क्या आम आदमी पार्टी प्रदूषण पर चर्चा से बच रही है?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
- आम आदमी पार्टी के लिए प्रदूषण पर चर्चा कराना मुश्किल हो रहा है।
- सिरसा ने विपक्ष की नाकामियों को उजागर किया है।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने विपक्षी पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लाखों रुपये के इंडस्ट्रियल मास्क पहनकर प्रदर्शन करना उनकी दोहरी राजनीति को पूरी तरह उजागर करता है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा, “ये वही लोग हैं जो पिछले 11 साल तक मंत्री बनकर पदों पर बैठे रहे, लेकिन दिल्ली की हवा साफ करने के लिए कुछ नहीं किया। आज ये लाखों रुपए के मास्क पहनकर यही बता रहे हैं कि इन्हें अपने स्वास्थ्य की कितनी चिंता है। जनता के स्वास्थ्य की चिंता ना इन्हें तब थी जब ये सरकार में थे और ना अब है, सिर्फ अपने निजी हितों को साधने की चिंता है।”
आम आदमी पार्टी पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए सिरसा ने कहा, “वे जानते हैं कि विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा होने पर उनके 11 साल के झूठ और नाकामी सामने आ जाएंगे। इसलिए वे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि चल रहे शीतकालीन सत्र में प्रदूषण पर चर्चा तय है। स्वयं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विधायकों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। मेरे सहयोगी मंत्री कपिल मिश्रा ने भी यह बात सार्वजनिक रूप से कही है। इसके बावजूद विपक्ष चर्चा से भागना चाहता है।”
सिरसा ने कहा कि सच्चाई यह है कि 11 साल की नाकामी उनके चेहरे पर साफ दिख रही है, और यही वजह है कि वे विधानसभा में होने वाली चर्चा से डर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में विधानसभा में इनकी पूरी पोल खुलेगी। इसलिए वे चर्चा से भाग रहे हैं और अनावश्यक ड्रामा कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष फोटो खिंचवाने और दिखावे में लगा है, वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ज़मीन पर काम कर रही है। जो काम ये लोग एक दशक में नहीं कर पाए, वह हमारी सरकार ने ठोस कार्रवाई और साफ नीति से 10 महीने में करके दिखाया है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के दौरान दिल्ली में बीते वर्षों की तुलना में अधिक ‘गुड एयर डेज’ साफ दिन दर्ज हुए हैं और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा, “यह संयोग नहीं है, यह हमारी सरकार की लगातार मेहनत, वैज्ञानिक सोच और सख्त फैसलों का नतीजा है। दिल्ली की जनता सब देख रही है। इन्होंने प्रदूषण नियंत्रण पर कोई काम नहीं किया है, अब सच्चाई से भाग रहे हैं, लेकिन सच जनता के सामने आकर रहेगा।”