनीय सुधार देखा गया है — यह क्षेत्र वर्षों से जलभराव का प्रतीक बना हुआ था। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों तक दिल्ली पर शासन करते रहे, वे अब विकास कार्यों को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
शिक्षा क्षेत्र पर सरकार का जोर
सिरसा ने शिक्षा के क्षेत्र में भी दिल्ली सरकार के निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हर वर्ष लगभग 3,25,000 छात्र कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, जबकि नियमित स्नातक कार्यक्रमों में केवल लगभग 1,50,000 सीटें उपलब्ध हैं — यह असंतुलन उच्च शिक्षा में विस्तार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
आगे क्या
मानसून सत्र के दौरान दिल्ली लक्ष्मी योजना, जलभराव प्रबंधन और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना बनी हुई है। सत्र में AAP की ओर से भी पलटवार अपेक्षित है।