शाइना एनसी का राहुल गांधी पर पलटवार: '140 करोड़ जनता ने मोदी को तीन बार चुना'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने 1 नवंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें गांधी ने दावा किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते थे। शाइना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की 140 करोड़ जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को एक नहीं, दो नहीं, बल्कि तीन बार चुनकर सत्ता सौंपी है।
राहुल गांधी के बयान पर सीधा हमला
शाइना एनसी ने कहा, '2029 में जब राहुल गांधी चौथी बार हारेंगे तो उन्हें शायद किसी बहाने की ज़रूरत पड़ेगी, इसलिए वे चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर दोष मढ़ रहे हैं।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि गांधी को अपना खुद का रिकॉर्ड देखना चाहिए — 2014 से अब तक वे कथित तौर पर 99 चुनाव हार चुके हैं और 'जल्द ही हार का शतक पूरा कर लेंगे।'
शाइना ने यह भी कहा कि जनता ने राहुल गांधी को कभी स्वीकार नहीं किया और आने वाले समय में भी नहीं करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता और उसकी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।
ममता बनर्जी के राम मंदिर बयान पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर से चंदा लूटा गया। इस पर शाइना एनसी ने पलटकर कहा, 'जो लोग राम मंदिर और आस्था में विश्वास नहीं करते, वे मंदिर को लेकर बड़े-बड़े बयान क्यों दे रहे हैं।'
उन्होंने बनर्जी पर छद्म-धर्मनिरपेक्षता का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में दो समुदायों को फलने-फूलने नहीं दिया और घुसपैठियों को वोट बैंक बनाया। शाइना ने स्पष्ट किया कि 'आज की राजनीति काम और प्रदर्शन पर आधारित है, न कि जाति, पंथ और धर्म पर।'
संविधान की रक्षा पर राहुल के आह्वान को भी नकारा
राहुल गांधी ने किसानों, युवाओं और मज़दूरों को एकजुट होकर संविधान की रक्षा करने की अपील की थी। इस पर शाइना एनसी ने तीखे सवाल उठाए — 'राहुल गांधी पहले यह तय करें कि उनकी असली समस्या संविधान है, ईवीएम है, प्रधानमंत्री हैं, सर्वोच्च न्यायालय है या ज्ञानेश कुमार।'
उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी हर दिन नया नैरेटिव गढ़ते हैं क्योंकि उनके पास न कोई रूपरेखा है और न कोई विजन प्लान। शाइना के अनुसार, विपक्ष की यह बयानबाज़ी आगामी चुनावों में अपेक्षित पराजय की आशंका से उपजी है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन से टकराव की मुद्रा में हैं। शिवसेना-भाजपा-NCP गठबंधन की ओर से शाइना की यह प्रतिक्रिया महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति की सुसंगत राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस वाकयुद्ध के और तीखा होने की संभावना है।