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जेलेंस्की बातचीत चाहते हैं तो मॉस्को का दरवाज़ा खुला है: क्रेमलिन सहयोगी उशाकोव

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जेलेंस्की बातचीत चाहते हैं तो मॉस्को का दरवाज़ा खुला है: क्रेमलिन सहयोगी उशाकोव

सारांश

क्रेमलिन के सहयोगी उशाकोव ने जेलेंस्की को मॉस्को बुलाया — कहा, पुतिन ने कभी बातचीत से इनकार नहीं किया। लेकिन उसी समय रूस ने यूक्रेन के चार शहरों के ऊर्जा ठिकानों पर हमला भी किया। बातचीत का न्योता और बमबारी — रूसी कूटनीति का यह दोहरा चेहरा इस युद्ध की जटिलता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

यूरी उशाकोव ने 1 नवंबर 2026 को कहा कि जेलेंस्की सच में वार्ता चाहते हैं तो मॉस्को आ सकते हैं।
पुतिन ने कभी जेलेंस्की से बातचीत से इनकार नहीं किया — उशाकोव का दावा।
रूस ने शनिवार रात निप्रो, विन्नित्सिया, जाइटॉमिर और खमेलनित्स्की के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए — जेलेंस्की का आरोप।
जेलेंस्की साझेदार देशों से 10 से 30 एयर डिफेंस मिसाइलें आपातकालीन आधार पर माँगने की योजना में हैं।
31 अक्टूबर को इस्तांबुल में जेलेंस्की ने अमेरिकी मिसाइल उत्पादन में देरी के चलते 'क्रम बदलने' की व्यवस्था का उल्लेख किया।

क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने 1 नवंबर 2026 को कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की यदि वास्तव में शांति वार्ता के इच्छुक हैं, तो वे सीधे मॉस्को आ सकते हैं — और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनसे बात करने को तैयार हैं। उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने कभी भी जेलेंस्की से संवाद से इनकार नहीं किया।

उशाकोव का बयान और पुतिन की तैयारी

रूसी समाचार एजेंसी तास की रिपोर्टों के अनुसार, टीवी चैनल वेस्ती के पत्रकार पावेल जारुबिन को दिए एक इंटरव्यू में उशाकोव ने कहा, 'अगर जेलेंस्की फोन करें, तो पुतिन उनका कॉल उठाएंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति अलग-अलग माध्यमों से संदेश भेज रहे हैं, लेकिन अगर वे 'सच में' बातचीत चाहते हैं, तो मॉस्को में उनका स्वागत है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में सीज़फायर की संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज़ हुई है। गौरतलब है कि 2022 में इस्तांबुल वार्ता के टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है।

जेलेंस्की का रूसी हमलों पर आरोप

दूसरी ओर, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक और रूसी हमले का दावा करते हुए कहा कि रूस जानबूझकर यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात रूस ने निप्रो, विन्नित्सिया, जाइटॉमिर और खमेलनित्स्की में यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था पर हमला किया।

जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन के अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर भी रूस के बड़े हमले लगातार जारी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियाँ नज़दीक हैं और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव पहले से ही अधिक है।

हथियारों की कमी और एयर डिफेंस की माँग

कीव पोस्ट की रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति जेलेंस्की अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से बातचीत करने की योजना बना रहे हैं, ताकि उनके भंडार से 10 से 30 एयर डिफेंस मिसाइलें आपातकालीन तौर पर अस्थायी रूप से हासिल की जा सकें।

31 अक्टूबर को इस्तांबुल में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जेलेंस्की ने 'क्रम बदलने' की एक व्यवस्था का ज़िक्र किया। इसका उद्देश्य सर्दियों से पहले हथियारों की भारी कमी को पूरा करना है, क्योंकि अमेरिकी खरीद कार्यक्रम के तहत मिलने वाली मिसाइलों के उत्पादन में कई साल की देरी हो रही है।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह टकराव वैश्विक कूटनीति के उस नाज़ुक दौर में सामने आया है जब कई पश्चिमी देश यूक्रेन को लेकर अपनी नीतियों पर पुनर्विचार कर रहे हैं। उशाकोव का यह बयान रूस की ओर से एक कूटनीतिक 'सिग्नल' के रूप में देखा जा रहा है, हालाँकि युद्धभूमि पर हमले बदस्तूर जारी हैं।

आलोचकों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर संघर्ष विराम नहीं होता, तब तक बातचीत की कोई भी पहल महज़ कूटनीतिक प्रदर्शन बनकर रह सकती है। दोनों देशों के अगले कदमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या पश्चिम में यूक्रेन समर्थन की थकान का फायदा उठाने की रणनीति। जब तक दोनों पक्ष युद्धविराम की किसी बुनियादी शर्त पर सहमत नहीं होते, मॉस्को का यह 'दरवाज़ा' कूटनीतिक प्रतीकवाद से अधिक कुछ नहीं होगा।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरी उशाकोव ने जेलेंस्की को मॉस्को बुलाने की बात क्यों कही?
क्रेमलिन सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि यदि जेलेंस्की सच में बातचीत चाहते हैं तो वे मॉस्को आ सकते हैं और पुतिन उनसे मिलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुतिन ने कभी भी जेलेंस्की से संवाद से इनकार नहीं किया।
क्या पुतिन जेलेंस्की का फोन उठाएंगे?
उशाकोव के अनुसार, अगर जेलेंस्की फोन करें तो पुतिन उनका कॉल ज़रूर उठाएंगे। हालाँकि यह रूस की आधिकारिक स्थिति है और इसकी पुष्टि किसी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हुई है।
रूस ने यूक्रेन के किन शहरों पर हमला किया?
जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने शनिवार रात निप्रो, विन्नित्सिया, जाइटॉमिर और खमेलनित्स्की में यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बना रहा है।
यूक्रेन एयर डिफेंस मिसाइलें क्यों माँग रहा है?
कीव पोस्ट की रिपोर्टों के अनुसार, जेलेंस्की साझेदार देशों से 10 से 30 एयर डिफेंस मिसाइलें आपातकालीन आधार पर प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी खरीद कार्यक्रम के तहत मिलने वाली मिसाइलों के उत्पादन में कई साल की देरी हो रही है।
रूस-यूक्रेन वार्ता की पिछली कोशिशें कब और कहाँ हुई थीं?
2022 में इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच वार्ता हुई थी, जो बाद में टूट गई थी। तब से कोई औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई है और युद्ध अब तक जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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