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श्वेता तिवारी ने राज ठाकरे से पूछा — 'क्या आप ऐसे समर्थकों के व्यवहार को सही मानते हैं?'

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श्वेता तिवारी ने राज ठाकरे से पूछा — 'क्या आप ऐसे समर्थकों के व्यवहार को सही मानते हैं?'

सारांश

श्वेता तिवारी ने इंस्टाग्राम पर सिर्फ गालियों का जवाब नहीं दिया — उन्होंने सीधे राज ठाकरे से पूछा कि क्या उनके समर्थक महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं। MNS और मराठी अस्मिता के नाम पर हो रही अभद्रता पर यह सवाल सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।

मुख्य बातें

श्वेता तिवारी ने 21 अगस्त को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा पर कड़ा रुख अपनाया।
अभिनेत्री ने दावा किया कि उन्हें गालियाँ देने वाले कुछ लोग खुद को MNS और राज ठाकरे का समर्थक बता रहे थे।
श्वेता ने सीधे राज ठाकरे से पूछा कि क्या वे अपने समर्थकों के इस व्यवहार को सही मानते हैं।
उन्होंने कहा कि मराठी संस्कृति महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च मानती है और 'मराठी माणूस' होने का दावा करने वालों को यह दिखाना होगा।
अब तक राज ठाकरे या MNS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने 21 अगस्त को इंस्टाग्राम स्टोरीज के ज़रिए सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजने वाले कुछ लोग खुद को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी का समर्थक बता रहे थे — और इसी आधार पर उन्होंने सीधे राज ठाकरे से जवाब माँगा।

क्या है पूरा मामला

श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में लिखा कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'यह समस्या सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर यह व्यवहार दुर्भाग्य से काफी आम होता जा रहा है। किसी भी उम्र, किसी भी पेशे और किसी भी पृष्ठभूमि की महिला को लोग अपमानजनक शब्द कह देते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे लोगों में केवल अशिक्षित नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और संपन्न परिवारों से आने वाले पुरुष भी शामिल हैं।

राज ठाकरे से सीधा सवाल

अभिनेत्री ने बताया कि उन्हें गालियाँ देने वाले कुछ लोग राज ठाकरे और MNS का समर्थन करने का दावा कर रहे थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा, 'अगर ऐसे लोग आपके समर्थक हैं और महिलाओं के साथ इस तरह की भाषा में बात करते हैं, तो क्या आप इस व्यवहार को सही मानते हैं?' श्वेता ने स्पष्ट किया कि सिर्फ मराठी बोलना या खुद को 'मराठी माणूस' कहना किसी को सही नहीं ठहराता — महाराष्ट्र से प्यार के दावे के साथ वहाँ की महिलाओं का सम्मान करना भी ज़रूरी है।

मराठी संस्कृति और महिला सम्मान

श्वेता ने अपना व्यक्तिगत जुड़ाव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी महाराष्ट्र में बिताई है और उनके पिता की परवरिश भी मुंबई में हुई है। उन्होंने कहा, 'बचपन से मैंने महाराष्ट्र की संस्कृति को करीब से देखा है और हमेशा यह माना है कि मराठी संस्कृति महिलाओं की इज्जत, उनकी ताकत और उनकी गरिमा को महत्व देती है।' उन्होंने यह भी कहा कि जब खुद को 'मराठी माणूस' बताने वाले लोग महिलाओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो यह मराठी संस्कृति के मूल्यों के साथ विश्वासघात है।

महिला सम्मान पर श्वेता का संदेश

अभिनेत्री ने अपनी बात में यह भी रेखांकित किया कि किसी महिला से असहमति या नापसंदगी उसे अपमानित करने का अधिकार नहीं देती। उन्होंने कहा, 'किसी महिला के बारे में अपनी राय रखना अलग बात है, लेकिन उसके सम्मान को ठेस पहुँचाना बिल्कुल अलग बात है।' अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने कहा, 'सम्मान केवल उन महिलाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, जिन्हें हम अपने परिवार में जानते हैं — हर महिला सम्मान की हकदार है।'

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

श्वेता तिवारी की इंस्टाग्राम स्टोरीज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई। बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं ने उनके रुख का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश भी की। इस मामले में अब तक राज ठाकरे या MNS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब उसी पहचान का दावा करने वाले लोग महिलाओं को गालियाँ दें, तो नेतृत्व की चुप्पी खुद एक बयान बन जाती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे अक्सर सेलिब्रिटी-विवाद तक सीमित रखती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि राजनीतिक संरक्षण की आड़ में डिजिटल उत्पीड़न को सामान्य बनाया जा रहा है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वेता तिवारी ने राज ठाकरे से क्यों सवाल किया?
श्वेता तिवारी ने दावा किया कि उन्हें आपत्तिजनक और अभद्र संदेश भेजने वाले कुछ लोग खुद को MNS प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी का समर्थक बता रहे थे। इसी आधार पर उन्होंने राज ठाकरे से सीधे पूछा कि क्या वे अपने समर्थकों के इस व्यवहार को सही मानते हैं।
श्वेता तिवारी ने यह बात किस प्लेटफॉर्म पर कही?
श्वेता तिवारी ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट साझा कर यह बात कही। उन्होंने 21 अगस्त को सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा और अपने साथ हुए व्यवहार का विस्तार से ज़िक्र किया।
क्या राज ठाकरे या MNS ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी?
अब तक राज ठाकरे या महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
श्वेता तिवारी ने मराठी संस्कृति का ज़िक्र क्यों किया?
श्वेता ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी महाराष्ट्र में बिताई है और मराठी संस्कृति महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च मानती है। उनका कहना था कि खुद को 'मराठी माणूस' बताकर महिलाओं को गालियाँ देना इस संस्कृति के मूल्यों के विरुद्ध है।
श्वेता तिवारी का महिला सम्मान पर क्या संदेश था?
श्वेता ने कहा कि किसी महिला से असहमति या नापसंदगी उसे अपमानित करने का अधिकार नहीं देती। उनका मानना है कि सम्मान केवल परिचित या परिवार की महिलाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए — हर महिला सम्मान की हकदार है।
राष्ट्र प्रेस
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