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राज ठाकरे का पीएम मोदी से आग्रह: 'दूसरों की भी मांएं हैं, BJP की ट्रोल टीम पर लगाम लगाएं'

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राज ठाकरे का पीएम मोदी से आग्रह: 'दूसरों की भी मांएं हैं, BJP की ट्रोल टीम पर लगाम लगाएं'

सारांश

राज ठाकरे ने जंतर-मंतर पर पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा की निंदा की — लेकिन साथ ही BJP की ट्रोल टीम पर भी सीधा निशाना साधा। 'दूसरों की भी मांएं हैं' — यह एक वाक्य BJP की 12 साल की ट्रोल संस्कृति पर एमएनएस का सबसे तीखा जवाब है।

मुख्य बातें

राज ठाकरे ने 1 अगस्त को मुंबई में एमएनवीएस के 20वें स्थापना दिवस पर जंतर-मंतर विवाद पर बयान दिया।
उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा को '100 फीसदी गलत' बताया, लेकिन BJP की ट्रोल टीम पर भी समान मानदंड लागू करने की माँग की।
BJP पर आरोप — महात्मा गांधी, नेहरू, इंदिरा गांधी समेत विपक्षी नेताओं के खिलाफ संगठित ट्रोलिंग।
ठाकरे का सवाल: 'पिछले 12 सालों से आपके लोग जो कर रहे हैं उसके लिए कौन माफी मांगेगा?' पीएम मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर के युवाओं को माफ किया था।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 1 अगस्त को मुंबई में कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पूरी तरह गलत है, लेकिन यही मानदंड भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और उनकी तथाकथित ट्रोल टीम पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी से सीधे अपील की कि वे अपने दल के लोगों को भी हद में रहने का निर्देश दें।

मुख्य घटनाक्रम

राज ठाकरे महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के 20वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने जंतर-मंतर विवाद पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जो भाषा इस्तेमाल की गई वो गलत थी। हम इससे सहमत हैं। मैं 100 फीसदी मानता हूं कि किसी के खिलाफ ऐसी घटिया भाषा नहीं इस्तेमाल होनी चाहिए। मैं सिर्फ प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं — कृपया अपनी पार्टी के लोगों को भी यह बात समझाएं।'

पीएम मोदी के वीडियो का संदर्भ

यह बयान उस वीडियो के ठीक एक दिन बाद आया, जो प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर साझा किया था। उस वीडियो में पीएम ने जंतर-मंतर पर अपने और अपनी माँ के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर आपत्ति जताई थी और यह भी कहा था कि वे उन युवाओं को माफ करते हैं तथा उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। ठाकरे ने इस माफी को स्वीकार करते हुए पलटवार किया, 'आपने जंतर-मंतर के युवाओं को माफ कर दिया, लेकिन पिछले 12 सालों से आपके लोग जो कर रहे हैं उसके लिए कौन माफी मांगेगा?'

BJP की ट्रोल संस्कृति पर सीधा हमला

एमएनएस प्रमुख ने BJP पर आक्रामक ऑनलाइन ट्रोलिंग को संगठित रूप से बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'आपकी ट्रोल टीम महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर हम सबके खिलाफ कैसी भाषा इस्तेमाल करती है, देखिए। महाराष्ट्र में कई कलाकार डर के मारे बोल नहीं पाते। हर राज्य में टीमें बनाई गई हैं — उनसे भी कहिए कि लोगों को गाली न दें।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में ट्रोलिंग की यह संस्कृति पनपी है और 'जो बोया है वही काट रहे हो।' उनका केंद्रीय संदेश था — 'दूसरों की भी मांएं हैं।'

युवा पीढ़ी और एमएनवीएस से अपील

ठाकरे ने अपनी छात्र शाखा को समय के साथ बदलने और आज की पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'जब मैं छात्र था तब मुद्दे अलग थे। आज के विषय और आज के युवा अलग हैं। हमने टेलीग्राम से लेकर इंस्टाग्राम तक का दौर देखा है। हमें समझना होगा कि ये जेन-ज़ी पीढ़ी क्या चाहती है। ग्रामीण महाराष्ट्र में भी जेन-ज़ी है।' उन्होंने एमएनवीएस से इस दिशा में सक्रिय रूप से काम करने का आह्वान किया।

राजनीतिक महत्व

यह बयान ऐसे समय में आया है जब जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विमर्श तेज है। गौरतलब है कि राज ठाकरे ने अभद्र भाषा की निंदा करते हुए भी BJP की ट्रोल संस्कृति को सीधे कठघरे में खड़ा किया — यह संतुलित लेकिन तीखा राजनीतिक संदेश है जो महाराष्ट्र की राजनीति में एमएनएस की स्वतंत्र आवाज़ को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी धार BJP पर है — उन्होंने अभद्र भाषा की निंदा को ढाल बनाकर 12 साल की संगठित ट्रोल संस्कृति को कटघरे में खड़ा किया। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में BJP और एमएनएस के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ रही है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि यह बयान केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि एमएनएस की स्वतंत्र पहचान स्थापित करने का राजनीतिक कदम है। असली सवाल यह है कि क्या BJP इस आलोचना को गंभीरता से लेगी या इसे भी ट्रोल कर दिया जाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज ठाकरे ने पीएम मोदी से क्या अपील की?
राज ठाकरे ने पीएम मोदी से अपील की कि वे अपनी पार्टी के नेताओं और ट्रोल टीम को भी अभद्र भाषा से बाज आने का निर्देश दें। उन्होंने कहा कि 'दूसरों की भी मांएं हैं' और जो मानदंड जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों पर लागू होते हैं, वही BJP समर्थकों पर भी लागू होने चाहिए।
जंतर-मंतर विवाद क्या है जिस पर राज ठाकरे ने बयान दिया?
जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी और उनकी माँ के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस पर पीएम मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर आपत्ति जताई और कहा कि वे उन युवाओं को माफ करते हैं तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न हो।
राज ठाकरे ने BJP की ट्रोल संस्कृति पर क्या कहा?
ठाकरे ने आरोप लगाया कि BJP की ट्रोल टीम महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कई कलाकार डर के मारे बोल नहीं पाते और हर राज्य में ऐसी टीमें बनाई गई हैं।
राज ठाकरे ने यह बयान कहाँ और किस अवसर पर दिया?
यह बयान 1 अगस्त को मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के 20वें स्थापना दिवस समारोह में दिया गया। इसी मंच से उन्होंने अपनी छात्र शाखा को जेन-ज़ी पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझने की भी अपील की।
क्या राज ठाकरे ने जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों का बचाव किया?
नहीं। राज ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि जंतर-मंतर पर इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी और वे इससे 100 फीसदी असहमत हैं। उनका तर्क यह था कि यही मानदंड सभी दलों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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