अमृतसर में 5 किलो हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, काउंटर इंटेलिजेंस ने नशा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस, अमृतसर इकाई ने 1 नवंबर 2026 को एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 5 किलो हेरोइन बरामद की। पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए इसे नशे के खिलाफ जारी अभियान की उल्लेखनीय सफलता बताया।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब DGP ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस, अमृतसर ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 5 किलो हेरोइन बरामद की गई है।' इस मामले में अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
तस्करी नेटवर्क का तौर-तरीका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने अज्ञात साथियों से हेरोइन की खेप मँगाते थे और उसे पंजाब के विभिन्न हिस्सों में आगे वितरित करते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और सीमापार से आने वाली हेरोइन को राज्य में आपूर्ति करने का काम कर रहा था। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके बैकवर्ड तथा फॉरवर्ड लिंक की पड़ताल की जा रही है।
जांच की स्थिति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच जारी है, ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों का पता लगाया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और गुरदासपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए हेरोइन की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस अब ड्रोन मूवमेंट पर भी पैनी नजर रख रही है और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके काम कर रही है।
पंजाब पुलिस की प्राथमिकता
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में पंजाब पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मदद से कई बड़े नशा तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए संगठित तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि जांच एजेंसियाँ पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं।