दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट तोड़ा, तीन गिरफ्तार; 571 ग्राम हेरोइन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 5 जुलाई 2026 को एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और कुल 571.27 ग्राम संदिग्ध स्मैक/हेरोइन बरामद की। इस नेटवर्क की जड़ें उत्तर प्रदेश के बरेली तक फैली हुई थीं, जहाँ से दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की आपूर्ति की जा रही थी।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बरेली निवासी फुरकान और तस्लीम उर्फ मुन्ना दिल्ली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे हैं। दोनों को दबोचा गया और तलाशी में फुरकान के पास 122.44 ग्राम तथा तस्लीम के पास 35.83 ग्राम संदिग्ध हेरोइन मिली। कल्याणपुरी पुलिस थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और अदालत से पुलिस हिरासत प्राप्त की गई।
पूछताछ से खुला बरेली कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लगातार पूछताछ के दौरान फुरकान और तस्लीम ने खुलासा किया कि उन्होंने बरामद हेरोइन रिजवान नामक व्यक्ति से हासिल की थी। इस जानकारी पर एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड (ASB) ने यूपी और दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की और रिजवान को पकड़ने में सफलता मिली। उसके पास से 413 ग्राम स्मैक अतिरिक्त बरामद हुई, जिससे कुल जब्ती 571.27 ग्राम तक पहुँची।
नेटवर्क कैसे काम करता था
पूछताछ में सामने आया कि फुरकान और तस्लीम स्वयं भी स्मैक का सेवन करते थे, जिसके चलते वे बरेली के ड्रग सप्लायरों के संपर्क में आए। शुरुआत में वे व्यक्तिगत उपयोग के लिए थोड़ी मात्रा खरीदते थे, लेकिन धीरे-धीरे दिल्ली-एनसीआर में पुनर्विक्रय के लिए बड़ी खेप लाने लगे। पुलिस के अनुसार, ये तीनों एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी श्रृंखला का हिस्सा थे।
आगे की जाँच
तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और बरेली स्थित आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।