1 नवंबर 2026
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अमित शाह के बयान पर एनडीए एकजुट: चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर कांग्रेस फैला रही अराजकता

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अमित शाह के बयान पर एनडीए एकजुट: चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर कांग्रेस फैला रही अराजकता

सारांश

रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन रैली पर गृह मंत्री अमित शाह के हमले के बाद एनडीए एकजुट हो गया। कुशवाहा से लेकर रूडी तक — सभी का एक सुर: चुनाव आयोग पर सवाल उठाना संस्थाओं को कमज़ोर करना है और यह अराजकता ही है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन रैली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा — चुनाव आयोग पर सवाल उठाना संस्थाओं को कमज़ोर करता है और देश के लिए नुकसानदेह है।
BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा — संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देना अराजकता है, माहौल कांग्रेस के खिलाफ जा रहा है।
उत्तर प्रदेश मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हिमाचल, पंजाब, कर्नाटक और केरल की जीत पर खुशियाँ मनाईं, लेकिन हार में चुनाव आयोग को दोष दिया।
एनडीए नेताओं ने एकस्वर से अमित शाह के बयान को सही ठहराया।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर उठाए गए सवालों और कांग्रेस व राहुल गांधी पर किए गए तीखे हमले को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तमाम नेताओं ने 1 नवंबर 2026 को एकस्वर से समर्थन दिया। एनडीए नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बेबुनियाद सवाल उठाकर कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बना रही है।

उपेंद्र कुशवाहा की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर सारी बातें पहले ही स्पष्ट हो चुकी हैं, फिर भी इस मुद्दे पर आंदोलन की बात करना संस्थाओं को कमज़ोर करना है और देश के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस विपक्ष में है, आंदोलन करना उसका पूरा अधिकार है, लेकिन किस मुद्दे पर और किस तरह आंदोलन करना है, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।'

राजीव प्रताप रूडी का हमला

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देकर की जाने वाली राजनीति को देश की जनता अराजकता के रूप में ही देखती है। रूडी के अनुसार इस तरह के कदमों से माहौल कांग्रेस के खिलाफ ही बनता जा रहा है।

दयाशंकर सिंह और मनोज कुमार पांडेय के तर्क

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं और विदेशों में जाकर भी देश की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं। उन्होंने गृह मंत्री शाह की नक्सलवाद के खिलाफ सफलता का हवाला देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ उनका अभियान भी सफल होगा।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यही लोग चुनाव आयोग के ज़रिये वर्षों तक सत्ता में रहे और हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक तथा केरल में मिली जीत पर खुशियाँ मनाते हैं, लेकिन हार होने पर चुनाव आयोग पर उंगली उठाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की आड़ लेने वाले लोग आज संविधान का अपमान कर रहे हैं।

संस्थाओं पर हमले का व्यापक संदर्भ

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब इंडी गठबंधन की रैली को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी खेमे में तनातनी बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी रणनीति रही है, परंतु एनडीए नेताओं का तर्क है कि इससे संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम होता है।

आगे क्या होगा

एनडीए का यह एकजुट रुख़ आगामी चुनावी माहौल में विपक्ष को घेरने की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का मुद्दा आने वाले समय में सियासी बहस के केंद्र में बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश है — विपक्ष को 'संस्था-विरोधी' के रूप में परिभाषित करने की कोशिश। विरोधाभास यह है कि खुद सत्तारूढ़ खेमे पर भी न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि 'संस्थाओं की रक्षा' का नारा दोनों पक्ष अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार उठाते हैं। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही का तंत्र कितना पारदर्शी है — और इस बहस को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखना लोकतंत्र के लिए पर्याप्त नहीं है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने इंडी गठबंधन की रैली पर क्या कहा था?
गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश बताया।
एनडीए नेताओं ने अमित शाह के बयान का समर्थन क्यों किया?
एनडीए नेताओं का तर्क है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बेबुनियाद आरोप लगाना अराजकता फैलाना है। उपेंद्र कुशवाहा, राजीव प्रताप रूडी और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों सहित सभी ने कहा कि इससे देश की संस्थाएँ कमज़ोर होती हैं।
मनोज कुमार पांडेय ने वोट चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और केरल में जीत पर खुशियाँ मनाते हैं, लेकिन हार होने पर चुनाव आयोग पर उंगली उठाते हैं। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताया।
दयाशंकर सिंह ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर भारत की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं और लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने गृह मंत्री शाह की नक्सलवाद विरोधी सफलता का उदाहरण देते हुए उनके नशा-विरोधी अभियान को भी सफल बताया।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल उठाने का यह मामला किस संदर्भ में है?
इंडी गठबंधन की रामलीला मैदान रैली के बाद यह विवाद सामने आया है। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, जबकि एनडीए का कहना है कि यह संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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