चक्रवात 'अर्नब': मलकानगिरी में 2-4 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद, ओडिशा के 5 जिलों में 84,000 से अधिक प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'अर्नब' के कारण ओडिशा में बाढ़ और भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 2 से 4 नवंबर 2026 के दौरान मलकानगिरी जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान की चेतावनी जारी की गई है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान तीन दिनों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है।
स्कूल-कॉलेज बंद का आदेश: क्या शामिल, क्या नहीं
मलकानगिरी के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा 1 नवंबर 2026 को जारी आदेश के तहत 2 से 4 नवंबर तक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, ओडिशा आदर्श विद्यालय (OAV), उच्च माध्यमिक विद्यालय, डिग्री कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र — सभी बंद रहेंगे। यह बंदी सरकारी और निजी दोनों संस्थाओं पर समान रूप से लागू है।
हालाँकि, शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सामान्य रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला प्रशासन ज़रूरत पड़ने पर इन कर्मचारियों की सेवाएँ राहत और पुनर्वास कार्यों में ले सकता है। संबंधित बोर्ड, परिषद और विश्वविद्यालयों द्वारा पूर्व-निर्धारित परीक्षाएँ यथावत् आयोजित की जाएंगी।
प्रभावित जिले और पीड़ितों की संख्या
राज्य सरकार के अनुसार चक्रवात 'अर्नब' से गंजाम, गजपति, कंधमाल, कोरापुट और रायगढ़ा — पाँच जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें गंजाम सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहाँ 42,564 लोग प्रभावित दर्ज किए गए हैं। गजपति में लगभग 30,000 और कंधमाल में करीब 12,000 लोग इस आपदा की चपेट में हैं।
निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर खोले गए हैं।
नौसेना और तटरक्षक बल का राहत अभियान
भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान ने लगातार दूसरे दिन गंजाम जिले में हवाई राहत अभियान चलाया। सी किंग और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) की मदद से बाढ़ प्रभावित सारा भीमपुर गाँव में करीब 1,800 किलोग्राम राहत सामग्री पहुँचाई गई — जिसमें लगभग 1,400 किलोग्राम खाद्य सामग्री और 400 लीटर पेयजल शामिल था। जलभराव और सड़क संपर्क टूटने के कारण ज़मीनी रास्ते बंद थे, इसलिए हवाई मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा था।
भारतीय तटरक्षक बल ने 29 अक्टूबर को गंजाम जिले में एक बाढ़ग्रस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से छह लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला। बचाए गए लोगों में दो महिलाएँ, दो बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल थे। भुवनेश्वर स्थित तटरक्षक वायु केंद्र से ALH MK-III हेलीकॉप्टर को बचाव दल के साथ रवाना किया गया था। खराब मौसम और विकट परिस्थितियों के बावजूद चालक दल ने डूबे हुए स्वास्थ्य केंद्र का पता लगाकर वहाँ फँसे लोगों को बाहर निकाला।
आम जनता पर असर और प्रशासन की तैयारी
गौरतलब है कि ओडिशा हर साल मानसून और चक्रवाती मौसम में गंभीर बाढ़ की मार झेलता है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब राज्य में राहत तंत्र पहले से सक्रिय है, फिर भी IMD की 2 से 4 नवंबर की चेतावनी ने प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर विवश किया है। मलकानगिरी जैसे आदिवासी-बहुल और भौगोलिक रूप से दुर्गम जिले में आपदा प्रबंधन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहता है, जहाँ बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क जल्दी टूट जाता है।
नौसेना और तटरक्षक बल स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित लोगों तक भोजन और सुरक्षित पेयजल पहुँचाने का अभियान जारी रखे हुए हैं। आने वाले दिनों में तूफान की तीव्रता और दिशा पर निगाहें टिकी हैं।