जंतर-मंतर विवाद: पीएम मोदी ने छात्रों को माफ किया, भाजपा बोली — 'युवा उनके दिल में हैं'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 1 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश की सराहना की, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने खिलाफ अपशब्द कहने वाले युवाओं को सार्वजनिक रूप से माफ कर दिया। नेताओं ने एकमत से कहा कि देशभर के छात्र और युवा प्रधानमंत्री के हृदय में बसते हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
हाल ही में जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश देखा गया और ऐसे युवाओं का सामाजिक बहिष्कार भी शुरू हो गया। इसी बीच, BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने बताया कि एक महिला वकील द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने पर ज़ीरो एफआईआर भी काटी गई।
पीएम मोदी का वीडियो संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से स्पष्ट किया कि वे अपशब्द कहने वाले सभी युवाओं को माफ करते हैं। आरपी सिंह के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा — 'मैं सभी को माफ करता हूँ, जिन्होंने अपशब्द बोले हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हमें इस पीढ़ी को समझाना चाहिए।' प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, परंतु भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी ज़रूरी है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि यह प्रधानमंत्री की उदारता का प्रमाण है। उनके शब्दों में, 'ये हमारे बच्चे हैं। बच्चों से गलतियाँ हो जाती हैं और यह समय है जब हम उन्हें सुधारने का प्रयास करें।'
BJP नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि जो लोग छात्रों को भ्रमित कर उनके कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं, प्रधानमंत्री के वक्तव्यों ने उन्हें विफल किया है। उन्होंने अपशब्दों के प्रयोग को 'निश्चित रूप से निंदनीय' बताया।
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'बेमिसाल' इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने युवाओं की आबादी के अनुपात से भी अधिक कार्य किया है। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और लोकल फॉर वोकल जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा मिली है।
कांग्रेस पर निशाना
खटाना ने आगे कहा कि माफी कांग्रेस को माँगनी चाहिए, क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने युवाओं के आंदोलन में 'आपराधिक और असामाजिक तत्वों' को शामिल किया और इस प्रकार बच्चों के आंदोलन को 'हाईजैक' करने तथा उसे बदनाम करने का प्रयास किया। हालाँकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब छात्र-युवा राजनीति राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में है। प्रधानमंत्री के माफी-संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है और यह देखना बाकी है कि विपक्षी दल इस पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देते हैं।