अक्टूबर में रूस के 54,400 सैनिक हताहत: जेलेंस्की का दावा, पुरे युद्ध का एकल माह रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 1 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि अक्टूबर 2026 में यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूसी सेना को युद्ध शुरू होने के बाद से किसी एक महीने में सबसे भारी नुकसान पहुँचाया — 54,400 सैनिक या तो मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। जेलेंस्की के अनुसार, इसी दौरान यूक्रेनी बलों ने 96.2 वर्ग किलोमीटर भूमि पुनः अपने नियंत्रण में ली, जो रूसी बलों द्वारा उसी अवधि में कब्जाए गए क्षेत्र से 10.4 वर्ग किलोमीटर अधिक है।
जेलेंस्की का दावा: एक माह में रिकॉर्ड हताहत
जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अक्टूबर में हमारी यूक्रेनी रक्षा सेनाओं ने दुश्मन को युद्ध में रिकॉर्ड स्तर का नुकसान पहुँचाया और उससे भी ज़्यादा इलाकों को वापस अपने नियंत्रण में लिया, जितना रूसी कब्जा करने वाली सेनाएँ इस दौरान हासिल कर पाईं।' उन्होंने यह भी बताया कि 21 अक्टूबर को एक ही दिन में 2,250 रूसी सैनिक मारे गए या घायल हुए, जो दैनिक हताहत का भी नया रिकॉर्ड है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ये आँकड़े यूक्रेनी सरकार के दावे हैं — स्वतंत्र सत्यापन अभी तक उपलब्ध नहीं है। रूस ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ये 54,400 रूसी सैनिक बिना किसी वजह के मारे गए या अपाहिज हो गए। इतने भारी नुकसान के बावजूद, रूस अपने लक्ष्यों के करीब नहीं पहुँच पाया है। रूस यह युद्ध नहीं जीत रहा है और न ही जीतेगा।' सिबिहा ने इसे 'पुतिन की सनक की कीमत' बताते हुए कहा कि मॉस्को को अब युद्धविराम और कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अपनाना होगा।
भूमि पुनर्प्राप्ति और युद्ध की स्थिति
जेलेंस्की के दावों के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने अक्टूबर में 96.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आजाद कराया, जबकि रूसी बल उसी अवधि में उससे 10.4 वर्ग किलोमीटर कम इलाका ही कब्जा कर सके। उन्होंने अपने सैनिकों — महिला और पुरुष दोनों — को 'इस महत्वपूर्ण उपलब्धि' के लिए धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों में यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता को लेकर बहस तेज हो रही है और युद्ध के तीसरे वर्ष में भी कोई ठोस शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ी है।
शांति की शर्त: रूस पर सामूहिक दबाव
विदेश मंत्री सिबिहा ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने को तैयार है, लेकिन मॉस्को अभी बातचीत के लिए राजी नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'हर मोर्चे पर रूस पर मजबूत सामूहिक दबाव' बनाने की अपील की, ताकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत की मेज पर लाया जा सके।
जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि 'युद्ध का हर दिन आक्रमणकारी पक्ष के लिए और महंगा साबित होता जाएगा।' इन नुकसानों को रोकने का एकमात्र रास्ता — उनके अनुसार — युद्धविराम और कूटनीति है।