चीन में 458 ताइवानी नागरिक लापता या हिरासत में, धार्मिक पहचान बनी निशाने की वजह
सारांश
मुख्य बातें
ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) के आंकड़ों के अनुसार, इस समय 458 ताइवानी नागरिक चीन में या तो लापता हैं, हिरासत में हैं, या उनकी आवाजाही पर किसी न किसी रूप में पाबंदी लगाई गई है। यह आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है जब ताइवान-चीन संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और धार्मिक स्वतंत्रता पर बीजिंग की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ती जा रही है।
आंकड़ों का विवरण
रिपोर्टों के अनुसार, MAC के नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि 175 ताइवानी नागरिक अब तक लापता हैं, जबकि 41 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा चुका है। इनके अलावा, 242 नागरिक अभी भी चीनी अधिकारियों की हिरासत में बंद हैं। ये सभी मामले मिलकर कुल 458 का आंकड़ा बनाते हैं, जो बीते कुछ महीनों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
धार्मिक पहचान बनी निशाने की वजह
प्रभावित नागरिकों में बड़ी संख्या 'आई-कुआन ताओ' (यिगुआनदाओ) के अनुयायियों की है — यह ताइवान की सबसे व्यापक धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसे चीन दशकों से संदेह की नजर से देखता रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन लोगों पर कार्रवाई किसी 'अवैध संगठन' से जुड़े होने के कारण नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक पहचान के कारण की जा रही है।
स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन के महासचिव लुओ वेन-जिया ने बताया कि हाल के चार मामलों में अप्रैल से जुलाई के बीच 'आई-कुआन ताओ' के ताइवानी अनुयायियों को हिरासत में लिया गया। इनमें फुजियान, गुआंगडोंग और शेनझेन में लंबे समय से रह रहे शिक्षक, कारोबारी और सेवानिवृत्त लोग शामिल हैं।
चीन की घरेलू नीति का सीमा पार विस्तार
विश्लेषकों और रिपोर्टों के अनुसार, ये गिरफ्तारियाँ अलग-थलग घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि ये चीन की घरेलू धार्मिक नीतियों के सीमा पार विस्तार का संकेत हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन में धार्मिक व सांस्कृतिक दमन को लेकर पहले भी अनेक रिपोर्टें सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी किसी व्यक्ति की आस्था को वैचारिक रूप से अस्वीकार्य मानती है, तो ताइवानी पासपोर्ट भी उसे कानूनी सुरक्षा नहीं दे पाता।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन में अनुच्छेद 300 के तहत कई मुकदमे चलाए जा रहे हैं, जो 'अंधविश्वास फैलाने वाले संगठनों' से जोड़कर धार्मिक समूहों को निशाना बनाने का कानूनी आधार बनते हैं।
ताइवान की चेतावनी और अपील
लुओ वेन-जिया ने 'आई-कुआन ताओ' के अनुयायियों से ताइवान लौटने की अपील की है और उनके लिए 'रेड अलर्ट' यात्रा सलाह जारी करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे मामले आमतौर पर उन श्रद्धालुओं से जुड़े होते थे जो चीन की छोटी यात्राओं पर जाते थे, लेकिन अब लंबे समय से वहाँ रह रहे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
आगे क्या होगा
MAC के बढ़ते आंकड़े, स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन की चेतावनियाँ और अनुच्छेद 300 के तहत चलाए जा रहे मुकदमे मिलकर एक गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बीजिंग की धार्मिक नीतियों में कोई बदलाव नहीं आता, ताइवानी नागरिकों के लिए चीन यात्रा का जोखिम और बढ़ सकता है।