वंदे भारत स्लीपर: बेंगलुरु-मुंबई रूट पर जल्द शुरुआत, वैष्णव ने दिए संकेत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वंदे भारत स्लीपर: बेंगलुरु-मुंबई रूट पर जल्द शुरुआत, वैष्णव ने दिए संकेत

सारांश

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर अब सिर्फ वादा नहीं — रेल मंत्री वैष्णव ने नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए इसकी जल्द शुरुआत के संकेत दिए। साथ में कर्नाटक के 61 स्टेशनों का ₹2,160 करोड़ से पुनर्विकास और 1,750 किमी नई रेललाइनों का ऐलान — राज्य के रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी छलांग।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 मई 2026 को बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर की जल्द शुरुआत के संकेत दिए।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक के 61 स्टेशनों का ₹2,160 करोड़ से पुनर्विकास; 9 स्टेशन पूरे।
बेंगलुरु कैंटोनमेंट स्टेशन पर ₹485 करोड़ और यशवंतपुर पर ₹367 करोड़ का पुनर्विकास जारी।
2014 से कर्नाटक में 1,750 किमी नई रेलवे लाइनें; हसन-मंगलुरु खंड का विद्युतीकरण पूरा।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल के चारों कॉरिडोर पर काम जारी; केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को हाल ही में मंजूरी।
कर्नाटक में वर्तमान में वंदे भारत की 12 जोड़ियाँ चालू; बेंगलुरु-मंगलुरु पर परीक्षण जारी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 17 मई 2026 को घोषणा की कि बेंगलुरु और मुंबई के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा शीघ्र ही शुरू होने की संभावना है। उन्होंने यह ऐलान बेंगलुरु और मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाने के अवसर पर किया।

मुख्य घोषणाएँ

वैष्णव ने स्पष्ट किया कि दक्षिण और उत्तर कर्नाटक की रेलवे संबंधी लंबित माँगें तेज़ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और बेहतर वित्तीय सहायता के ज़रिए पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'आने वाले समय में जल्द बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर शुरू होने की संभावना है।' उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत का परीक्षण जारी है, जिससे मडगांव तक तटीय रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

कर्नाटक में स्टेशन पुनर्विकास

मंत्री के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक के 61 रेलवे स्टेशनों का ₹2,160 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 9 स्टेशन पहले ही पूरे हो चुके हैं। प्रमुख परियोजनाओं में बेंगलुरु कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन का ₹485 करोड़ और यशवंतपुर स्टेशन का ₹367 करोड़ की लागत से पुनर्विकास शामिल है।

रेलवे विस्तार और विद्युतीकरण

वैष्णव ने बताया कि 2014 से अब तक कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं। चुनौतीपूर्ण हसन-मंगलुरु रेलवे खंड पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में परीक्षण चल रहा है। राज्य में अभी वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियाँ संचालित हो रही हैं।

बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना

बेंगलुरु उपनगरीय रेलवे के चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है। बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और स्टेशन निर्माण जारी है। केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली कॉरिडोर के संरेखण को कर्नाटक सरकार और रेलवे की संयुक्त स्वीकृति मिल चुकी है तथा भू-तकनीकी सर्वेक्षण भी पूरे हो चुके हैं। केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को हाल ही में मंजूरी मिली है और सर्वेक्षण कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।

आम जनता पर असर

यह उपनगरीय रेल नेटवर्क केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल जैसे प्रमुख केंद्रों को जोड़ेगा, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों के शहरी आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा। वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत से बेंगलुरु और मुंबई के बीच रात्रिकालीन यात्रा का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

750 किमी नई लाइनें और 61 स्टेशनों का पुनर्विकास निश्चित रूप से प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन बेंगलुरु उपनगरीय परियोजना वर्षों की देरी झेल चुकी है और अभी भी कई कॉरिडोर सर्वेक्षण चरण में हैं। असली कसौटी यह होगी कि स्लीपर सेवा की शुरुआत और उपनगरीय नेटवर्क का पूर्ण संचालन किस समयसीमा में होता है — घोषणाओं और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को पाटना ही इस पूरे रेल विस्तार की विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर कब शुरू होगी?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 मई 2026 को इस सेवा की 'जल्द' शुरुआत की संभावना जताई है, लेकिन कोई निश्चित तारीख अभी तक घोषित नहीं की गई है। बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत का परीक्षण वर्तमान में जारी है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कर्नाटक में कितने स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है?
कर्नाटक के 61 रेलवे स्टेशनों का ₹2,160 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से 9 स्टेशन पहले ही पूरे हो चुके हैं, जबकि बेंगलुरु कैंटोनमेंट (₹485 करोड़) और यशवंतपुर (₹367 करोड़) पर काम जारी है।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना की मौजूदा स्थिति क्या है?
चारों कॉरिडोर पर काम प्रगति पर है। बैयप्पनहल्ली-चिक्कबनवारा और हीलालिगे-राजनुकुंटे के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। केएसआर बेंगलुरु-देवनहल्ली को संयुक्त स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि केंगेरी-व्हाइटफील्ड कॉरिडोर को हाल ही में मंजूरी मिली है और सर्वेक्षण जल्द शुरू होगा।
कर्नाटक में 2014 के बाद से रेलवे में कितना विकास हुआ है?
2014 से अब तक कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बनाई गई हैं। हसन-मंगलुरु खंड का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और परीक्षण चल रहा है। राज्य में वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनों की 12 जोड़ियाँ संचालित हो रही हैं।
बेंगलुरु उपनगरीय रेल नेटवर्क से किन इलाकों को फायदा होगा?
यह नेटवर्क केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल को जोड़ेगा। इससे बेंगलुरु के लाखों दैनिक यात्रियों के शहरी आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 25 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले