लक्ष्मी योजना पर AAP विधायक जरनैल सिंह का हमला: चार में से तीन महिलाएँ वंचित, साइकिल खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना पर गंभीर सवाल उठाए, यह आरोप लगाते हुए कि इस योजना का लाभ हर चार पात्र महिलाओं में से केवल एक को ही मिल पा रहा है। उन्होंने साइकिल खरीद में कथित भ्रष्टाचार और विधानसभा अध्यक्ष के रवैये पर भी तीखी आपत्ति जताई।
लक्ष्मी योजना की खामियाँ
जरनैल सिंह ने कहा कि फिलहाल दिल्ली सरकार को लक्ष्मी योजना की कमियों को प्राथमिकता से दूर करना चाहिए। उनके अनुसार, चार में से सिर्फ एक महिला को इस योजना का फायदा मिल पाता है, जबकि सभी चारों को इसकी समान रूप से ज़रूरत है। उन्होंने माँग की कि योजना का दायरा बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ इसके लाभ से जुड़ सकें।
मंत्री सिरसा के बयान पर विवाद
AAP विधायक ने दिल्ली सरकार के मंत्री सिरसा के उस बयान को 'सरासर झूठ' करार दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि पंजाब में अब तक एक भी आवेदक को इस योजना का लाभ नहीं मिला है। जरनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि पंजाब में 68 लाख 50 हजार आवेदकों के बैंक खातों में योजना की राशि पहुँच चुकी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस गलत जानकारी को सदन के रिकॉर्ड से हटाने का निवेदन किया।
साइकिल खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप
जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि बाज़ार में ₹4,000 में उपलब्ध साइकिल को दिल्ली सरकार ₹7,000 में खरीद रही है। उन्होंने कहा, 'जब आप 1,30,000 से 1,40,000 साइकिलें एक साथ खरीदते हैं, तो थोक में दाम और भी कम होने चाहिए। हमें उम्मीद थी कि ₹4,000 वाली साइकिल सरकार ₹3,000 में खरीदेगी, लेकिन ₹7,000 में खरीदी जा रही है।' उन्होंने इसे 'सीधे तौर पर भ्रष्टाचार' बताया।
स्पीकर पर पक्षपात का आरोप
AAP नेता ने विधानसभा अध्यक्ष पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब इस साइकिल खरीद मुद्दे पर चर्चा की माँग की गई, तो अध्यक्ष ने समय देने से इनकार कर दिया और उन्हें सदन से बाहर जाने को कह दिया गया। जरनैल सिंह ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार का कथित लालच इस स्तर पर पहुँच गया है कि 'बच्चों की साइकिल तक नहीं बच रही।'
आगे क्या होगा
यह विवाद दिल्ली विधानसभा में AAP और भाजपा के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है। AAP के इन आरोपों पर दिल्ली सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन और साइकिल खरीद की पारदर्शिता पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज़ होने की संभावना है।